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आदित्य की राह पर चला 25 हजार का इनामी शुभम
Updated Fri, 05 Oct 2018 11:20 PM IST
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आदित्य की राह पर चला इनामी शुभम
बिजनौर। मेरठ जेल में बंद शातिर अपराधी आदित्य की राह पर जिले का 25 हजार का इनामी बदमाश शुभम भी चल पड़ा है। शुभम ने लूट की ताबड़तोड़ घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस की नींद उड़ा दी थी। पुलिस ने शुभम को दबोचने के लिए जिले भर में जाल बिछा रखा है। पर वह पुलिस के हाथ नहीं चढ़ा है।
स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव राना नंगला निवासी कुख्यात आदित्य ने ताबड़तोड़ घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस की नींद उड़ा रखी थी। आदित्य पर एक लाख रुपये का इनाम था। आदित्य के कोर्ट में सरेंडर करने के बाद पुलिस को राहत मिली। इसी गैंग के बाकी सदस्य भी पुलिस ने दबोच लिए थे। बिजनौर के राम बाग घेर निवासी शुभम बिजनौर जेल में रहने के दौरान आदित्य के संपर्क में आया। आदित्य के गैंग से शुभम जुड़ गया। शुभम छोटी मोटी घटनाओं को अंजाम देता रहा और पुलिस के निशाने पर नहीं आया। लेकिन अब ताबड़तोड़ घटनाओं को अंजाम देकर शुभम ने पुलिस की नींद उड़ा रखी है।
बृहस्पतिवार को शुभम ने हल्दौर क्षेत्र में दो और हीमपुर क्षेत्र में लूट की एक घटना को अंजाम दिया। एसपी उमेश कुमार सिंह ने शुभम पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। शुभम ज्यादातर संपर्क मार्गों को निशाना बना रहा था। शुभम के साथ हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव कुम्हारपुरा निवासी मोहित भी शामिल है। पुलिस की माने तो शुभम ने जिले में अपना अलग गैंग खड़ा कर लिया है। मोहित के अलावा कई बदमाश उसके गैंग से जुड़े हैं। छोटी उम्र में ही शुभम ने जरायम की दुनिया में कदम रखा था। उसका पिता भी पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर है। जिले भर की पुलिस ने शुभम को दबोचने के लिए जाल बिछा रखा है। पर शुभम पुलिस के फंदे में नहीं आ रहा है। पुलिस को डर है कि शुभम अपने गैंग के साथ कहीं बड़ी घटना को अंजाम न दे दे। पुलिस ने शुभम का पता लगाने के लिए उसके कई साथी और पिता को हिरासत में ले लिया है। पुलिस मान रही है कि शुभम दहशत फैलाने के लिए घटनाओं को अंजाम दे रहा था। उसका मकसद जरायम की दुनिया में नाम कमाना है। एसपी उमेश कुमार सिंह के मुताबिक शुभम और उसके साथी मोहित को दबोचने के लिए पुलिस की कई टीम लगाई हैं। शुभम पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया है।
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शुभम पर भी नहीं रखता मोबाइल
आदित्य की तरह शुभम भी अपने पास कोई मोबाइल नहीं रखता है। बिना मोबाइल रखे ही वह घटनाओं को अंजाम दे रहा था। आदित्य भी अपने पास मोबाइल नहीं रखता था। इसलिए वह पकड़ में नहीं आ रहा। अब शुभम भी इस राह पर चल पड़ा है।
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बिजनौर। मेरठ जेल में बंद शातिर अपराधी आदित्य की राह पर जिले का 25 हजार का इनामी बदमाश शुभम भी चल पड़ा है। शुभम ने लूट की ताबड़तोड़ घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस की नींद उड़ा दी थी। पुलिस ने शुभम को दबोचने के लिए जिले भर में जाल बिछा रखा है। पर वह पुलिस के हाथ नहीं चढ़ा है।
स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव राना नंगला निवासी कुख्यात आदित्य ने ताबड़तोड़ घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस की नींद उड़ा रखी थी। आदित्य पर एक लाख रुपये का इनाम था। आदित्य के कोर्ट में सरेंडर करने के बाद पुलिस को राहत मिली। इसी गैंग के बाकी सदस्य भी पुलिस ने दबोच लिए थे। बिजनौर के राम बाग घेर निवासी शुभम बिजनौर जेल में रहने के दौरान आदित्य के संपर्क में आया। आदित्य के गैंग से शुभम जुड़ गया। शुभम छोटी मोटी घटनाओं को अंजाम देता रहा और पुलिस के निशाने पर नहीं आया। लेकिन अब ताबड़तोड़ घटनाओं को अंजाम देकर शुभम ने पुलिस की नींद उड़ा रखी है।
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बृहस्पतिवार को शुभम ने हल्दौर क्षेत्र में दो और हीमपुर क्षेत्र में लूट की एक घटना को अंजाम दिया। एसपी उमेश कुमार सिंह ने शुभम पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। शुभम ज्यादातर संपर्क मार्गों को निशाना बना रहा था। शुभम के साथ हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव कुम्हारपुरा निवासी मोहित भी शामिल है। पुलिस की माने तो शुभम ने जिले में अपना अलग गैंग खड़ा कर लिया है। मोहित के अलावा कई बदमाश उसके गैंग से जुड़े हैं। छोटी उम्र में ही शुभम ने जरायम की दुनिया में कदम रखा था। उसका पिता भी पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर है। जिले भर की पुलिस ने शुभम को दबोचने के लिए जाल बिछा रखा है। पर शुभम पुलिस के फंदे में नहीं आ रहा है। पुलिस को डर है कि शुभम अपने गैंग के साथ कहीं बड़ी घटना को अंजाम न दे दे। पुलिस ने शुभम का पता लगाने के लिए उसके कई साथी और पिता को हिरासत में ले लिया है। पुलिस मान रही है कि शुभम दहशत फैलाने के लिए घटनाओं को अंजाम दे रहा था। उसका मकसद जरायम की दुनिया में नाम कमाना है। एसपी उमेश कुमार सिंह के मुताबिक शुभम और उसके साथी मोहित को दबोचने के लिए पुलिस की कई टीम लगाई हैं। शुभम पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया है।
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शुभम पर भी नहीं रखता मोबाइल
आदित्य की तरह शुभम भी अपने पास कोई मोबाइल नहीं रखता है। बिना मोबाइल रखे ही वह घटनाओं को अंजाम दे रहा था। आदित्य भी अपने पास मोबाइल नहीं रखता था। इसलिए वह पकड़ में नहीं आ रहा। अब शुभम भी इस राह पर चल पड़ा है।