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Bijnor News: जीजा का रिश्तेदार बीमार... साला साइबर ठगी का शिकार
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गजरौला शिव/बिजनौर। साइबर ठगों ने अब लोगों को झांसे में लेने के लिए नए तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। साइबर ठग ने फोन कॉल पर खुद को जीजा बताकर किरतपुर क्षेत्र के एक शिक्षक से करीब 19 हजार रुपये ठग लिए। शिक्षक ने बताया कि कॉल करने वाली की आवाज उसके जीजा की आवाज से मेल खा रही थी। इसलिए उन्होंने तुरंत रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगी का पता लगने पर बुधवार सुबह उन्होंने बैंक शाखा में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली शहर के ग्राम गजरौला शिव निवासी महेश चंद किरतपुर के श्री देव शंकर सरस्वती विद्या मंदिर कन्या इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार की रात करीब 11 बजे वह घर में सो रहे थे। उनके मोबाइल पर कॉल आई तो हड़बड़ाते हुए उन्होंने कॉल रिसीव की। कॉल करने वाले ने खुद को उनका जीजा बताते हुए कहा कि उसे उनके खाते में 45 हजार रुपये डलवाने हैं। फिर थोड़ी देर बाद कॉल की और बताया कि उनका एक रिश्तेदार अस्पताल में भर्ती है। 25 हजार रुपयों की सख्त जरूरत है। उसने शिक्षक के मोबाइल पर बार कोड भी भेज दिया लेकिन रुपये ट्रांसफर नहीं हुए। फिर आरोपी ने दस हजार रुपये डालने के लिए कहा। वह भी ट्रांसफर नहीं हुए। इसके बाद कॉल करने वाले ने दूसरा बार कोड भेजा। उसमें शिक्षक ने 1999 ट्रांसफर कर दिए। महेश चंद ने कहा कि उनके द्वारा डाले गए 45 हजार रुपये अभी तक नहीं आए तो उसने भरोसा करने के लिए कहा। साथ ही बताया कि अस्पताल में उन्हें रुपयों की जरूरत है।
विश्वास में आकर उन्होंने अलग-अलग समय पर तीन यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 18 हजार 997 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्हें शक हुआ तो उन्होंने यूपीआई कस्टमर केयर से संपर्क किया। वहां से उन्हें संबंधित बैंक को तुरंत सूचना देने की सलाह दी गई। इसके बाद पीड़ित ने बुधवार को बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा बसी किरतपुर में लिखित शिकायत देकर रकम वापस दिलाने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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साइबर ठगी के इस मामले की जांच कराई जाएगी। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। जांच में पता चलेगा कि किन लोगों ने साइबर ठगी की है। - कृष्ण गोपाल सिंह, एएसपी सिटी
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कोतवाली शहर के ग्राम गजरौला शिव निवासी महेश चंद किरतपुर के श्री देव शंकर सरस्वती विद्या मंदिर कन्या इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार की रात करीब 11 बजे वह घर में सो रहे थे। उनके मोबाइल पर कॉल आई तो हड़बड़ाते हुए उन्होंने कॉल रिसीव की। कॉल करने वाले ने खुद को उनका जीजा बताते हुए कहा कि उसे उनके खाते में 45 हजार रुपये डलवाने हैं। फिर थोड़ी देर बाद कॉल की और बताया कि उनका एक रिश्तेदार अस्पताल में भर्ती है। 25 हजार रुपयों की सख्त जरूरत है। उसने शिक्षक के मोबाइल पर बार कोड भी भेज दिया लेकिन रुपये ट्रांसफर नहीं हुए। फिर आरोपी ने दस हजार रुपये डालने के लिए कहा। वह भी ट्रांसफर नहीं हुए। इसके बाद कॉल करने वाले ने दूसरा बार कोड भेजा। उसमें शिक्षक ने 1999 ट्रांसफर कर दिए। महेश चंद ने कहा कि उनके द्वारा डाले गए 45 हजार रुपये अभी तक नहीं आए तो उसने भरोसा करने के लिए कहा। साथ ही बताया कि अस्पताल में उन्हें रुपयों की जरूरत है।
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विश्वास में आकर उन्होंने अलग-अलग समय पर तीन यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 18 हजार 997 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्हें शक हुआ तो उन्होंने यूपीआई कस्टमर केयर से संपर्क किया। वहां से उन्हें संबंधित बैंक को तुरंत सूचना देने की सलाह दी गई। इसके बाद पीड़ित ने बुधवार को बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा बसी किरतपुर में लिखित शिकायत देकर रकम वापस दिलाने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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साइबर ठगी के इस मामले की जांच कराई जाएगी। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। जांच में पता चलेगा कि किन लोगों ने साइबर ठगी की है। - कृष्ण गोपाल सिंह, एएसपी सिटी