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बाढ़ में फसल और कर्ज में डूब रहे किसान

Mon, 25 Oct 2021 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 25 Oct 2021 12:03 AM IST
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Crops in floods and farmers drowning in debt
रामवीर सिंह। - फोटो : BIJNOR
बाढ़ में फसल और कर्ज में डूब रहे किसान
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बढ़ापुर। बिन मौसम की बारिश तो खत्म हो गई, लेकिन किसानों को फसलों के नुकसान के रूप में जो घाव दे गई वे अब भी नहीं भरे हैं। नदियों में आई बाढ़ से खेतों में पानी अब भी भरा है। इस बार धान के दाम अच्छे थे तो बाढ़ और बारिश से फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। उधर, कर्ज लेकर फसल से उम्मीद लगाने वाले किसान और ज्यादा परेशान हैं। किसानों की धान, उड़द, मूंगफली व तिलहन की फसल के साथ सर्वाधिक नुकसान तैयार होने पर खेतों पर कटी पड़ी फसलों का हुआ है। ग्राम शाहलीपुर कोटरा, अनूपनगर, जहानाबाद, चिलकिया, कोटजवाना, सरदारपुर छायली व रायपुर गढ़ी में बारिश के पानी ने फसलों में भयंकर तबाही मचायी है।
पत्नी के जेवर गिरवी रखे और उगाई थी फसल : मनोज
सरदारपुर छायली निवासी मनोज कुमार ने दृष्टि समस्या के चलते नेत्र चिकित्सक की सलाह पर दर्जी का काम छोड़ दिया और पूरनवाला में 21 बीघा जमीन ठेके पर लेकर धान, उड़द, तिलहन व मूंगफली की फसल लगाई। मनोज ने बताया कि पत्नी के जेवर गिरवी रखकर और कई लोगों से उधार लेकर फसल बोई। फसल भी खेतों में शानदार लहराई, लेकिन गरीबी में आटा गीला होने की कहावत भी मनोज कुमार पर चरितार्थ हुई। लहलहाती धान, उड़द, तिलहन व मूंगफली की फसल पर अब बारिश ने पानी फेर दिया है। बारिश और खेत के पास बह रही ऊनी नदी के पानी ने उसके मूंगफली के आठ बीघा फसल नष्ट कर दी। कटी हुई तिलहन व धान की फसल और तीन बीघा उड़द की फसल नदी का पानी अपने साथ बहा ले गया। 21 बीघा में केवल दो बीघा धान की फसल ही बची है। किसान मनोज का कहना है कि उसको करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
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बर्बाद हो गई बटाईदार बृजेश की धान और मूंगफली
मोहल्ला सत्तियान निवासी बृजेश कुमार सैनी ने कोटजवाना में एक किसान की जमीन फसल बटाई पर लेकर उधार की लागत से धान व मूंगफली की फसल लगाई थी। दो दिन की बारिश व पास में बहने वाली पहाड़ा नदी के पानी के खेतों में घुस जाने पर उसकी छह बीघा मूंगफली की फसल नदी के रेत व पांग में दबकर नष्ट हो गई। कटी पड़ी धान की सात बीघा फसल को नदी का पानी बहा ले गया। कुछ शेष बची धान की फसल भीगने पर गलकर नष्ट हो गई। बृजेश कुमार सैनी का कहना है कि फसलों को बेचकर उनका हिसाब चुकाना था। बारिश ने उसके और उसके परिवार के अरमानों पर पानी फेरा है।
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आठ बीघा धान की फसल हो गई खराब
रायपुर गढ़ी निवासी सुधीर कुमार की खेत पर कटी पड़ी धान की आठ बीघा फसल बारिश में भीगकर नष्ट हो गई। ग्राम शाहलीपुर कोटरा के रामवीर सिंह व उनके परिवार की संयुक्त खेती की करीब 30 बीघा धान की फसल पानी की भेंट चढ़ गई। इसी गांव के प्रताप सिंह की छह बीघा धान की फसल नष्ट हुई। वे बताते हैं तैयार फसल को गलता देखकर आंखों से आंसू नहीं रुकते हैं। अब तो सरकार को ही उनकी कुछ आर्थिक मदद करनी होगी।

मनोज कुमार।

मनोज कुमार।- फोटो : BIJNOR

बृजेश सैनी।

बृजेश सैनी।- फोटो : BIJNOR

सुधीर कुमार।

सुधीर कुमार।- फोटो : BIJNOR

प्रताप सिंह।

प्रताप सिंह।- फोटो : BIJNOR

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