{"_id":"5d82721f8ebc3e93ce4fa546","slug":"cobra-found-in-old-kalagarh-dhampur-news-mrt444051858","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुराने कालागढ़ में निकला कोबरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुराने कालागढ़ में निकला कोबरा
विज्ञापन
बिजनौर: पुराने का कालागढ़ मे सिराजुददीन अंसारी के निवास पर निकला खतरनाक कोबरा।
- फोटो : DHAMPUR
पुराने कालागढ़ में निकला कोबरा
कालागढ़ (बिजनौर)। पुराने कालागढ़ में खतरनाक नाजा-नाजा स्पैक्टेबिल कोबरा निकलने से नागरिकों में दहशत का माहौल है। कोबरा को किसी तरह सूखास्रोत में पहुंचा गया।
मौसम का मिजाज बदलने और बारिश के कारण सांप अपने बिलों में वापस जाने के लिए सूखा स्थानों की तलाश में हैं। ऐसे में ही एक खतरनाक नाजा-नाजा स्पैक्टेबिल कोबरा पुराने कालागढ़ में सिराजुददीन अंसारी चक्की वालों के घर में जा पहुंचा। सांप को देखकर वहां मौजूद परिवार के सदस्यों व चक्की पर गेहूं पिसाने आए नागरिकों में दशहत मच गई। बमुश्किल सिराजुददीन अंसारी के पुत्र शमशुददीन ने हिम्मत कर सांप को सूखास्रोत की ओर भगाया। खतरनाक सांप की आमद आबादी में होने पर नागरिकों में असुरक्षा की भावना है। इससे छोटा एक नाजा-नाजा स्पैक्टेबिल कोबरा गत माह कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपप्रभागीय वनाधिकारी के कार्यालय में निकल चुका है।
काटते ही नर्वस सिस्टम को करता है डैमेज
सर्प मित्र कुमार दीपक ने बताया कि नाजा-नाजा स्पैक्टेबिल कोबरा बहुत ही जहरीला होता है। इसका विष तेजी से नर्वस सिस्टम पर हमला करता है। इससे लकवा पड़ना, नींद आकर मौत हो जाना आम बात है। यह एशिया के कई देशों मे मिलता है। कालागढ़ में इस सांप की आमद कार्बेट टाइगर रिजर्व के लिए जहां एक उपलब्धि हो सकती है। वहीं आम आबादी के लिए यह खतरा भी है। चक्की वालों के यहां निकला नाजा-नाजा स्पैक्टेबिल कोबरा मेढ़क का शिकार किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
कालागढ़ (बिजनौर)। पुराने कालागढ़ में खतरनाक नाजा-नाजा स्पैक्टेबिल कोबरा निकलने से नागरिकों में दहशत का माहौल है। कोबरा को किसी तरह सूखास्रोत में पहुंचा गया।
मौसम का मिजाज बदलने और बारिश के कारण सांप अपने बिलों में वापस जाने के लिए सूखा स्थानों की तलाश में हैं। ऐसे में ही एक खतरनाक नाजा-नाजा स्पैक्टेबिल कोबरा पुराने कालागढ़ में सिराजुददीन अंसारी चक्की वालों के घर में जा पहुंचा। सांप को देखकर वहां मौजूद परिवार के सदस्यों व चक्की पर गेहूं पिसाने आए नागरिकों में दशहत मच गई। बमुश्किल सिराजुददीन अंसारी के पुत्र शमशुददीन ने हिम्मत कर सांप को सूखास्रोत की ओर भगाया। खतरनाक सांप की आमद आबादी में होने पर नागरिकों में असुरक्षा की भावना है। इससे छोटा एक नाजा-नाजा स्पैक्टेबिल कोबरा गत माह कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपप्रभागीय वनाधिकारी के कार्यालय में निकल चुका है।
विज्ञापन
काटते ही नर्वस सिस्टम को करता है डैमेज
सर्प मित्र कुमार दीपक ने बताया कि नाजा-नाजा स्पैक्टेबिल कोबरा बहुत ही जहरीला होता है। इसका विष तेजी से नर्वस सिस्टम पर हमला करता है। इससे लकवा पड़ना, नींद आकर मौत हो जाना आम बात है। यह एशिया के कई देशों मे मिलता है। कालागढ़ में इस सांप की आमद कार्बेट टाइगर रिजर्व के लिए जहां एक उपलब्धि हो सकती है। वहीं आम आबादी के लिए यह खतरा भी है। चक्की वालों के यहां निकला नाजा-नाजा स्पैक्टेबिल कोबरा मेढ़क का शिकार किया था।
विज्ञापन