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‘आजादी के बाद कर्जदार हुआ किसान’

Thu, 12 Oct 2017 12:18 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर Updated Thu, 12 Oct 2017 12:18 AM IST
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'After Independence, the debtor became farmer'
सम्मेलन को संबोधित करते अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डा.प्रवीण तोगड़िया। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर। विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि देश का किसान मुगलों और अंग्रेजों के समय गरीब हुआ था, लेकिन देश आजाद होने के बाद वह कर्जदार हो गया। किसानों के कर्ज और गरीबी को फसलों की लागत का डेढ़ गुना मूल्य देकर ही खत्म किया जा सकता है। डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि किसान खुद भी जैविक खेती कर और अपने खेतों में रासायनिक के बजाए देशी खाद प्रयोग की उपज बढ़ा सकते हैं।
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काकरान वाटिका में आयोजित समृद्ध किसान सम्मेलन में उन्होंने कहा कि 500 साल पहले कारखानों के कारण नहीं बल्कि समृद्ध खेती के कारण देश सोने की चिड़िया था। फिर मुगलों और अंग्रेजों के समय में किसान गरीब हुआ, लेकिन देश को आजादी मिलने के बाद किसान कर्जदार हुआ है। आज देश के 13 करोड़ किसान परिवारों में सात करोड़ कर्जदार हैं। पूरे देश के किसानों पर आठ लाख करोड़ का कर्ज है। पहले दो दो साल तक सूखा पड़ने पर भी किसान आत्महत्या नहीं करता था और अब देश में हर साल 12 से 15 हजार किसान आत्महत्या करते हैं। 1995 से अब तक 3 लाख 11 हजार किसान आत्महत्या कर चुके हैं। अगर कहीं 100 लोग मर जाएं तो हम दुख की वजह से खाना तक नहीं खाते, लेकिन लाखों किसानों की आत्महत्या पर भी किसी की नींद नहीं खुली।
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100 रुपये क्विंटल गेहूं, 150 रुपये तोले था सोना 1970 में एक क्विंटल गेहूं का मूल्य 100 रुपये और एक तोले (10 ग्राम) सोने का मूल्य 150 रुपये था। आज एक क्विंटल गेहूं केवल 1500 से दो हजार रुपये क्विंटल ही बिकता है, जबकि एक तोला सोने की कीमत 30 हजार रुपये हो गई। वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रण में करने का यह मतलब नहीं होता कि फसलों के मूल्य ही न बढ़ाए जाएं। कहा कि अमेरिका में पिछले 40 सालों से फसलों, दूध के दाम नहीं बढ़े फिर भी वहां किसानों ने आत्महत्या नहीं की क्योंकि उत्पादन का पैसा सरकार अमेरिका की सरकार देती है। ऐसे ही देश में भी सरकारों को किसानों को उत्पादन का पैसा देना चाहिए। किसानों को फसल लागत का डेढ़ गुना मूल्य मिलना चाहिए। अगर किसान को फसल की लागत से भी कम मूल्य दिया जाएगा तो किसान कर्जदार ही होगा।
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स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट अब तक लागू नहीं स्वामीनाथन आयोग द्वारा 2006 में दी गई रिपोर्ट की सिफारिशों को अब तक लागू नहीं किया गया है। उसमे खेती, किसान को बचाने के लिए लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने की बात कही गई है। अगर यह रिपोर्ट लागू हो गई तो किसानों को गन्ने का दाम 400 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा। उन्होंने किसानों को खुद को समृद्ध करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि वे भी किसान हैं और हर साल दो बार अपने गांव जाकर खेतों में काम करते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामदर्शन अग्रवाल, संचालन विहिप के विभाग मंत्री जितेंद्र चौधरी ने की। इस दौरान विहिप के जिलाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह, जिला संघ चालक डॉ. टीसी अग्रवाल, सीताराम राणा, राजीव अग्रवाल, प्रदीप चौहान, ईश्वरी प्रसाद, कपिल चौधरी, बलराज सिंह, कुंवर वीरेंद्र प्रताप सिंह, अनिल पांडे, मयंक मयूर, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव सिसौदिया, भगवंत ग्रुप के चेयरमैन अनिल सिंह आदि मौजूद रहे।
आम किसान की तरह नजर आए तोगड़िया कार्यक्रम में प्रवीण तोगड़िया एक कट्टरवादी हिंदू नेता के बजाए कृषि वैज्ञानिक या आम किसान की तरह ही नजर आए। उन्होंने किसानों को लागत कम करने और फसल उत्पादन बढ़ाने के ये टिप्स दिए उन्होंने रासायनिक खाद को खत्म करने की अपील की। कहा कि यूरिया में केवल नाइट्रोजन होती है। एक एकड़ जमीन में एक लाख 70 हजार टन यूरिया भगवान ने खुद ही दिया है। लेकिन उस यूरिया को खेत में ले जाने का काम करने वाले सूक्ष्म जीवों को किसानों ने रसायन का प्रयोग करके मार दिया है। गोबर की खाद के एक विशेष घोल से उन्हें फिर से खेत में पैदा किया जा सकता है। खेतों में जैविक खाद प्रयोग करने का आह्वान किया। मिट्टी की सेहत का ध्यान दें किसान डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि पहले एक ग्राम मिट्टी में दस करोड़ सूक्ष्म जीव होते थे, अब दस लाख ही रह गए हैं। मिट्टी की सेहत का ध्यान नहीं दिया तो उसे कैंसर हो जाएगा। कहा कि यूरिया डालने से अच्छा है खेत में अच्छे वेक्टिरिया वाले खादों को डालें। फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के तरीके भी बताए। कहा कि पानी की कमी से फसलें मर जाती हैं। वैज्ञानिकों ने ऐसा पाउडर बनाया है जो खेत में भरे पानी में बहुत कम मात्रा में डाले जाने पर भी पानी को जकड़कर जमा देगा। कुछ दिनों बाद पानी से पाउडर का प्रभाव हटेगा तो पानी फिर से तरल बन जाएगा और खेतों की सिंचाई जो जाएगी। उन्होंने पानी से भरे गिलास में इसका प्रदर्शन करके भी दिखाया। कभी हार नहीं मानता हिंदू : तोगड़िया डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने गांव आदमपुर स्थित शिव मंदिर स्थित विश्व हिंदू परिषद कार्यालय का उद्घाटन किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपने संक्षिप्त भाषण में कहा कि हिंदू समाज पहले भी सशक्त था और आज भी सशक्त है। हिंदू ने तलवार चलानी भी सीखी है और मान सम्मान पर बात आने पर बदला भी लिया है। हिंदू सदियों से जीतता आया है और उसने कभी हार नहीं मानी है। हमारी यह संस्कृति कभी खत्म नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हमें मंदिर भी चाहिए और समृद्धि भी। विश्व हिंदू परिषद हिंदुओं की एकता के लिए काम कर रहा है।
गीता नगरी में डेढ़ घंटा रुके तोगड़िया डॉ. प्रवीण तोगड़िया नमामि गंगे और गंगा विचार मंच के जिला संयोजक सौरभ सिंघल के गीता नगरी स्थित आवास पर डेढ़ घंटा रुके। फूलों की वर्षा भी की गई। वहां पहुंचने पर प्रवीण तोगड़िया का तिलक लगाकर शंख ध्वनि के साथ स्वागत किया गया। वहां प्रदीप कुमार सिंघल, डॉ. नवनीत गर्ग, निशा सिंघल, शालिनी सिंघल, एसके बबली, जनार्दन अग्रवाल, दीपक गर्ग समेत तमाम हिंदूवादी संगठनों के अलावा भाजपा, आरएसएस के नेता मौजूद रहे।
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