{"_id":"5d165c028ebc3e3c80471883","slug":"156174641411-bijnor-news36","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो नर्सिंग होम संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
दो नर्सिंग होम संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर। कोतवाली देहात में झोलाछाप के ऑपरेशन के हुई प्रसव पीड़िता की मौत के बाद जिले का स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया है। इसके बाद क्वेक्स के नोडल अधिकारी की ओर से इस मामले में आरोपी शान नर्सिंग होम के संचालक डा. शान और अवैध रूप से नर्सिंग होम चलाने के मामले में अलका नर्सिंग होम संचालक डा. विशाल चौधरी के खिलाफ कोतवाली देहात थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
क्वेक्स के नोडल अधिकारी डा. रोहताश कुमार के अनुसार उन्होंने कोतवाली देहात में बिजनौर रोड स्थित अलका नर्सिंग होम तथा शान नर्सिंग होम पर छापेमारी की। इस दौरान दोनों नर्सिंग होम में ऑपरेशन थियेटर में उपकरण के अलावा प्रचुर मात्रा में एलोपैथी औषधियों का भंडारण मिला। निरीक्षण के दौरान नर्सिंग होम पर किसी भी मरीज के इलाज से संबंधित पंजीकरण और नर्सिंग होम चलाने संबंधी कोई भी अभिलेख नहीं मिला। वहां पर बायोवेस्ट, अग्निशमन आदि प्रमाण पत्र डा. शान द्वारा नहीं दिखाए गए। इसके बावजूद शान नर्सिंग होम पर एक प्रसूता मिली। उसका बड़े ऑपरेशन से प्रसव कराया गया। नोडल अधिकारी के मुताबिक डा. शान ने बताया कि चिकित्सकीय एवं ऑपरेशन आदि कार्य एमबीबीएस डा. दीपक कुमार करते हैं। इस डा. शान को नोटिस दिया गया। निर्धारित तिथि के बाद भी डा. शान ने कोई प्रमाण मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में आकर नहीं दिखाया। अलका नर्सिंग होम के स्वामी डा. विशाल चौधरी ने भी अपने नर्सिंग होम चलाने संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं दिखाए। डा. रोहताश कुमार के अनुसार दोनों नर्सिंग होम संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
विज्ञापन
क्वेक्स के नोडल अधिकारी डा. रोहताश कुमार के अनुसार उन्होंने कोतवाली देहात में बिजनौर रोड स्थित अलका नर्सिंग होम तथा शान नर्सिंग होम पर छापेमारी की। इस दौरान दोनों नर्सिंग होम में ऑपरेशन थियेटर में उपकरण के अलावा प्रचुर मात्रा में एलोपैथी औषधियों का भंडारण मिला। निरीक्षण के दौरान नर्सिंग होम पर किसी भी मरीज के इलाज से संबंधित पंजीकरण और नर्सिंग होम चलाने संबंधी कोई भी अभिलेख नहीं मिला। वहां पर बायोवेस्ट, अग्निशमन आदि प्रमाण पत्र डा. शान द्वारा नहीं दिखाए गए। इसके बावजूद शान नर्सिंग होम पर एक प्रसूता मिली। उसका बड़े ऑपरेशन से प्रसव कराया गया। नोडल अधिकारी के मुताबिक डा. शान ने बताया कि चिकित्सकीय एवं ऑपरेशन आदि कार्य एमबीबीएस डा. दीपक कुमार करते हैं। इस डा. शान को नोटिस दिया गया। निर्धारित तिथि के बाद भी डा. शान ने कोई प्रमाण मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में आकर नहीं दिखाया। अलका नर्सिंग होम के स्वामी डा. विशाल चौधरी ने भी अपने नर्सिंग होम चलाने संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं दिखाए। डा. रोहताश कुमार के अनुसार दोनों नर्सिंग होम संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
विज्ञापन