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प्रसव केस बढ़ाने को लेकर नोकझोंक

Sun, 19 Sep 2021 11:20 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 19 Sep 2021 11:20 PM IST
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Controversy over increasing delivery case
प्रसव केस बढ़ाने को लेकर नोकझोंक
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नजीबाबाद। सरकारी अस्पताल में प्रसव केस बढ़ाने को लेकर आशा कार्यकर्ताओं और पीएचसी की महिला स्वास्थ्यकर्मी के बीच जमकर हंगामा हुआ। आशा कार्यकर्ताओं ने सरकारी अस्पताल में प्रसव की पर्याप्त सुविधा न होने के बावजूद केस बढ़ाने के दबाव को अनुचित बताते हुए नाराजगी व्यक्त की।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा.फैज हैदर ने आशा कार्यकर्ताओं की रविवार को स्वास्थ्य केंद्र पर बैठक आमंत्रित की थी। नजीबाबाद के महिला चिकित्सालय और पीएचसी प्रसव केंद्र पर प्रसव की घटती संख्या को बढ़ाने के लिए डा.फैज हैदर ने आशा कार्यकर्ताओं से सहयोग को कहा। उन्होंने जनपद में नजीबाबाद के सरकारी अस्पतालों में प्रसव के लगातार घटते केस पर जिला मुख्यालय के दिशा-निर्देश का हवाला देते हुए आशाओं से अधिक से अधिक प्रसव केस सरकारी अस्पताल में लाने को कहा।
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इस पर आशा कार्यकर्ताओं पुष्पा देवी, रेखा देवी, बबली, सुनीता, मधु, समरजहां, शगुफ्ता, मधुबाला, हेमलता सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने सरकारी अस्पताल में समय पर चिकित्सक न मिलने और पर्याप्त प्रसव सुविधाएं न होने की बात कही। आशाओं का आरोप है कि पीएचसी की महिला स्वास्थ्यकर्मी पूर्णिमा और उनके परिजनों ने अभद्रता की। आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उनसे कहा गया कि मरीज जिए या मरे, हर हालत में प्रसव हर हाल में सरकारी अस्पताल में कराना है। उधर महिला स्वास्थ्यकर्मी पूर्णिमा ने आरोप को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में प्रसव के लिए केस लाने की बात पर आशा कार्यकर्ताओं ने उनके और परिवार के साथ अपशब्दों का प्रयोग किया।
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