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मृतकों के आश्रितों को दिए 12-12 लाख रुपये के चेक

Sat, 15 Sep 2018 12:03 AM IST
अमर उजाला/बिजनौर
अमर उजाला/बिजनौर Updated Sat, 15 Sep 2018 12:03 AM IST
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Checks of Rs 12 lakhs given to the dependents of the deceased
बिजनौर में एसडीएम से वार्ता करते किसान व मृतक मजूदरों के परिजन। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री में बुधवार को हुए हादसे में मरने वाले सात परिवारों को फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से 12-12 लाख रुपये के चेक वितरित किए गए। इन परिवारों के सभी बच्चों    की शिक्षा ग्रुप के कॉलेज में नि:शुल्क में पढ़ाई कराई जाएगी। फैक्ट्री में कुछ महीने पहले करंट से मरे शिवम के परिजनों को भी रुकी हुई साढ़े तीन लाख रुपये की धनराशि का चेक दिया गया।
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बुधवार को फैक्ट्री में हुए    हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई थी। मजदूरों की मौत के बाद मुआवजे की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने जमकर हंगामा किया था। शाम को फैक्ट्री प्रबंध तंत्र और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई वार्ता में प्रबंध तंत्र ने मृतक मजदूरों के परिजनों को 12-12 लाख रुपये देने का आश्वासन देते हुए चेक डीएम को दे दिए थे।
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शुक्रवार को कलक्ट्रेट में एसडीएम बृजेश सिंह, तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह ने मृतकों के परिजनों को चेक वितरित किए। गांव वालों ने एसडीएम को बताया कि कुछ समय पहले फैक्ट्री में गांव हादरपुर के युवक शिवम की करंट लगने से मौत हो गई थी। फैक्ट्री वालों ने उसके परिजनों को सात लाख रुपये की मुआवजा राशि देने का आश्वासन दिया था, लेकिन केवल साढ़े तीन लाख रुपये ही दिए गए।
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फैक्ट्री प्रबंध तंत्र से जुड़े    विशाल जैन ने शिवम के परिजनों को भी साढ़े तीन लाख रुपये का चेक दिया। यह चेक तीन महीने बाद कैश होगा। वहीं आजाद किसान यूनियन जिलाध्यक्ष विरेंद्र सिंह, एमपी सिंह ने मृतक परिवारों के   सभी बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने का मामला उठाया।
उन्होंने कहा कि पहले हुई वार्ता में एक-एक बच्चे को ही नि:शुल्क शिक्षा देने की सहमति बनी थी। विशाल जैन ने मृतकों के सभी   बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दिलाने, बीमा प्रीमियम भुगतान दिलाने, परिवार के एक-एक सदस्य को नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने कहा कि मृतक मजदूरों के परिवारों के साथ प्रशासन हर समय खड़ा है, किसी को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
फैक्ट्री में कुछ दिन पहले करंट से मरे शिवम के परिजनों को भी मिले साढे़ तीन लाख रुपये

सभी फैक्ट्रियों की होगी तकनीकी जांच
बिजनौर। मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री में हादसे के बाद प्रशासन की आंख खुल गई है। प्रशासन की ओर से गठित टीम जिले भर की फैक्ट्रियों को खंगालेंगी। देखेंगी कि उनमें क्या खामियां हैं। इसकी रिपोर्ट डीएम को दी जाएगी। 20 से 25 दिन के अंदर सभी फैक्ट्रियों की जांच पूरी होगी। मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री में हादसे के बाद प्रशासन ने जिले की सभी फैक्ट्रियों की जांच कराने का निर्णय लिया है। डीएम अटल कुमार राय ने इसके लिए कारखाना निरीक्षक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, श्रम विभाग और अग्रिशमन विभाग की टीम गठित की है। यह टीम जिले की सभी फैक्ट्रियों की जांच करेंगी। देखेंगी की फैक्ट्रियों में क्या खामियां हैं। किसी हालत में फैक्ट्रियां चल रही हैं। फैक्ट्री में हादसा होने की तो संभावना नहीं है। तमाम बिंदुओं पर इस टीम को जांच करने के डीएम ने निर्देश दिए हैं। डीएम के मुताबिक टीम 20 से 25 दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट उन्हें सौंप देगी।

कुलदीप पर हाथ नहीं डाल रही पुलिस
बिजनौर। मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री के मिथेन गैस के टैंक में विस्फोट के बाद सात लोगों की मौत के मामले में फैक्ट्री स्वामी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस फैक्ट्री स्वामी पर हाथ डालने से बच रही है। फैक्ट्री को संरक्षण देने वाले विभागों के खिलाफ भी कार्रवाई करने से प्रशासन बच रहा है। कई विभागों के रहमो करम से फैक्ट्री का संचालन हो रहा था। गजब तो यह है कि कानपुर में बैठा कारखाना इंस्पेक्टर वहीं से फैक्ट्री को चलाने पर अपनी मुहर लगा देता था। उसने कभी फैक्ट्री में आने की भी जहमत नहीं उठाई।
बुधवार को मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री हुए हादसे के बाद फैक्ट्री स्वामी कुलदीप जैन और मुख्य प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने बृहस्पतिवार शाम रोडवेज बस स्टैंड के पास से फैक्ट्री के मुख्य प्रबंधक सुरेश   पंवार को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन फैक्ट्री स्वामी कुलदीप जैन पर हाथ डालने से पुलिस बच रही है। सूत्रों के मुताबिक ऊपरी दबाव के कारण फैक्ट्री स्वामी पर हाथ डालने से पुलिस कतरा रही है। इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी किसी    विभाग के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। कई विभागों के रहमो     करम पर फैक्ट्री का संचालन हो रहा था। सभी मानकों को ताक पर   रखकर फैक्ट्री चलवाई जा रही थी। फैक्ट्री की ओर से आला अफसर आंखें मूंदे रहे। कभी किसी ने नहीं सोचा कि फैक्ट्री की मशीनों की क्या हालत हो गई है। मशीनें और टैंक कितने पुराने हैं और चलने की    हालत में हैं भी या नहीं।
ऑफिसों में बैठकर ही फैक्ट्री से जुड़े कागजों पर मुहर लगाई जा रही थी। कारखाना इंस्पेक्टर तो कानपुर में बैठकर ही फैक्ट्री का निरीक्षण कर लेते थे। कभी फैक्ट्री में आकर उन्होंने मशीनों की जांच नहीं की। अफसरों के साथ फैक्ट्री मालिकों की खूब उठ बैठ थी। इस कारण उन्हें किसी का डर नहीं था। कई विभागों की मेहरबानी से फैक्ट्री की पुरानी मशीनों को ही मजदूरों से चलवाया जा रहा था। जिन मजदूरों से टैंक की मरम्मत कराई जा रही थी, वे साधारण दिहाड़ी वाले मजदूर थे, विशेषज्ञ नहीं थे। सीओ सिटी महेश सिंह के मुताबिक फैक्ट्री के मामले की विवेचना चल रही है। वहीं, शुक्रवार को पुलिस ने सुरेश पवार का चालान कर दिया। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया है।

सोनिया, राहुल ने भी जताया दुख
बिजनौर में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री में हुए हादसे में मरे मजदूरों के घर जाकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर से दिया गया शोक संदेश सुनाया। प्रतिनिधिमंडल ने मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया और कहा कि इस दुख की घड़ी में कांग्रेस का हर कार्यकर्ता उनके साथ है। प्रेस वार्ता में इसे हादसा नहीं, बल्कि जान बूझकर की गई हत्याएं बताया गया।

मुरादाबाद से पूर्व विधायक फूल कुंवर, जिलाध्यक्ष बाबू डूंगर सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सभी मृतकों के गांवों में जाकर शोक संवेदना व्यक्त की। कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है। शहर अध्यक्ष मीनू गोयल के आवास पर प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक फूल <कुंवर ने कहा कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि जानबूझकर की गईं हत्याएं हैं। मृतकों के परिजनों ने बताया कि प्रबंधक व पूर्व प्रबंधक फैक्ट्री मालिकों से कहते थे कि टैंक की मरम्मत नहीं की जा सकती है। कुछ प्रबंधक तो फैक्ट्री छोड़कर चले भी गए। कहा कि मजदूरों की ड्यूटी आठ बजे थी, लेकिन उन्हें छह बजे फोन करके ड्यूटी पर बुलाया गया था और जबरदस्ती टैंक की मरम्मत करने के लिए कहा गया। कहा कि फैक्ट्री में मरे मजदूरों के परिजनों को कम से कम 50 लाख का मुआवजा और घायलों को 5-5 लाख का मुआवजा मिलना चाहिए। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और फैक्ट्री को जनहित में बंद कराया जाना चाहिए। फैक्ट्री मालिक की भी गिरफ्तारी होनी चाहिए। इस दौरान हसन आरिफ अंसारी, देशराज शर्मा, अरविंद चौधरी, ब्लाक अध्यक्ष गुलशन कुमार, शेर सिंह, विरेश कुमार    आदि मौजूद रहे।
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