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Bijnor News: स्टेयरिंग के फेल होते ही सुल्तान के नियंत्रण से बाहर हो गई थी स्कॉर्पियो
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सुल्तान की बेगम गुलफ्सा ने आठ दिन पहले ही बच्ची को जन्म दिया। परिवार में आए नन्हें मेहमान की खुशियों का माहौल था। खुशी खुशी मेला देखने गए। मगर, 2007 मॉडल की पुरानी स्कॉर्पियो ने खुशियों को मातम में बदल दिया।
नवजात की जिंदगी सिर्फ आठ दिन रही। उसने मां-बहन और बुआ के संग दुनिया से अलविदा कह दिया। दरअसल, स्टेयरिंग फेल हुआ तो सीधी और साफ सड़क होने की बाद भी अनियंत्रित हो गई।
नसीरपुर के रहने वाले सुल्तान ने छह साल पहले गांव चकगोवर्धन में मकान बनाया था और पत्नी और बच्चों के संग रहने लगा था। परिवार के अन्य लोग नसीरपुर में ही रहते हैं। सुल्तान एसी रिपेयरिंग का काम करता था। किसी तरह से उसने कुछ बचत करके 2007 मॉडल स्कॉर्पियो भी खरीद ली थी।
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अब आठ दिन पहले उसकी पत्नी गुलफ्सा ने एक बच्ची को जन्म दिया। प्रसूता की देखभाल के लिए सुल्तान की बहन चांदबानो पत्नी दिलशाद निवासी लालढांग कोटद्वार अपनी बेटी अरीबा को साथ लेकर भाई सुल्तान के घर ठहरी थी। बच्ची के जन्म की खुशियों के बीच पूरे परिवार ने नजीबाबाद में नुमाइश देखने का कार्यक्रम बनाया। खुशी खुशी मेला देखकर लौट रहे थे। नहटौर के पास पहुंचते ही गाड़ी पेड़ से टकरा गई।
इसमें सुल्तान की आंखों के सामने से ही उसकी पत्नी गुलफ्सा, बेटी खुशी, नवजात बेटी और बहन की मौत हो गई। घायल सुल्तान, उसके पांच साल के बेटे और भांजी को अस्पताल ले जाया गया।
इस संबंध में सीओ सर्वम सिंह ने बताया कि अस्पताल में घायल सुल्तान बोल रहा था कि गाड़ी के स्टेयरिंग ने काम नहीं किया। इसी वजह से गाड़ी पेड़ से जा टकराई।
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बिजनौर। सुल्तान की बेगम गुलफ्सा ने आठ दिन पहले ही बच्ची को जन्म दिया। परिवार में आए नन्हें मेहमान की खुशियों का माहौल था। खुशी खुशी मेला देखने गए। मगर, 2007 मॉडल की पुरानी स्कॉर्पियो ने खुशियों को मातम में बदल दिया।
नवजात की जिंदगी सिर्फ आठ दिन रही। उसने मां-बहन और बुआ के संग दुनिया से अलविदा कह दिया। दरअसल, स्टेयरिंग फेल हुआ तो सीधी और साफ सड़क होने की बाद भी अनियंत्रित हो गई।
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नसीरपुर के रहने वाले सुल्तान ने छह साल पहले गांव चकगोवर्धन में मकान बनाया था और पत्नी और बच्चों के संग रहने लगा था। परिवार के अन्य लोग नसीरपुर में ही रहते हैं। सुल्तान एसी रिपेयरिंग का काम करता था। किसी तरह से उसने कुछ बचत करके 2007 मॉडल स्कॉर्पियो भी खरीद ली थी।
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अब आठ दिन पहले उसकी पत्नी गुलफ्सा ने एक बच्ची को जन्म दिया। प्रसूता की देखभाल के लिए सुल्तान की बहन चांदबानो पत्नी दिलशाद निवासी लालढांग कोटद्वार अपनी बेटी अरीबा को साथ लेकर भाई सुल्तान के घर ठहरी थी। बच्ची के जन्म की खुशियों के बीच पूरे परिवार ने नजीबाबाद में नुमाइश देखने का कार्यक्रम बनाया। खुशी खुशी मेला देखकर लौट रहे थे। नहटौर के पास पहुंचते ही गाड़ी पेड़ से टकरा गई।
इसमें सुल्तान की आंखों के सामने से ही उसकी पत्नी गुलफ्सा, बेटी खुशी, नवजात बेटी और बहन की मौत हो गई। घायल सुल्तान, उसके पांच साल के बेटे और भांजी को अस्पताल ले जाया गया।
इस संबंध में सीओ सर्वम सिंह ने बताया कि अस्पताल में घायल सुल्तान बोल रहा था कि गाड़ी के स्टेयरिंग ने काम नहीं किया। इसी वजह से गाड़ी पेड़ से जा टकराई।