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Bijnor: हाथियों के झुंड ने राहगीर को पैरों तले रौंदकर मार डाला, कुचल दिया चेहरा, दूर तक पड़े मिले शव के टुकड़े

Mon, 15 Jun 2026 06:09 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर Published by: Mohd Mustakim Updated Mon, 15 Jun 2026 06:09 PM IST
सार

कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों से हाथियों का झुंड लगातार आम के बागों की तलाश में निकल रहा है। नई कॉलोनी में हाथियों ने 40 साल के इस्माइल को अपना शिकार बना लिया। उनका चेहरा कुचला हुआ था। 

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Bijnor: A herd of elephants trampled a passerby to death, crushing his face and scattering his body parts
इस्माइल की फाइल फोटो और मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कालागढ़ में कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों से निकलकर नई कॉलोनी में आए हाथियों ने रविवार रात अफजलगढ़ के मोहल्ला मियांजी मोखा निवासी इस्माइल (40) पुत्र अख्तर को पैरों तले कुचलकर मार डाला। उनके शव के टुकड़े दूर तक छिटके पड़े थे। मृतक की पैंट की जेब में कुछ रोटियां मिली हैं। परिजनों ने कोटद्वार पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचकर उनकी पहचान की। उन्होंने बताया कि इस्माइल मानसिक बीमार थे और लगभग डेढ़ माह से घर से लापता थे।
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रविवार रात लगभग दस बजे नई कॉलोनी में वन विभाग का गश्ती दल रामगंगा भवन के पीछे शिव मंदिर के निकट सड़क से निकला तो वहां एक व्यक्ति का कुचला हुआ शव पड़ा मिला। सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी एनके रूवाली और पुलिस अधिकारी संजीव कुमार ममगाई टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव का चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था। हाथ-पांव टूटे हुए और जगह-जगह मांस के टुकड़े बिखरे हुए थे। रक्तरंजित चप्पल व पैंट लगभग 20 मीटर दूर पड़ी हुई थीं। पैंट की जेब में कुछ रोटियां मिली हैं।
 
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हाथियों ने बहुत ही बुरी तरीके से इस्माइल को कुचला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कोटद्वार पोस्टमार्टम हाउस में भेज दिया। किसी माध्यम से परिजनों को सूचना मिली तो वे पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। पिता अख्तर ने बताया कि इस्माइल मानसिक बीमार थे और उनकी शादी नहीं हुई थी। उधर, पुलिस का कहना है कि इस्माइल को पहले केंद्रीय कॉलोनी में घूमता देखा गया था। वहां से रविवार को नई कॉलोनी में पहुंच गए होंगे। हो सकता है कि वह शिव मंदिर की ओर चले गए हों और वहां हाथियों के सामने आ गए।
 
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कार्बेट टाइगर रिजर्व में मौजूद 1224 एशियाई हाथी
कालागढ़ में हाथियों के आबादी में आने और जनता की सुरक्षा को लेकर अमर उजाला लगभग एक सप्ताह से चेता रहा है। इसके बावजूद प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाए। इसका नतीजा यह हुआ कि एक राहगीर को अपनी जान गंवानी पड़ी। कार्बेट टाइगर रिजर्व में एशियाई प्रजाति के 1224 हाथी मौजूद हैं। रामगंगा नदी से कोसी नदी तक का गलियारा इनके विचरण का खास इलाका है।

कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज में हाथी रामगंगा बांध, सैडिल बांध, लकड़घाट, हनुमान मंदिर, सूखास्रोत, नई कॉलोनी में इंटर कॉलेज से हाइडिल कॉलोनी तक सक्रिय हैं। शनिवार को मुख्य मार्ग पर आए हाथियों ने तो केंद्रीय कॉलोनी में मार्ग जाम कर दिया था। केंद्रीय कॉलोनी व नई कॉलोनी में आम के पेड़ों से आम खाना और फिर पेड़ों को तोड़ना इनकी आदत बन रही है। इस बार तो वन क्षेत्राधिकारी के कार्यालय परिसर में खड़ा आम का पेड़ भी इनका निशाना बना है।
 

आम की चाह में आबादी में आ रहे हाथी
वनक्षेत्राधिकारी एनके रूवाली के अनुसार कार्बेट के वनों से रोज हाथी निकलकर कालागढ़ में आ रहे हैं। आम के फल हाथियों को अपनी ओर खींच रहे हैं। संभवत: यह अजनबी राहगीर हाथियों के रास्ते में आ गया होगा। तब यह घटना घटी होगी। अक्सर जब हाथी को गुस्सा आता है तो इसी प्रकार वह हमलावर होता है। कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी अमित कुमार ग्वासीकोटि के अनुसार घटना स्थल पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं। जनता से अपील की जा रही है कि सुनसान जगह न जाएं। वन्यजीवों से दूरी बनाए रखें।

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