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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Doctors found a bullet lodged in the chest in bijnor

चिकित्सकों को सीने में फंसी मिली गोली

Sun, 12 Feb 2017 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Sun, 12 Feb 2017 12:36 AM IST
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बिजनौर में गांव कछपुरा गोली कांड में मृत विशाल का कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पोस्टमार्टम हुआ। मृतक के को तीन गोली लगी थी। दो गोली शरीर के पार निकल गई, जबकि चिकित्सकों को तीसरी गोली उसके सीने में फंसी मिली।
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शुक्रवार शाम गांव कछपुरा निवासी संजय व उसके पुत्र विशाल पर कातिलाना हमला किया गया था। इसमें विशाल की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि संजय को गंभीर हालत में इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह चिकित्सकों की टीम ने मृतक विशाल का पोस्टमार्टम किया। चिकित्सकों के अनुसार मृतक विशाल की पीठ के बाई ओर से दो गोली कोख में होकर पार निकली है, जबकि तीसरी सीने में फंसी मिली है। मृतक की दोनों जांघों पर चाकुओं के निशान थे। पोस्टमार्टम के दौरान ग्राम वासियों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पुलिस का पुख्ता इंतजाम किया था। पोस्टमार्टम हाउस पर पुलिस व आरएएफ के जवान भारी संख्या में मौजूद थे। 
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नेताओं का लगा रहा जमावड़ा
मृतक विशाल के पोस्टमार्टम के दौरान राजनेताओं का जमावड़ा रहा। बिजनौर से भाजपा सांसद भारतेंद्र सिंह, रालोद प्रत्याशी राहुल सिंह, भाजपा के जिलाध्यक्ष राजीव सिसौदिया, मधु सिंह आदि मौजूद रहे। इसके अलावा अन्य नेताओं का आनाजाना लगा रहा। 
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महिलाओं ने नेताओं को सुनाई खरीखोटी
मृतक विशाल के परिवार की महिलाएं पोस्टमार्टम पर मौजूद राजनीतिक दल के नेताओं को देखकर उन पर गुस्से में बरस पड़ी। महिलाओं ने नेताओं से कहा कि उनका बच्चा मरा पड़ा है ओर नेता यहां आकर अपनी राजनीति करने लगे। उन्होंने नेताओं से कहा कि अच्छा है कि वह यहां से चले जाए। 

मौके पर मौजूद रहे एसपी सिटी व देहात
मृतक विशाल का पोस्टमार्टम होने के बाद करीब डेढ़ बजे जब परिजन शव ले जाने लगे तो वहां एसपी सिटी एमएम बेग व एसपी देहात डॉ.धर्मवीर सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। 

पुत्र का चेहरा देख रो पड़ा पिता
मृतक विशाल के शव को परिवार के लोग अस्पताल में भर्ती उसके पिता को दिखाने के लिए ले गए। मृतक का पिता संजय अपने पुत्र का अंतिम बार चेहरा देखकर बिलख बिलख रो पड़ा। गांव वासियों ने उसका धीरज बंधाया। इसके बाद ग्रामीण अस्पताल के दूसरे गेट से मंडावर रोड की ओर ले गए।

ट्रैक्टर के आगे लेटे युवक
मृतक विशाल का शव जब अस्पताल के गेट के बाहर  पहुंचा तो गांव के कुछ युवकों ने शव को जजी चौराहे की ओर ले जाने की जिद की और वह ट्रैक्टर के आगे लेट गए। पुलिस ने सड़क पर लाठियां फटकार कर युवकों को ट्रैक्टर के सामने से हटाया व शव को कड़ी पुलिस सुरक्षा में मंडावर रोड की ओर भेजा। 


प्रत्याशी के खिलाफ हुई नारेबाजी
मृतक विशाल के शव को जब परिजन ट्रैक्टर ट्राली से लेकर अस्पताल से निकल रहे थे तो उस पर सवार एक प्रत्याशी मौजूद थे। ग्राम वासियों ने ट्रैक्टर को जजी की ओर ले चलने की बात कही। आरोप है कि ट्रैक्टर पर बैठे प्रत्याशी ने पुलिस से मिलकर ट्रैैक्टर को मंडावर की ओर मुड़वा दिया। इससे नाराज ग्राम वासियों ने प्रत्याशी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
 
सबसे छोटा था विशाल
मृतक विशाल तीन भाई बहनों में सबसे छोटा था। विशाल का सबसे बड़ा भाई बंगलूरू में रहकर पढ़ता है। जबकि उसकी बड़ी बहन बिजनौर के एक कॉलेज में पढ़ती है।
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