{"_id":"599f0b534f1c1bbe448b45f6","slug":"61503595347-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैर इरादतन हत्या में सात साल का कारावास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गैर इरादतन हत्या में सात साल का कारावास
Updated Thu, 24 Aug 2017 10:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर। एडीजे संदीप जैन ने गैर इरादतन हत्या के मामले में आरोपी बीर सिंह को सात वर्ष के कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता गंगाराम के अनुसार थाना हीमपुर के ग्राम रौनिया में 27 फरवरी 2012 की रात करीब आठ बजे रामपाल को सिलाई की दुकान पर बैठाने को लेकर गांव के ही वीर सिंह, जय सिंह, सुनील व सूरज की गांव के ही विजेंद्र के परिजनों से कहासुनी व मारपीट कर रहे थे। गांव का जोगराम सिंह चौकीदार होने के नाते फैसला कराने के लिए मौके पर पहुंचे। गांव के वीर सिंह ने बीच बचाव कराने आए जोगराम सिंह के सिर में डंडा मार दिया। मारपीट के दौरान हीमपुर पुलिस भी मौैके पर पहुंच गई। पुलिस गंभीर घायल जोगराम व घायल विजेंद्र व उसके परिजनों भूपेंद्र, बबलू, हेमलता, धर्मपाल को इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे। गंभीर घायल जोगराम सिंह की रास्ते में मौत हो गई। इस घटना की रिपोर्ट जोगराम के पुत्र लटूर सिंह ने दर्ज कराई थी। अदालत ने इस मामले में सिर्फ वीर सिंह उर्फ वीरू को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। इसके अलावा वीर सिंह उर्फ वीरू व उसके साथी जय सिंह, सूरज व सुनील को मारपीट में तीन-तीन वर्ष के कारावास व 11-11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
शासकीय अधिवक्ता गंगाराम के अनुसार थाना हीमपुर के ग्राम रौनिया में 27 फरवरी 2012 की रात करीब आठ बजे रामपाल को सिलाई की दुकान पर बैठाने को लेकर गांव के ही वीर सिंह, जय सिंह, सुनील व सूरज की गांव के ही विजेंद्र के परिजनों से कहासुनी व मारपीट कर रहे थे। गांव का जोगराम सिंह चौकीदार होने के नाते फैसला कराने के लिए मौके पर पहुंचे। गांव के वीर सिंह ने बीच बचाव कराने आए जोगराम सिंह के सिर में डंडा मार दिया। मारपीट के दौरान हीमपुर पुलिस भी मौैके पर पहुंच गई। पुलिस गंभीर घायल जोगराम व घायल विजेंद्र व उसके परिजनों भूपेंद्र, बबलू, हेमलता, धर्मपाल को इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे। गंभीर घायल जोगराम सिंह की रास्ते में मौत हो गई। इस घटना की रिपोर्ट जोगराम के पुत्र लटूर सिंह ने दर्ज कराई थी। अदालत ने इस मामले में सिर्फ वीर सिंह उर्फ वीरू को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। इसके अलावा वीर सिंह उर्फ वीरू व उसके साथी जय सिंह, सूरज व सुनील को मारपीट में तीन-तीन वर्ष के कारावास व 11-11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।