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प्रश्न पत्र आउट होने के मामले साक्ष्य के अभाव में बरी
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प्रश्न पत्र आउट होने के मामले साक्ष्य के अभाव में बरी
बिजनौर। सीजेएम दिलीप सचान ने कक्षा नौ का प्रश्न पत्र आउट होने के मामले में दोष सिद्ध नहीं होने पर तीन आरोपियों को बरी कर दिया है। इस मामले में अदालत में अपने बयान बदलकर पक्ष द्रोही होने वाले जिला विद्यालय निरीक्षक और उनके स्टेनो के विरुद्घ मुकदमा दर्ज करने तथा इस प्रकरण में विवेचना में लापरवाही बरतने वाले दरोगा के विरुद्ध कार्रवाई करने के आदेश सीजेएम ने एसपी को दिए हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक मंगल प्रकाश सोनिया ने थाना कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 अप्रैल 2001से कक्षा नौ की जनपदीय परीक्षा शुरू हुई थी। 26 अप्रैल 2001 को विज्ञान द्वितीय का प्रश्न पत्र सुबह साढ़े सात से साढ़े दस बजे तक होना था। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्न पत्र आउट हो गया था। आरोप था कि राजकीय इंटर कॉलेज बिजनौर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने परीक्षा में पास कराने का ठेका लिया था। गोविंद, विनय कुमार, अंकित शर्मा ने धन उगाही के लिए प्रश्न पत्र आउट कराया। प्रश्न पत्र की फोटो स्टेट तैयार कराई थी। 25 अप्रैल को प्रश्न पत्र के आउट होने की अफवाह उड़ गई थी। विनय ने अंकित को प्रश्न पत्र बेचने के लिए ही फोटो स्टेट की कॉपी दी थी। इस मामले में सुनवाई के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक मंगल प्रकाश सोनिया और उनका स्टेनो नीरज गुप्ता तथा अन्य गवाह पक्ष द्रोही घोषित हो गए। इस मामले में विवेचना में एसआई दीपक त्यागी की लापरवाही भी सामने आई। उसने पर्याप्त साक्ष्य नहीं जुटाए थे। सीजेएम ने डीआईओएस और उनके स्टेनो नीरज गुप्ता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के आदेश पारित किए तथा विवेचना में लापरवाही बरतने वाले दरोगा दीपक त्यागी के विरुद्ध डीएम और एसपी से विभागीय कार्रवाई करने को कहा। सबूत के अभाव में तीनों आरोपियों गोविंद और उसके साथी विनय कुमार तथा अंकित शर्मा के विरुद्घ पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण उन्हें बरी कर दिया था।
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बिजनौर। सीजेएम दिलीप सचान ने कक्षा नौ का प्रश्न पत्र आउट होने के मामले में दोष सिद्ध नहीं होने पर तीन आरोपियों को बरी कर दिया है। इस मामले में अदालत में अपने बयान बदलकर पक्ष द्रोही होने वाले जिला विद्यालय निरीक्षक और उनके स्टेनो के विरुद्घ मुकदमा दर्ज करने तथा इस प्रकरण में विवेचना में लापरवाही बरतने वाले दरोगा के विरुद्ध कार्रवाई करने के आदेश सीजेएम ने एसपी को दिए हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक मंगल प्रकाश सोनिया ने थाना कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 अप्रैल 2001से कक्षा नौ की जनपदीय परीक्षा शुरू हुई थी। 26 अप्रैल 2001 को विज्ञान द्वितीय का प्रश्न पत्र सुबह साढ़े सात से साढ़े दस बजे तक होना था। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्न पत्र आउट हो गया था। आरोप था कि राजकीय इंटर कॉलेज बिजनौर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने परीक्षा में पास कराने का ठेका लिया था। गोविंद, विनय कुमार, अंकित शर्मा ने धन उगाही के लिए प्रश्न पत्र आउट कराया। प्रश्न पत्र की फोटो स्टेट तैयार कराई थी। 25 अप्रैल को प्रश्न पत्र के आउट होने की अफवाह उड़ गई थी। विनय ने अंकित को प्रश्न पत्र बेचने के लिए ही फोटो स्टेट की कॉपी दी थी। इस मामले में सुनवाई के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक मंगल प्रकाश सोनिया और उनका स्टेनो नीरज गुप्ता तथा अन्य गवाह पक्ष द्रोही घोषित हो गए। इस मामले में विवेचना में एसआई दीपक त्यागी की लापरवाही भी सामने आई। उसने पर्याप्त साक्ष्य नहीं जुटाए थे। सीजेएम ने डीआईओएस और उनके स्टेनो नीरज गुप्ता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के आदेश पारित किए तथा विवेचना में लापरवाही बरतने वाले दरोगा दीपक त्यागी के विरुद्ध डीएम और एसपी से विभागीय कार्रवाई करने को कहा। सबूत के अभाव में तीनों आरोपियों गोविंद और उसके साथी विनय कुमार तथा अंकित शर्मा के विरुद्घ पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण उन्हें बरी कर दिया था।
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