फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Afzalgarh's Yellow Dam Drought

अफजलगढ़ का पीली बांध सूखा

Fri, 02 Jun 2017 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Fri, 02 Jun 2017 12:01 AM IST
विज्ञापन
Afzalgarh's Yellow Dam Drought
रामगंगा नदी में पानी की कमी के चलते मर रही मछलियां। - फोटो : अमर उजाला
धामपुर में अफजलगढ़ ब्लॉक में आने वाला पीली बांध बारिश न होने के कारण सूख गया है। बांध में नहीं के बराबर पानी होने से जलीय जीव मर रहे हैं। बांध सूखने से क्षेत्र की पोषक नहरों से फसलों की सिंचाई करने वाले किसान बेहद परेशान हैैं।
विज्ञापन

बांध सूखने से विभागीय अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि अगस्त 2016 से अब तक बारिश नहीं हुई है। अफजलगढ़गढ़ सिंचाई खंड धामपुर के एक्सईएन आरके शर्मा ने बांध के सूखने की पुष्टि की है। 
विज्ञापन

 अफजलगढ़ ब्लॉक क्षेत्र की अमानगढ़ रेंज में स्थित पीली बांध की क्षमता 39.20 घनमीटर की है। रिकॉर्ड के अनुुसार, इससे 11 पोषक नहरें निकली हैं। इस क्षेत्र में फसलों की सिंचाई के लिए नहरें की एकमात्र साधन हैं। पीली बांध के सूखने से इन नहरों में कालागढ़ के रामगंगा बांध से पानी छुड़वाने का प्रयास किया गया, लेकिन किसान असंतुष्ट हैं। किसान रमेश चंद शेखावत, पुखराज सिंह, भोपाल सिंह, सुरेश कुमार, महेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह का कहना है कि पानी न होने से अब तक किसानों ने धान की नर्सरी नहीं बोई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, एक्सईएन आरके शर्मा के मुताबिक, उन्होंने किसानों की समस्या का निदान कराने का प्रयास किया था। अब कालागढ़ के रामगंगा बांध को खाली कर मरम्मत कार्य चल रहा है। ऐसे में वहां से भी मदद नहीं मिल रही है। इस समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। बांध में पानी न के बराबर है। ऐसे में जलीय जीवों का बचना मुश्किल नजर  आ रहा है।


रामगंगा नदी में मर रही मछलियों से फैल रहा प्रदूषण
कालागढ़ में रामगंगा बांध की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे क्लोजर के कार्य के दौरान बड़ी संख्या में जलीय जीवों के मरने के कारण नदी में प्रदूषण फैल रहा है। जिसकी वजह से पूरे क्षेत्र में जीवों के स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो रहा है। उधर, कालागढ़ टाइगर रिजर्व के डीएफओ धीरज पांडे का कहना है कि इस बारे में वन विभाग ने सिंचाई विभाग से पूछा है।रामगंगा बांध के क्लोजर के काम के दौरान जलीय जीवों की मौत का सिलसिला जारी है। रामगंगा नदी में अब बड़ी मछलियों के शव तैर रहे है। जिससे वातावरण दूषित हो रहा  है। वहीं आशंका व्यक्त की जा रही है। कि बांध के जलाशय में रहने वाले मगरमच्छ, सांप आदि तो इसका शिकार नही हो गए हैं। रामगंगा बांध पर लंका क्षेत्र में मगरमच्छ निवास करते है। यहां सांप भी रहते है। अब यह इलाका पानी से खाली है। नागरिकों संतराम सिंह, लाखन राम, मंजीत, राजभर सिंह आदि का कहना है कि नदी में बदबू भरा पानी चल रहा है। जिससे पशुओं को खतरा पैदा हो रहा है। वहीं इस पानी से खेतों की सिंचाई करते भी  भय लग रहा है। उधर, कालागढ़ डिविजन के डीएफओ धीरज पांडे के अनुसार अभी तक कहीं किसी घड़ियाल, मगरमच्छकी मौत की  सूचना नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed