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अफसरों के नहीं पहुंचने पर नाराज हुए माटी कला बोर्ड अध्यक्ष
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बिजनौर। माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष धर्मवीर प्रजापति अफसरों की अनदेखी पर बिफर पडे़। उनकी बुलाई बैठक में कोई अफसर नहीं आया। इस बात पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और मुख्यमंत्री से जिले के अफसरों की शिकायत करने को कहा। अधिकारी , धर्मवीर प्रजापति की मान मनव्वल करने में जुटे रहे पर वह नहीं माने। अफसरों से नाराज होकर वह सहारनपुर को चले गए।
माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष धर्मवीर प्रजापति ने कलक्ट्रेट के सभा कक्षा में माटी कला बोर्ड की बैठक बुलाई थी। बैठक में सभी अफसरों को आना था। धर्मवीर प्रजापति तो बैठक में पहुंच गए। जल निगम के एक अधिकारी व प्रभारी सूचना अधिकारी मुशर्रत बैठक में मौजूद रहे पर अन्य कोई अधिकारी बैठक में नहीं आया। धर्मवीर प्रजापति के चाय नाश्ते का भी कोई प्रबंध नहीं किया गया। अफसरों की बेरूखी देख धर्मवीर प्रजापति का पारा चढ़ गया। तीन बजे से चार बजे तक वह कलक्ट्रेट सभा कक्ष में रहे। पर कोई नहीं आया। इसके बाद धर्मवीर प्रजापति डाक बंगले पहुंचे। उनके पीछे एडीएम वित्त एवं राजस्व अवधेश मिश्र, एसडीएम ब्रजेश कुमार, तहसीलदार ब्रजेश कुमार भी डाक बंगले पहुंच गए। डाक बंगले में पत्रकारों से वार्ता करते हुए धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि बिजनौर में अफसरों ने जितनी उनकी बेइज्जती की है ,उतनी कभी नहीं हुई। डीएम व एसपी से लेकर कोई भी अफसर बैठक में नहीं आए। यह सारी बात वह मुख्यमंत्री को बताएंगे। अब अफसरों को मुख्यमंत्री को ही जवाब देना पडे़गा। वह सूबे के 43 जिलों में घूम कर आए हैं। कहीं उनके साथ ऐसी बेरूखी नहीं की गई है। एसडीएम व एडीएम तथा अन्य अफसर उन्हें मनाने में लगे रहे पर उन्होंने किसी की नहीं सुनी। अफसर कहते रहे कि आइंदा कभी ऐसी गलती नहीं होगी। पर उन्होंने किसी की नहीं सुनी। पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि मिट्टी के बर्तनों को लोग भूल गए हैं। यहीं बीमारी का कारण है। एल्मूनियम के बर्तनों का प्रयोग करने से तमाम बीमारी लग रही है।
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माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष धर्मवीर प्रजापति ने कलक्ट्रेट के सभा कक्षा में माटी कला बोर्ड की बैठक बुलाई थी। बैठक में सभी अफसरों को आना था। धर्मवीर प्रजापति तो बैठक में पहुंच गए। जल निगम के एक अधिकारी व प्रभारी सूचना अधिकारी मुशर्रत बैठक में मौजूद रहे पर अन्य कोई अधिकारी बैठक में नहीं आया। धर्मवीर प्रजापति के चाय नाश्ते का भी कोई प्रबंध नहीं किया गया। अफसरों की बेरूखी देख धर्मवीर प्रजापति का पारा चढ़ गया। तीन बजे से चार बजे तक वह कलक्ट्रेट सभा कक्ष में रहे। पर कोई नहीं आया। इसके बाद धर्मवीर प्रजापति डाक बंगले पहुंचे। उनके पीछे एडीएम वित्त एवं राजस्व अवधेश मिश्र, एसडीएम ब्रजेश कुमार, तहसीलदार ब्रजेश कुमार भी डाक बंगले पहुंच गए। डाक बंगले में पत्रकारों से वार्ता करते हुए धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि बिजनौर में अफसरों ने जितनी उनकी बेइज्जती की है ,उतनी कभी नहीं हुई। डीएम व एसपी से लेकर कोई भी अफसर बैठक में नहीं आए। यह सारी बात वह मुख्यमंत्री को बताएंगे। अब अफसरों को मुख्यमंत्री को ही जवाब देना पडे़गा। वह सूबे के 43 जिलों में घूम कर आए हैं। कहीं उनके साथ ऐसी बेरूखी नहीं की गई है। एसडीएम व एडीएम तथा अन्य अफसर उन्हें मनाने में लगे रहे पर उन्होंने किसी की नहीं सुनी। अफसर कहते रहे कि आइंदा कभी ऐसी गलती नहीं होगी। पर उन्होंने किसी की नहीं सुनी। पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि मिट्टी के बर्तनों को लोग भूल गए हैं। यहीं बीमारी का कारण है। एल्मूनियम के बर्तनों का प्रयोग करने से तमाम बीमारी लग रही है।
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