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Bijnor News: तीन साल में दो हजार सांपों का रेस्क्यू कर इसरार बने सर्प मित्र
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बिजनौर के ग्राम गजरौला शिव में सांप पकड़ते सर्प मित्र इसरार। फाइल फोटो
मोहम्मद यूनुस
गजरौला शिव। बरसात और गर्मी के मौसम में सांप, बिच्छू और अन्य जीव-जंतु बिलों से बाहर निकल रहे हैं। ऐसे में गजरौला शिव निवासी इसरार अहमद पिछले तीन वर्षो से सांपों का रेस्क्यू कर रहे हैं। करीब दो हजार सांपों का रेस्क्यू कर आबादी से दूर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ चुके हैं।
इसरार बताते हैं कि 2023 में उन्होंने पहली बार अपने पड़ोसी नवनीत के घर से लकड़ी की सहायता से रसेल वाइपर (चित्ती) का रेस्क्यू किया था। इसके बाद उन्होंने लगातार इस कार्य को जारी रखा। उन्होंने नाग, कोबरा, करैत और रसेल वाइपर जैसे खतरनाक जहरीले सांपों के अलावा पानी में रहने वाले सांपों का भी सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है।
28 जून की रात धर्मनगरी में भी एक घर से पानी वाले सांप को सुरक्षित पकड़ा था। सांप पकड़ने के लिए आसपास के गांव मुकीमपुर धर्मसी, गजरौला अचपल, जंदरपुर, हमीदपुर, जमालपुर, धर्मनगरी, मंडावली, झलरा, रानीपुर, मंडावर और बिजनौर शहर समेत कई स्थानों से लोग अब उन्हें फोन कर बुलाते हैं। जून और जुलाई में ही वह 20 से अधिक सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं।
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रेस्क्यू के दौरान सात बार सांप ने काटा : इसरार ने बताया कि रेस्क्यू अभियान के दौरान उन्हें अब तक सात बार सांप काट चुके हैं। कुछ मामलों में उन्होंने घरेलू तरीके अपनाए। जबकि एक बार एसपी आवास के पास घोड़ा पछाड़ सांप पकड़ते समय उसे काट लिया था। पुलिसकमी उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां उन्हें एंटी स्नेक वेनम के 13 इंजेक्शन लगाए गए।
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गजरौला शिव। बरसात और गर्मी के मौसम में सांप, बिच्छू और अन्य जीव-जंतु बिलों से बाहर निकल रहे हैं। ऐसे में गजरौला शिव निवासी इसरार अहमद पिछले तीन वर्षो से सांपों का रेस्क्यू कर रहे हैं। करीब दो हजार सांपों का रेस्क्यू कर आबादी से दूर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ चुके हैं।
इसरार बताते हैं कि 2023 में उन्होंने पहली बार अपने पड़ोसी नवनीत के घर से लकड़ी की सहायता से रसेल वाइपर (चित्ती) का रेस्क्यू किया था। इसके बाद उन्होंने लगातार इस कार्य को जारी रखा। उन्होंने नाग, कोबरा, करैत और रसेल वाइपर जैसे खतरनाक जहरीले सांपों के अलावा पानी में रहने वाले सांपों का भी सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है।
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28 जून की रात धर्मनगरी में भी एक घर से पानी वाले सांप को सुरक्षित पकड़ा था। सांप पकड़ने के लिए आसपास के गांव मुकीमपुर धर्मसी, गजरौला अचपल, जंदरपुर, हमीदपुर, जमालपुर, धर्मनगरी, मंडावली, झलरा, रानीपुर, मंडावर और बिजनौर शहर समेत कई स्थानों से लोग अब उन्हें फोन कर बुलाते हैं। जून और जुलाई में ही वह 20 से अधिक सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं।
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रेस्क्यू के दौरान सात बार सांप ने काटा : इसरार ने बताया कि रेस्क्यू अभियान के दौरान उन्हें अब तक सात बार सांप काट चुके हैं। कुछ मामलों में उन्होंने घरेलू तरीके अपनाए। जबकि एक बार एसपी आवास के पास घोड़ा पछाड़ सांप पकड़ते समय उसे काट लिया था। पुलिसकमी उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां उन्हें एंटी स्नेक वेनम के 13 इंजेक्शन लगाए गए।