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रिपोर्ट दर्ज होने के बाद छुट्टी पर गए घोटाले के आरोपी
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:26 AM IST
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रिपोर्ट दर्ज होने के बाद छुट्टी पर गए घोटाले के आरोपी
बिजनौर। जिला सहकारी बैंक लिमिटेड में करीब पौने दो करोड़ रुपये के घोटाले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सभी नामजद बैंक प्रबंधक व कैशियर छुट्टी पर चले गए हैं। घोटाले की राशि की रिकवरी इनसे करने के लिए संयुक्त निबंधक सहकारिता ने आदेश जारी कर दिए हैं। रिपोर्ट दर्ज होने व रिकवरी के आदेश के बाद नामजद आरोपियों में हड़कंप मचा हुआ है।
अनुपम योजना के अंतर्गत किसानों को भैंसा बुग्गी खरीदने के लिए 20 हजार रुपये का ऋण बांटा जाता था। ऋण लेने वाले किसानों को दस हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती थी। योजना में 2009 में जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों ने लिमिटेड ने बिना ऋण दिए ही इन किसानों को सब्सिडी खातों में भेज दी गई। इस मामले में बैंक की पांच शाखाओं बास्टा, चकराजमल, स्योहारा, बूढ़नपुर व ताजपुर में घोटाला सामने आया था। 1738 किसानों को बिना ऋण लिए ही 1.73 करोड़ रुपये की सब्सिडी खातों में भेज दी गई। इस मामले में बैंक प्रबंधकों व कैशियर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कुल 18 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है व चार आरोपी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपियों में हड़कंप मच गया है। बैंकों में अब भी कार्यरत आरोपी छुट्टी पर चले गए हैं। इनसे घोटाले की रकम की वसूली के लिए शासन भी सख्त हो गया है। संयुक्त निबंधक सहकारिता ने आयुक्त निबंधक सहकारिता को आरोपियों से घोटाले की रकम की वसूली के आदेश दिए हैं। सात सितंबर को होने वाली बोर्ड की बैठक में आरोपियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बैंक महाप्रबंधक अनूप कुमार ने इसकी पुष्टि की है।
अनुपम योजना में घोटाला साल 2014 में पकड़ में आ गया था, लेकिन तब बैंक बोर्ड ने घोटाले में कार्रवाई के लिए कुछ नहीं किया। इसकी शिकायत लोकायुक्त के यहां की गई। लोकायुक्त कार्यालय के आदेश पर अब कार्रवाई की जा रही है।
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ये हैं आरोपी
शाखा प्रबंधक राजकुमार, रविराज, अपूर्व दीक्षित, रोहित कुमार, रोहिताश सिंह (सेवानिवृत्त), योगेंद्रपाल सिंह, रमेशचंद्र शर्मा, नीरज शर्मा(शाखा प्रबंधक), कैशियर जयचंद, राजेंद्र कुमार, मानवेंद्र सिंह(मृतक), आशीष कुमार(सेवानिवृत्त), आशुतोष, अवधेश, गजेंद्र शर्मा, होम सिंह(सेवानिवृत्त), महेंद्र सिंह (सेवानिवृत्त) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
अजीत चौधरी
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बिजनौर। जिला सहकारी बैंक लिमिटेड में करीब पौने दो करोड़ रुपये के घोटाले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सभी नामजद बैंक प्रबंधक व कैशियर छुट्टी पर चले गए हैं। घोटाले की राशि की रिकवरी इनसे करने के लिए संयुक्त निबंधक सहकारिता ने आदेश जारी कर दिए हैं। रिपोर्ट दर्ज होने व रिकवरी के आदेश के बाद नामजद आरोपियों में हड़कंप मचा हुआ है।
अनुपम योजना के अंतर्गत किसानों को भैंसा बुग्गी खरीदने के लिए 20 हजार रुपये का ऋण बांटा जाता था। ऋण लेने वाले किसानों को दस हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती थी। योजना में 2009 में जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों ने लिमिटेड ने बिना ऋण दिए ही इन किसानों को सब्सिडी खातों में भेज दी गई। इस मामले में बैंक की पांच शाखाओं बास्टा, चकराजमल, स्योहारा, बूढ़नपुर व ताजपुर में घोटाला सामने आया था। 1738 किसानों को बिना ऋण लिए ही 1.73 करोड़ रुपये की सब्सिडी खातों में भेज दी गई। इस मामले में बैंक प्रबंधकों व कैशियर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कुल 18 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है व चार आरोपी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपियों में हड़कंप मच गया है। बैंकों में अब भी कार्यरत आरोपी छुट्टी पर चले गए हैं। इनसे घोटाले की रकम की वसूली के लिए शासन भी सख्त हो गया है। संयुक्त निबंधक सहकारिता ने आयुक्त निबंधक सहकारिता को आरोपियों से घोटाले की रकम की वसूली के आदेश दिए हैं। सात सितंबर को होने वाली बोर्ड की बैठक में आरोपियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बैंक महाप्रबंधक अनूप कुमार ने इसकी पुष्टि की है।
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अनुपम योजना में घोटाला साल 2014 में पकड़ में आ गया था, लेकिन तब बैंक बोर्ड ने घोटाले में कार्रवाई के लिए कुछ नहीं किया। इसकी शिकायत लोकायुक्त के यहां की गई। लोकायुक्त कार्यालय के आदेश पर अब कार्रवाई की जा रही है।
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ये हैं आरोपी
शाखा प्रबंधक राजकुमार, रविराज, अपूर्व दीक्षित, रोहित कुमार, रोहिताश सिंह (सेवानिवृत्त), योगेंद्रपाल सिंह, रमेशचंद्र शर्मा, नीरज शर्मा(शाखा प्रबंधक), कैशियर जयचंद, राजेंद्र कुमार, मानवेंद्र सिंह(मृतक), आशीष कुमार(सेवानिवृत्त), आशुतोष, अवधेश, गजेंद्र शर्मा, होम सिंह(सेवानिवृत्त), महेंद्र सिंह (सेवानिवृत्त) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
अजीत चौधरी