शव बरामद: डूबकर हुई थी तीन दोस्तों की मौत, पत्नियों के सामने रोटी का संकट, घूमने निकले थे पांचों दोस्त
शाहबुद्दीन का शव बरामद : तीन दोस्तों की मौत से पत्नियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। बतया गया कि पांच दोस्त घूमने जा रहे थे लेकिन, तेज बारिश के कारण वापस घर लौटते समय नदी में बह गए थे।
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बिजनौर में पानी के तेज बहाव में बहे तीनों दोस्तों के शवों को बरामद कर लिया गया है। बताया गया कि पांच दोस्त कार द्वारा पिकनिक स्पॉट लैंसडाउन घूमने जा रहे थे। इसी बीच रास्ते में तेज बारिश होने लगी। वहीं, पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया था। इसके बाद वापस लौटते समय पांचों दोस्त कार सहित पानी के तेज बहाव में बह गए थे। इनमें से दो की जान बच गई थी लेकिन, तीन दोस्त पानी में बह गए थे।
ये था मामला
दस दिन पूर्व किरतपुर क्षेत्र के गांव मेमन सादात निवासी शाहबुद्दीन, मुशर्रफ और गांव बसेड़ा निवासी वसीम, गुलशेर व गांव भनेड़ा निवासी इसरार (पांचों दोस्त) पिकनिक स्पॉट लैंसडाउन जा रहे थे, लेकिन भारी वर्षा के कारण दुगड्डा में पुलिस ने आगे नहीं जाने दिया। इसके बाद पांचों दोस्त वापस घर लौट रहे थे। वहीं, सिद्धबलि के पास कोटद्वार की लालपुर खो नदी से सड़क पर पानी का तेज बहाव था, रात का समय होने के कारण कार अनियंत्रित हो गई और खो नदी में बह गई।
गुलशेर ने कूदकर बचाई थी जान
वहीं, डूबती कार से गुलशेर ने कूदकर अपनी जान बचाई थी। इसके बाद अगले दिन की सुबह को बाढ़ राहत कर्मियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मुशर्रफ को बचा लिया था। अब गुलशेर और मुशर्रफ सही सलामत हैं। लेकिन, शाहबुद्दीन, वसीम और इसरार बह गये थे, जिनकी बाद में लाशें बरामद हुईं।
बताया गया कि भनेड़ा निवासी इसरार का शव रेस्क्यू ऑपरेशन से अगले दिन बुधवार को बरामद कर लिया था, बाकी दो वसीम व शाहबुद्दीन पानी में बह गए थे, जिनकी तलाश जारी थी।
बसेड़ा निवासी वसीम का शव चार दिन बाद बढ़ापुर थाना क्षेत्र के सारंगवाला खो नदी के पास एक झाड़ी से बरामद हुआ था। घटना से ठीक नौ दिन बाद मेमन सादात निवासी शाहबुद्दीन का शव भी बढ़ापुर थाना क्षेत्र के चंदन वाला की खो नदी से बरामद हुआ है।
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