फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Aishwarya's parole petition canceled

ऐश्वर्य का पैरोल प्रार्थना पत्र निरस्त

Wed, 29 Mar 2017 12:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Wed, 29 Mar 2017 12:09 AM IST
विज्ञापन
बिजनौर में पेद्दा हत्याकांड में विवेचक ने छह आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य न होने के आधार पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल नहीं की है। पेद्दा हत्याकांड में वादी ने प्रार्थना पत्र देकर छह व्यक्तियों के नाम निकाले जाने पर ऐतराज जताया है और कोर्ट से उनके विरुद्ध संज्ञान लेने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश मुमताज अली ने संज्ञान के पर सुनवाई के लिए 30 मार्च की तिथि नियत की है। इस मामले में कोर्ट ने पेद्दा हत्याकांड में आरोपी युवा भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी की पैरोल प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया है।
विज्ञापन

16 सितंबर 2016 को कोतवाली शहर के गांव पेद्दा में छेड़छाड़ की घटना के विरोध में एक ही पक्ष के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में 16 गांव वाले घायल हुए थे। घटना से सूबे में सनसनी फैल गई थी। इस मामले में वादी फुरकान ने 26 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना में युवा भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी, व्यापारी अरुण कबाड़ी व भोगी के कार्तिक का नाम शामिल किया था।
विज्ञापन

विवेचक की ओर से कोर्ट में दाखिल रिपोर्ट में कहा गया कि पेद्दा हत्याकांड में दिलावर प्रधान, प्रफुल्ल, टीशू उर्फ यश, पप्पन, नरेश व सोनू के विरुद्ध साक्ष्य नहीं होने के कारण चार्जशीट दाखिल नहीं की जाती है। इनके खिलाफ विवेचना समाप्त की जाती है। छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल न किए जाने पर वादी फुरकान ने चुनौती दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

वादी द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि जिन छह आरोपियों के नाम पुलिस ने निकाले हैं, इनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य केस डायरी में मौजूद हैं। विवेचक ने गलत तौर से इनके नाम निकाले हैं। इनके खिलाफ भी संज्ञान लिया जाए। कोर्ट ने वादी के प्रार्थना पत्र पर संज्ञान के विषय में सुनवाई के लिए 30 मार्च की तिथि नियत की है। ऐश्वर्य चौधरी इस समय महाराजगंज जेल में बंद हैं।

16 जनवरी को ऐश्वर्य चौधरी ने बीमारी के उपचार के लिए पैरोल के लिए स्वयं न्यायालय में उपस्थित होकर प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थना पत्र देने के बाद सुनवाई के लिए ऐश्वर्य चौधरी उपस्थित हुए, पर उनके द्वारा कोई बहस नहीं की गई। उनके अधिवक्ताओं द्वारा भी प्रार्थना पत्र पर बल नहीं दिया गया। प्रार्थना पत्र पर बल नहीं दिए जाने के आधार पर अदालत ने पैरोल प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed