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बाबू जी धीरे चलना, जरा संभलना, चालान कटेंगे हर राह में
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बाबू जी धीरे चलना, चालान कटेंगे हर राह में
बिजनौर। बाबू जी धीरे चलना, जरा संभलना... एक गीत के ये बोल पटाखा फोड़ने वाले बाइकर्स पर सटीक बैठ रहे हैं। किधर से भी निकल जाए हर राह में इनके चालान कटेंगे। बीते दस दिनों में जिले में 37 ऐसी बाइकों के चालान किए गए जो पटाखा फोड़ रही थीं यानि इनके साइलेंसर में बदलाव कराया हुआ था। जबकि पिछले तीन महीनों में हेलमेट के बिना घर से निकले तीन हजार बाइक चालकों के चालान किए गए हैं।
सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत लोगों को जागरूक किया जाता है, लेकिन इसके बाद भी तमाम वाहन चालक सुधरने को तैयार नहीं हैं। हालांकि इस लापरवाही की वजह से चालान के रूप में आर्थिक दंड भुगतना पड़ता है, हादसा हो जाए तो जान भी चली जाती है। बुलेट बाइक चलाने वाले कुछ बाइकर्स को साइलेंसर में बदलाव का जुनून चढ़ा हुआ है। शहर में कुछ बाइक ऐसी घूमती हैं जोकि जगह-जगह पटाखा फोड़ती हैं। इन्हें लेकर पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पिछले दस दिनों में ही पटाखा फोड़ने वाली 37 बाइकों के चालान किए गए हैं।
काटे गए चालान पर एक नजर
हेलमेट 2965
सीट बेल्ट 418
मोबाइल 44
नो पार्किंग 400
साइलेंसर में बदलाव 37
नियमों की अनदेखी जान पर भारी
यातायात के नियमों की अनदेखी जान पर भी भारी पड़ रही है। कहीं तेज रफ्तार में जान जा रही है तो कहीं हेलमेट के अभाव में। कहीं सड़क के गड्ढे हादसों में मौत का कारण बन रहे हैं। इस साल 105 दिनों में ही 103 लोगों की जान चली गई। कुल 142 हादसे हुए। जनवरी महीने में 21, फरवरी में 29, मार्च में 31 और 15 अप्रैल तक 18 लोगों की जान सड़क हादसों में चली गई। साल 2021 में 482 सड़क हादसे हुए। जिनमें 313 लोगों की जान गई, जबकि 382 लोग घायल हुए थे।
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फिलहाल सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत वाहन चालकों को जागरूक किया जा रहा है। नियमों पर पालन नहीं करने वालों के चालान काटे जाते हैं। खासकर ऐसे बाइक वालों पर नजर रखने के लिए कहा गया, जिनके साइलेंसर में बदलाव किए गए हैं और पटाखा फोड़कर रास्ते में चलने वालों को परेशान करते हैं।
-डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी
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बिजनौर। बाबू जी धीरे चलना, जरा संभलना... एक गीत के ये बोल पटाखा फोड़ने वाले बाइकर्स पर सटीक बैठ रहे हैं। किधर से भी निकल जाए हर राह में इनके चालान कटेंगे। बीते दस दिनों में जिले में 37 ऐसी बाइकों के चालान किए गए जो पटाखा फोड़ रही थीं यानि इनके साइलेंसर में बदलाव कराया हुआ था। जबकि पिछले तीन महीनों में हेलमेट के बिना घर से निकले तीन हजार बाइक चालकों के चालान किए गए हैं।
सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत लोगों को जागरूक किया जाता है, लेकिन इसके बाद भी तमाम वाहन चालक सुधरने को तैयार नहीं हैं। हालांकि इस लापरवाही की वजह से चालान के रूप में आर्थिक दंड भुगतना पड़ता है, हादसा हो जाए तो जान भी चली जाती है। बुलेट बाइक चलाने वाले कुछ बाइकर्स को साइलेंसर में बदलाव का जुनून चढ़ा हुआ है। शहर में कुछ बाइक ऐसी घूमती हैं जोकि जगह-जगह पटाखा फोड़ती हैं। इन्हें लेकर पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पिछले दस दिनों में ही पटाखा फोड़ने वाली 37 बाइकों के चालान किए गए हैं।
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काटे गए चालान पर एक नजर
हेलमेट 2965
सीट बेल्ट 418
मोबाइल 44
नो पार्किंग 400
साइलेंसर में बदलाव 37
नियमों की अनदेखी जान पर भारी
यातायात के नियमों की अनदेखी जान पर भी भारी पड़ रही है। कहीं तेज रफ्तार में जान जा रही है तो कहीं हेलमेट के अभाव में। कहीं सड़क के गड्ढे हादसों में मौत का कारण बन रहे हैं। इस साल 105 दिनों में ही 103 लोगों की जान चली गई। कुल 142 हादसे हुए। जनवरी महीने में 21, फरवरी में 29, मार्च में 31 और 15 अप्रैल तक 18 लोगों की जान सड़क हादसों में चली गई। साल 2021 में 482 सड़क हादसे हुए। जिनमें 313 लोगों की जान गई, जबकि 382 लोग घायल हुए थे।
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फिलहाल सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत वाहन चालकों को जागरूक किया जा रहा है। नियमों पर पालन नहीं करने वालों के चालान काटे जाते हैं। खासकर ऐसे बाइक वालों पर नजर रखने के लिए कहा गया, जिनके साइलेंसर में बदलाव किए गए हैं और पटाखा फोड़कर रास्ते में चलने वालों को परेशान करते हैं।
-डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी