गुलदार का खौफ: बचने के लिए लोग ढूंढ रहे नए-नए तरीके, ये तस्वीर भी दे रही दहशत की गवाही, वीडियो भी देखें
Bijnor News : गुलदार से बचने के लिए लोग नए-नए तरीके ढूंढ रहे हैं। जहां किसानों को ढोल बजवाकर खेतों में काम कराना पड़ रहा है तो वहीं एक ई-रिक्शा चालक ने गुलदार से बचने के लिए अलग तरीका निकाला है।
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बिजनौर जिले में गुलदार की लगातार बढ़ रही दहशत के बीच लोग बचने के नए-नए तरीके ढूंढ रहे हैं। बूंद की शुगर मिल के पास जब एक किसान को खेत में उर्वरकों का छिड़काव कराने के लिए कोई तरीका नहीं सूझा तो उसने ढोल बजवा बजवा दिए।
दरअसल, मजदूरों ने पहले खेत में घूसने से ही इंकार कर दिया था, जिसके चलते ढोल बजाने वाले बुलाने पड़े। खेत के चारों ओर ढोल बजाकर जोर-जोर से आवाज कराई गई। इसके बाद ही मजदूर खाद का छिड़काव करने के लिए गन्ने के खेत में घुसे। हालांकि किसान को भी बंदूक लेकर मजदूरों के संग रहना पड़ा।
उधर, नेशनल हाईवे पर भी लोग खुद को गुलदार से सुरक्षित नहीं मान रहे हैं। ऐसे में कोतवाली देहात के गांव सिकंदरपुर के एक रिक्शा चालक ने अपनी ई-रिक्शा के चारों ओर जाल ढक लिया, जिससे ई-रिक्शा में सवार यात्रियों को गुलदार से बचाया जा सके।
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क्षेत्र के ग्राम तेलीपुरा व जलालपुर में गुलदार ने एक बार फिर दस्तक दी थी। वन विभाग की टीम ने जाल बिछाकर गुलदार को घेरने का प्रयास किया और ड्रोन भी उड़ाया गया लेकिन, गुलदार वन विभाग की टीम की पकड़ से दूर हो गया। आज उन्हीं गांव के पास दो नई मचान बनाने की तैयारी हो रही है।
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वन विभाग के अधिकारियों ने तीन टीमें पूरी तरह आसपास तैनात कर दी हैं। हथिनी सुलोचना के पैर की सूजन ठीक नहीं होने के चलते लगातार तीसरे दिन हथिनी से कांबिंग नहीं हो पाई।