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सफाई व्यवस्था अब होगी दुरुस्त
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 25 Mar 2017 11:51 PM IST
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बिजनौर में प्रदेश में नई सरकार के बनते ही जिले को चमकाने की रूपरेखा तैयार हो गई है। नगर पालिका व पंचायतों में पेयजल आपूर्ति, सफाई, प्रकाश व निर्माण व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। अब वार्डवाइज सफाई कर्मचारियों को गलियां बांटी जाएंगी। पालिका के वाहन भी सुबह सात बजे ही कूड़ा उठाने के लिए निकलेंगे। नागरिकों को स्वच्छ पानी की आपूर्ति होगी। इस पूरे कार्य की निगरानी लेखपालों की टीम करेगी। टीम औचक निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को देगी। सड़क किनारे कूड़ा डालने वाली नगर पालिका व पंचायतों के अधिशासी अधिकारी को नोटिस जारी होगा।
एडीएम प्रशासन मदन सिंह गर्ब्याल के निर्देश के मुताबिक, नगर पालिका की सफाई, पेयजल आपूर्ति, प्रकाश, निर्माण आदि सुविधाओं में कोताही की आए दिन शिकायतें आती रहती हैं। इनसे निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने सख्त रवैया अपना लिया है। वार्ड के हिसाब से सफाई कर्मचारियों को गलियां बांटी जाएंगी। खराब वाहनों को जल्दी ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। नालियों में कूड़ा न डालने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और प्रमुख स्थानों पर डस्टबिन रखे जाएंगे। इनसे प्रतिदिन कूड़ा निकाला जाएगा और एंटी लार्वा दवाइयों का समुचित मात्रा में छिड़काव कराया जाएगा।
नई व्यवस्था में सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति की औचक चेकिंग होगी। अनुपस्थित मिलने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। जिन पालिका या पंचायतों में डंपिंग ग्राउंड नहीं हैं, वहां के अधिकारी किसानों या ईंट भट्टा स्वामियों से सहमति बनाकर कूड़ा डालेंगे। अधिकारी सात दिन के अंदर कूड़ा निस्तारण हेतु प्रस्ताव बनाकर उपलब्ध कराएंगे। क्लोरीनेशन के बाद ही पेयजल आपूर्ति की जाएगी। ओवरहैड टैंकों की सफाई कराकर इसकी तिथि अंकित की जाएगी। खराब पड़े ओवरहैड टैंक, ट्यूबवैल, हैंडपंप, हाईमास्ट लाइट आदि को प्राथमिकता के आधार पर 15 दिन में ठीक कराया जाएगा। अधिशासी अधिकारियों को दिन में स्ट्रीट लाइटें न जलने देना भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दो-दो लेखपालों की टीम हर वार्ड का औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रशासनिक अधिकारियों को देगी। लेखपालों को रिपोर्ट देने का प्रारूप भी उपलब्ध करा दिया गया है।
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एडीएम प्रशासन मदन सिंह गर्ब्याल के निर्देश के मुताबिक, नगर पालिका की सफाई, पेयजल आपूर्ति, प्रकाश, निर्माण आदि सुविधाओं में कोताही की आए दिन शिकायतें आती रहती हैं। इनसे निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने सख्त रवैया अपना लिया है। वार्ड के हिसाब से सफाई कर्मचारियों को गलियां बांटी जाएंगी। खराब वाहनों को जल्दी ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। नालियों में कूड़ा न डालने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और प्रमुख स्थानों पर डस्टबिन रखे जाएंगे। इनसे प्रतिदिन कूड़ा निकाला जाएगा और एंटी लार्वा दवाइयों का समुचित मात्रा में छिड़काव कराया जाएगा।
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नई व्यवस्था में सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति की औचक चेकिंग होगी। अनुपस्थित मिलने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। जिन पालिका या पंचायतों में डंपिंग ग्राउंड नहीं हैं, वहां के अधिकारी किसानों या ईंट भट्टा स्वामियों से सहमति बनाकर कूड़ा डालेंगे। अधिकारी सात दिन के अंदर कूड़ा निस्तारण हेतु प्रस्ताव बनाकर उपलब्ध कराएंगे। क्लोरीनेशन के बाद ही पेयजल आपूर्ति की जाएगी। ओवरहैड टैंकों की सफाई कराकर इसकी तिथि अंकित की जाएगी। खराब पड़े ओवरहैड टैंक, ट्यूबवैल, हैंडपंप, हाईमास्ट लाइट आदि को प्राथमिकता के आधार पर 15 दिन में ठीक कराया जाएगा। अधिशासी अधिकारियों को दिन में स्ट्रीट लाइटें न जलने देना भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दो-दो लेखपालों की टीम हर वार्ड का औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रशासनिक अधिकारियों को देगी। लेखपालों को रिपोर्ट देने का प्रारूप भी उपलब्ध करा दिया गया है।
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