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हाथी की हत्या के बाद अब कार्बेट मे ड्रोन उड़ता मिलने पर वन व पुलिस सतर्क
Updated Thu, 29 Mar 2018 10:11 PM IST
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कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों व वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने गश्त तेज कर दी है।
वहीं पाखरो रेंज के वनों में हाथी की हत्या के बाद अब बिजरानी के वनों में प्राइवेट रूप से ड्रोन उड़ाने का मामला सामने आया है। पुलिस अधिकारियों ने बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर पुलिस एक्ट में कार्रवाई करने की बात कही है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वन व वन्यजीव लकड़ी माफिया और वन्यजीव तस्करों, बावरिया आदि के निशाने पर रहते हैं। वन विभाग समय समय पर अलर्ट जारी कर वनों में सुरक्षा का दावा करता रहता है। राज्य की सीमा से लगे बिजनौर जनपद के नजीबाबाद, नगीना व अमानगढ़ के वन कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों से सटे हैं। ऐसे में यदि कहीं कोई वारदात हो जाती है, तो गश्त तेज करने के दावे किए जाते हैं। अभी मोरघाटी व पाखरो रेंज के इलाके से सटे बिजनौर के जंगलों में हाथी को मार कर उसके दांत निकाले के मामले की जांच शुरू ही हुई थी कि अब बिजरानी के वनों में गश्ती दलों ने एक ड्रोन को बरामद किया। वन विभाग के रिकार्ड के अनुसार किसी आईटी प्रोफेसर ने उसे उड़ाया था। वन विभाग ने ड्रोन बरामद कर सीज कर दिया। प्रोफेसर पर जुर्माना किया गया।
बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर होगी कार्रवाई
सीओ जोधराम जोशी का कहना है कि वनों में वन विभाग की अनुमति के बिना व सिविल क्षेत्र में पुलिस विभाग की अनुमति के बिना ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी है। पुलिस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
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सीमा पर गश्ती दल सतर्क
कालागढ़ टाइगर रिजर्व के डीएफओ एके त्रिपाठी का कहना है कि हाथी की हत्या के बाद से ही सीमा पर सशस्त्र गश्त जारी है। उत्तर प्रदेश के वन विभाग के अधिकारी भी सहयोग कर रहे है। सीसी टीवी कैमरे से भी निगरानी की जा रही है।
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वहीं पाखरो रेंज के वनों में हाथी की हत्या के बाद अब बिजरानी के वनों में प्राइवेट रूप से ड्रोन उड़ाने का मामला सामने आया है। पुलिस अधिकारियों ने बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर पुलिस एक्ट में कार्रवाई करने की बात कही है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वन व वन्यजीव लकड़ी माफिया और वन्यजीव तस्करों, बावरिया आदि के निशाने पर रहते हैं। वन विभाग समय समय पर अलर्ट जारी कर वनों में सुरक्षा का दावा करता रहता है। राज्य की सीमा से लगे बिजनौर जनपद के नजीबाबाद, नगीना व अमानगढ़ के वन कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों से सटे हैं। ऐसे में यदि कहीं कोई वारदात हो जाती है, तो गश्त तेज करने के दावे किए जाते हैं। अभी मोरघाटी व पाखरो रेंज के इलाके से सटे बिजनौर के जंगलों में हाथी को मार कर उसके दांत निकाले के मामले की जांच शुरू ही हुई थी कि अब बिजरानी के वनों में गश्ती दलों ने एक ड्रोन को बरामद किया। वन विभाग के रिकार्ड के अनुसार किसी आईटी प्रोफेसर ने उसे उड़ाया था। वन विभाग ने ड्रोन बरामद कर सीज कर दिया। प्रोफेसर पर जुर्माना किया गया।
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बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर होगी कार्रवाई
सीओ जोधराम जोशी का कहना है कि वनों में वन विभाग की अनुमति के बिना व सिविल क्षेत्र में पुलिस विभाग की अनुमति के बिना ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी है। पुलिस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
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सीमा पर गश्ती दल सतर्क
कालागढ़ टाइगर रिजर्व के डीएफओ एके त्रिपाठी का कहना है कि हाथी की हत्या के बाद से ही सीमा पर सशस्त्र गश्त जारी है। उत्तर प्रदेश के वन विभाग के अधिकारी भी सहयोग कर रहे है। सीसी टीवी कैमरे से भी निगरानी की जा रही है।