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वाद-विवाद प्रतियोगिता में चारु और इकरा प्रथम
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वाद-विवाद प्रतियोगिता में चारु और इकरा प्रथम
धामपुर। एसबीडी महिला महाविद्यालय में अंतर संकाय स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में कुमारी चारु और इकरा परवीन प्रथम रहीं।
कॉलेज में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि सत्यराज ने किया। प्रतियोगिता का विषय ‘महिलाओं को देवी की तरह पुजना- उनकी बोलने की शक्ति छीन लेना’ रहा। प्रतियोगिता में बीएड संकाय की मानसी माहेश्वरी व विपक्ष में आकांक्षा सिंधु, विज्ञान वर्ग से प्राची राजपूत, दिशा चौहान, वाणिज्य संकाय से मुबसरा, शीरीन जैदी, स्नातकोत्तर अंग्रेजी विभाग से रूकय्या, शिबा, वर्षा, निकेता, चारु सिंह, इकरा बेवी, स्वीटी चौहान, सलमा परवीन, गीतांजली शर्मा, टीना, सना परवीन, परी अग्रवाल ने तर्क सहित विचार रखे। इस मौके पर डॉ. पूनम चौहान ने देवी नहीं, दासी नहीं, इंसान समझ लो’ स्वरचित कविता पेश की। प्रतियोगिता में कुमारी चारु और इकरा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस मौके पर सत्यराज ने नारी के रूप में लक्ष्मी, सरस्वती, दुर्गा के स्वरूपों पर चर्चा की। कहा कि महिलाओं को एक अच्छे समाज का निर्माण करने को खुद ही अपने कर्तव्यों का सकारात्मक निर्वाह करना होगा। ऐसा करने से एक स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में प्रो. अर्चना सिंह, डॉ. सुरभि शर्मा, डॉ. नरगिस सुल्ताना, सुषमा सिंह, डॉ. पूनम रानी, डॉ. रेनू सिंह, सारिका शर्मा, डा. अदिति सिंधु, डॉ. संजू, नगमा परवीन, डॉ. रेनू चौहान आदि शामिल रहीं।
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धामपुर। एसबीडी महिला महाविद्यालय में अंतर संकाय स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में कुमारी चारु और इकरा परवीन प्रथम रहीं।
कॉलेज में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि सत्यराज ने किया। प्रतियोगिता का विषय ‘महिलाओं को देवी की तरह पुजना- उनकी बोलने की शक्ति छीन लेना’ रहा। प्रतियोगिता में बीएड संकाय की मानसी माहेश्वरी व विपक्ष में आकांक्षा सिंधु, विज्ञान वर्ग से प्राची राजपूत, दिशा चौहान, वाणिज्य संकाय से मुबसरा, शीरीन जैदी, स्नातकोत्तर अंग्रेजी विभाग से रूकय्या, शिबा, वर्षा, निकेता, चारु सिंह, इकरा बेवी, स्वीटी चौहान, सलमा परवीन, गीतांजली शर्मा, टीना, सना परवीन, परी अग्रवाल ने तर्क सहित विचार रखे। इस मौके पर डॉ. पूनम चौहान ने देवी नहीं, दासी नहीं, इंसान समझ लो’ स्वरचित कविता पेश की। प्रतियोगिता में कुमारी चारु और इकरा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस मौके पर सत्यराज ने नारी के रूप में लक्ष्मी, सरस्वती, दुर्गा के स्वरूपों पर चर्चा की। कहा कि महिलाओं को एक अच्छे समाज का निर्माण करने को खुद ही अपने कर्तव्यों का सकारात्मक निर्वाह करना होगा। ऐसा करने से एक स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में प्रो. अर्चना सिंह, डॉ. सुरभि शर्मा, डॉ. नरगिस सुल्ताना, सुषमा सिंह, डॉ. पूनम रानी, डॉ. रेनू सिंह, सारिका शर्मा, डा. अदिति सिंधु, डॉ. संजू, नगमा परवीन, डॉ. रेनू चौहान आदि शामिल रहीं।