बिजनौर खालिक हत्याकांड: अदालत ने दो को सुनाई उम्रकैद की सजा, 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
Bijnor Khaliq Murder Case : बिजनौर में अदालत ने खालिक हत्याकांड में नौशाद एवं रियासत को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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बिजनौर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी कोर्ट नंबर-2 श्रेय शुक्ला ने खालिक हत्याकांड में दोषी पाते हुए नौशाद एवं रियासत को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार, दिनोड़ा निवासी आबिद व उसका भाई अब्दुल खालिक देहरादून में रहकर पुताई का काम करते थे। उनका परिवार बिजनौर के गांव दिनोड़ा में रहता था। खालिक 25 मई 2016 को देहरादून में चार बजे अपने किराये के मकान से घर के लिए निकला था। देर रात को खालिक घर नहीं आया। खालिक की मोटरसाइकिल हजामत अली के यहां खड़ी थी। भाई का मोबाइल स्विच ऑफ था।
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इसके बाद आबिद ने अपने भाई खालिक की गुमशुदगी की रिपोर्ट देहरादून में दर्ज कराई। खालिक का शव थाना किरतपुर क्षेत्र के गांव तहरपुर सबलपुर बितरा मार्ग के पास मिला था। शव को 28 मई 2016 को वहां डाला गया था। इसके बाद आबिद ने उसकी रिपोर्ट थाना किरतपुर में भी दर्ज कराई। पुलिस विवेचना में पता चला कि खालिक की हत्या नौशाद एवं रियासत ने की थी और उसका शव छुपाने के लिए जंगल में डाला था।
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इस मामले में पुलिस ने इन दोनों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने नौशाद एवं रियासत को दोषी पाते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।