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भूजल को प्रदूषित होने से बचाएंगे बांस के पेड़ और केमिकल

Tue, 27 Jul 2021 11:25 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jul 2021 11:25 PM IST
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Bamboo trees and chemicals will save groundwater from being polluted
भूजल को प्रदूषित होने से बचाएंगे बांस के पेड़ और केमिकल
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बिजनौर। गंदे पानी का निस्तारण अब नगर पालिकाएं खुद ही करेंगी वो भी बिना वाटर ट्रीटमेंट लगाए। इसके लिए सभी नगर पालिकाओं में इस तरह की व्यवस्था की जा रही है। टैंक बनाकर बांस के पेड़ लगाकर पानी को साफ किया जाएगा। केमिकल मिलाकर भी पानी साफ होगा। साफ पानी से भूगर्भ जल दूषित नहीं होगा। इसके लिए सभी नगर पालिकाएं प्रस्ताव तैयार करने में लग गई हैं।
नगर पालिकाओं के लिए गंदा पानी और कूड़ा निस्तारित करना सबसे बड़ी समस्या रहती है। कूड़ा निस्तारण पर अब बहुत ध्यान दिया जा रहा है। नगर पालिकाओं से निकलने वाला गंदा पानी भूगर्भ में जाकर उसे प्रदूषित करता है। जिले की नगर पालिकाओं में 100 करोड़ लीटर से अधिक पानी प्रतिदिन बहता है। केवल बिजनौर नगर पालिका में ही पानी साफ करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगा है। इसमें काफी हैवी मैटल्स होते हैं जो भूगर्भ जल को प्रदूषित करते हैं। जिले में केवल बिजनौर नगर पालिका में ही वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगा है उसे बनाने में भी करीब 125 करोड़ रुपये लग गए। सभी नगर पालिकाओं में इतना पैसा नहीं खर्च किया जा सकता है। नालों के पानी को साफ करने के लिए अब पालिकाओं में डी सेंट्रलाइज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं। साफ पानी भूगर्भ में जाएगा तो भूगर्भ जल भरी साफ रहेगा।
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ऐसे होगा काम
नगर पालिकाओं में जहां नालों का पानी जाता है वहां तीन चार टैंक बनाए जाएंगे। इन टैंक में बांस की कई प्रजाति के पेड़ लगाए जाएंगे। पानी की गंदगी यानि हैवी मैटल्स ही इन पौधों की खुराक होते हैं। पानी जितना गंदा होगा बांस उतनी जल्दी बढ़ेगा। ये सारे हैवी मैटल्स को खा जाएगा। इसके अलावा कुछ जगह पानी में टैंक में केमिकल छोड़ा जाएगा। ये भी हैवी मैटल्स को निष्क्रिय करेगा।
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पानी की शुद्धता को बीओडी में मापा जाता है। यह देखा जाता है कि पानी में ऑक्सीजन कितनी है। जितनी ज्यादा ऑक्सीजन होगी पानी उतना ही साफ होगा। पीने के पानी की बीओडी दस से कम होनी चाहिए जबकि नाले के पानी की बीओडी एक हजार तक पहुंच जाती है।
हर रोज नाले में बहने वाला पानी
नगर पालिका पानी
अफजलगढ़ 3.93
बिजनौर 12.36
चांदपुर 11.57
धामपुर 7.13
किरतपुर 8.57
मंडावर 1.51
झालू 1.51
जलालाबाद 1.46
नगीना 12.88
नूरपुर 5.38
नजीबाबाद 12.29
नहटौर 6.62
हल्दौर 2.71
स्योहारा 6.73
शेरकोट 8.62
साहनपुर 1.55
सहसपुर 1.48
बढ़ापुर 1.77
नोट: (पानी मिलियन लीटर प्रतिदिन के हैं। एक मिलियन लीटर में दस लाख लीटर होते हैं।)
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