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33 सड़कों के निर्माण को मंजूरी
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बिजनौर। शहर के विकास के लिए कार्ययोजना बनाकर टेंडर जारी कर दिए गए हैं। पालिका 33 सड़कों और 11 नालों का निर्माण कराने जा रही है। हालांकि पुराने क्षेत्र को ज्यादा तरजीह दी गई है। नए इलाकों को सिर्फ 13 सड़कें मिली हैं, जबकि पुराने क्षेत्र में 20 सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
नगर पालिका बिजनौर का दस महीने पहले विस्तार हो चुका है, जिसमें चक्कर रोड के अंदर वाले 13 गांव की 78 हजार आबादी को भी शामिल कर लिया गया। पुरानी आबादी 93 हजार थी। अभी तक गांव में शामिल मोहल्लों को शहरी का तमगा मिला तो तेजी से विकास की आस जगी। हालांकि इन दस महीनों में पालिका के नए क्षेत्रों में कुछ खास नहीं हो पाया है। यूं तो पालिका ने इनके विकास का खाका तैयार किया है। नई आबादी में तमाम जगहों पर अभी भी कच्ची सड़कें हैं। खड़ंजा भी नहीं लगा हुआ है। जिस गति से नई आबादी में विकास होना चाहिए था, वो अभी नहीं है। जिसकी तस्वीर पालिका की नई कार्ययोजना ही साफ कर रही है। बता दें कि इस महीने पालिका क्षेत्र में 33 सड़कों और 11 नालों का निर्माण होना है। जिनमें नए इलाकों को सिर्फ 13 सड़क ही मिली हैं। बाकी पुराने शहर में बनेगी। यही हाल रहा तो नए क्षेत्रों का विकास करने में ही सालों बीत जाएंगे।
नहीं है कोई पैरोकार
पुरानी आबादी के पास अपने 25 सभासद हैं। जोविकास योजनाओं में अपने अपने वार्ड की भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए काफी हैं। उधर, नए क्षेत्रों के पास कोई सभासद नहीं है। विकास योजनाओं का रुख नए इलाकों की तरफ मोड़ने के लिए बोर्ड में मजबूत पैरोकारी जरूरी है। ऐसे में कहीं न कहीं सभासदों की कमी नए इलाकों को खलती होगी।
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वर्जन
33 सड़कों और 11 नालों का निर्माण किया जाना है। जिनमें 13 सड़के नए इलाकों में बनेगी बाकी पुराने शहर में बनाई जानी है। जहां जरूरी है, वहां सड़कों और नालों का निर्माण कराया जा रहा है।
- मनोज कुमार, अधिशासी अधिकारी
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नगर पालिका बिजनौर का दस महीने पहले विस्तार हो चुका है, जिसमें चक्कर रोड के अंदर वाले 13 गांव की 78 हजार आबादी को भी शामिल कर लिया गया। पुरानी आबादी 93 हजार थी। अभी तक गांव में शामिल मोहल्लों को शहरी का तमगा मिला तो तेजी से विकास की आस जगी। हालांकि इन दस महीनों में पालिका के नए क्षेत्रों में कुछ खास नहीं हो पाया है। यूं तो पालिका ने इनके विकास का खाका तैयार किया है। नई आबादी में तमाम जगहों पर अभी भी कच्ची सड़कें हैं। खड़ंजा भी नहीं लगा हुआ है। जिस गति से नई आबादी में विकास होना चाहिए था, वो अभी नहीं है। जिसकी तस्वीर पालिका की नई कार्ययोजना ही साफ कर रही है। बता दें कि इस महीने पालिका क्षेत्र में 33 सड़कों और 11 नालों का निर्माण होना है। जिनमें नए इलाकों को सिर्फ 13 सड़क ही मिली हैं। बाकी पुराने शहर में बनेगी। यही हाल रहा तो नए क्षेत्रों का विकास करने में ही सालों बीत जाएंगे।
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नहीं है कोई पैरोकार
पुरानी आबादी के पास अपने 25 सभासद हैं। जोविकास योजनाओं में अपने अपने वार्ड की भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए काफी हैं। उधर, नए क्षेत्रों के पास कोई सभासद नहीं है। विकास योजनाओं का रुख नए इलाकों की तरफ मोड़ने के लिए बोर्ड में मजबूत पैरोकारी जरूरी है। ऐसे में कहीं न कहीं सभासदों की कमी नए इलाकों को खलती होगी।
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33 सड़कों और 11 नालों का निर्माण किया जाना है। जिनमें 13 सड़के नए इलाकों में बनेगी बाकी पुराने शहर में बनाई जानी है। जहां जरूरी है, वहां सड़कों और नालों का निर्माण कराया जा रहा है।
- मनोज कुमार, अधिशासी अधिकारी