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आर्मी इंटेलिजेंस और एटीएस की बिजनौर में दबिश
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बिजनौर : कोतवाली देहात के गांव डहरी में एटीएस और आर्मी इंटेलिजेंस की टीम के छापे के दौरान हिरासत म?
- फोटो : BIJNOR
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आर्मी इंटेलिंजेंस और एटीएस की बिजनौर में दबिश, पिता-पुत्र पकड़े
कोतवाली देहात (बिजनौर)। आर्मी इंटेलिजेंस और एटीएस ने नूरअलीपुर भगवंत उर्फ गांव डहरी में बुधवार सुबह दबिश दी और यहां से शमीम सलमानी और उसके बेटे परवेज को हिरासत में लेकर कोतवाली देहात चली आई। यहां दोनों से घंटों तक पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि शमीम का बड़ा बेटा कश्मीर में असलहा के साथ गिरफ्तार हुआ है, कश्मीर से मिली जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
जावेद कश्मीर में सैलून पर काम करता है और पिछले दस सालों से कश्मीर में ही रहता है। उसे दो दिन पहले आर्र्मी ने पिस्टल के साथ पकड़ा था, जिसका आतंकी कनेक्शन होने के इनपुट से कार्रवाई को जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो मुजफ्फरनगर से असलहा लेकर कश्मीर में सप्लाई करने की बात भी सामने आई है। कश्मीर तक गाड़ी ले जाने वाले एक गाड़ी वाले को भी हिरासत में लिया था, लेकिन पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया। शमीम का छोटा बेटा परवेज भी एक महीना पहले ही कश्मीर से गांव लौटा था। एसपी बिजनौर डा.धर्मवीर सिंह ने बताया कि इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। खुफिया एजेंसियों ने कार्रवाई की है। इस मामले में कुछ ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है।
मुजफ्फरनगर से पिस्टल खरीदने का जुड़ रहा कनेक्शन
बिजनौर। एटीएस और आर्मी इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में असलहा की खरीदारी को लेकर मुजफ्फनगर कनेक्शन की बात सामने आ रही हैै।
कोतवाली देहात के गांव डेहरी उर्फ नूरअलीपुर भगवंत में एटीएस ने छापेमारी करते हुए बाप बेटे को हिरासत में लिया। कुछ देर पूछताछ करने के बाद महेश्वरी जट से एक गाड़ी वाले को भी पकड़कर लाया गया था। सूत्रों की मानें तो शमीम का बेटा कश्मीर तक उक्त गाड़ी को किराए पर ले गया था। उक्त गाड़ी से असलहा ले जाया गया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका। पूछताछ के बाद गाड़ी वाले छोड़ दिया गया। मुजफ्फरनगर से भी इस छापेमारी का कनेक्शन जुड़ रहा है। असलहा की खरीदारी वहां से करने की बात सूत्र कह रहे हैं।
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नशा करने के बाद उगले राज
डेहरी से शमीम सलमानी और उसके छोटे बेटे परवेज को हिरासत में लिया गया। सूत्रों की मानें तो शमीम नशेड़ी है। थाने में उससे पूछताछ की जाने लगी तो उसने नशे करने वाले कैप्सूल देने की डिमांड रखी। तमाम कोशिशों के बाद भी उसने पूछताछ में सहयोग नहीं किया। सूत्र बतातें हैं कि बाद में उसे एक मेडिकल स्टोर से खरीदकर नशा करने वाले कैप्सूल लाकर देने पड़े। जिसने नशा करने के बाद ही कई राज उगले हैं।
देर शाम तक डटी रही टीमें
छापेमारी करने के बाद देर शाम तक एटीएस और आर्मी इंटेलिजेंस की टीम कोतवाली देहात थाने में डेरा डाले रही। थाना के ही एक बंद कमरे में पूछताछ की गई। कोतवाली देहात पुलिस को भी इस मामले से दूर रखा गया। स्थानीय पुलिस की गैरमौजूदगी में ही हिरासत में लिए गए बाप बेटे से पूछताछ की गई।
मकान बंद कर फरार हुए परिवार वाले
एटीएस ने छापेमारी कर शमीम सलमानी और उसके बेटे परवेज को हिरासत में ले लिया। इसके बाद परिवार के दूसरे लोग मकान बंद कर फरार हो गए। ताला लगाकर पूरा परिवार कहीं चला गया। उधर गांव में तरह तरह की चर्चाएं रही।
तीन साल पहले ही बदला है ठिकाना
एटीएस की हिरासत में लिया गया शमीम सलमानी मूलरुप से कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के गांव पमडावली का रहने वाला था। तीन साल पहले वह अपनी ससुराल के गांव डहरी में आकर बस गया। शमीम सलमानी महेश्वरी जट में मुर्गे की दुकान करता है। उसका बड़ा बेटा जावेद पिछले दस सालों से कश्मीर में सैलून पर काम करता है। छोटा बेटा परवेज भी जावेद के पास ही था। अब एक महीना पहले ही गांव लौटा।
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कोतवाली देहात (बिजनौर)। आर्मी इंटेलिजेंस और एटीएस ने नूरअलीपुर भगवंत उर्फ गांव डहरी में बुधवार सुबह दबिश दी और यहां से शमीम सलमानी और उसके बेटे परवेज को हिरासत में लेकर कोतवाली देहात चली आई। यहां दोनों से घंटों तक पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि शमीम का बड़ा बेटा कश्मीर में असलहा के साथ गिरफ्तार हुआ है, कश्मीर से मिली जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
जावेद कश्मीर में सैलून पर काम करता है और पिछले दस सालों से कश्मीर में ही रहता है। उसे दो दिन पहले आर्र्मी ने पिस्टल के साथ पकड़ा था, जिसका आतंकी कनेक्शन होने के इनपुट से कार्रवाई को जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो मुजफ्फरनगर से असलहा लेकर कश्मीर में सप्लाई करने की बात भी सामने आई है। कश्मीर तक गाड़ी ले जाने वाले एक गाड़ी वाले को भी हिरासत में लिया था, लेकिन पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया। शमीम का छोटा बेटा परवेज भी एक महीना पहले ही कश्मीर से गांव लौटा था। एसपी बिजनौर डा.धर्मवीर सिंह ने बताया कि इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। खुफिया एजेंसियों ने कार्रवाई की है। इस मामले में कुछ ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है।
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मुजफ्फरनगर से पिस्टल खरीदने का जुड़ रहा कनेक्शन
बिजनौर। एटीएस और आर्मी इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में असलहा की खरीदारी को लेकर मुजफ्फनगर कनेक्शन की बात सामने आ रही हैै।
कोतवाली देहात के गांव डेहरी उर्फ नूरअलीपुर भगवंत में एटीएस ने छापेमारी करते हुए बाप बेटे को हिरासत में लिया। कुछ देर पूछताछ करने के बाद महेश्वरी जट से एक गाड़ी वाले को भी पकड़कर लाया गया था। सूत्रों की मानें तो शमीम का बेटा कश्मीर तक उक्त गाड़ी को किराए पर ले गया था। उक्त गाड़ी से असलहा ले जाया गया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका। पूछताछ के बाद गाड़ी वाले छोड़ दिया गया। मुजफ्फरनगर से भी इस छापेमारी का कनेक्शन जुड़ रहा है। असलहा की खरीदारी वहां से करने की बात सूत्र कह रहे हैं।
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नशा करने के बाद उगले राज
डेहरी से शमीम सलमानी और उसके छोटे बेटे परवेज को हिरासत में लिया गया। सूत्रों की मानें तो शमीम नशेड़ी है। थाने में उससे पूछताछ की जाने लगी तो उसने नशे करने वाले कैप्सूल देने की डिमांड रखी। तमाम कोशिशों के बाद भी उसने पूछताछ में सहयोग नहीं किया। सूत्र बतातें हैं कि बाद में उसे एक मेडिकल स्टोर से खरीदकर नशा करने वाले कैप्सूल लाकर देने पड़े। जिसने नशा करने के बाद ही कई राज उगले हैं।
देर शाम तक डटी रही टीमें
छापेमारी करने के बाद देर शाम तक एटीएस और आर्मी इंटेलिजेंस की टीम कोतवाली देहात थाने में डेरा डाले रही। थाना के ही एक बंद कमरे में पूछताछ की गई। कोतवाली देहात पुलिस को भी इस मामले से दूर रखा गया। स्थानीय पुलिस की गैरमौजूदगी में ही हिरासत में लिए गए बाप बेटे से पूछताछ की गई।
मकान बंद कर फरार हुए परिवार वाले
एटीएस ने छापेमारी कर शमीम सलमानी और उसके बेटे परवेज को हिरासत में ले लिया। इसके बाद परिवार के दूसरे लोग मकान बंद कर फरार हो गए। ताला लगाकर पूरा परिवार कहीं चला गया। उधर गांव में तरह तरह की चर्चाएं रही।
तीन साल पहले ही बदला है ठिकाना
एटीएस की हिरासत में लिया गया शमीम सलमानी मूलरुप से कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के गांव पमडावली का रहने वाला था। तीन साल पहले वह अपनी ससुराल के गांव डहरी में आकर बस गया। शमीम सलमानी महेश्वरी जट में मुर्गे की दुकान करता है। उसका बड़ा बेटा जावेद पिछले दस सालों से कश्मीर में सैलून पर काम करता है। छोटा बेटा परवेज भी जावेद के पास ही था। अब एक महीना पहले ही गांव लौटा।