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अभी ट्रेन संचालन के आसार नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Nov 2016 12:14 AM IST
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सूकरो नदी रेल पुल के पिलर का धीमी गति से चल रहा निर्माण कार्य।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के नजीबाबाद-कोटद्वार ब्रांच लाइन पर दिसंबर माह में रेलों का संचालन शुरू होने की संभावना कम ही नजर नहीं आ रही है। इससे यात्रियों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। नजीबाबाद-कोटद्वार ब्रांच लाइन पर पिलर ढहने से 23 जुलाई 2016 से ट्रेनों का संचालन रद है।
नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें पूर्णत: बंद हैं, जबकि दिल्ली-कोटद्वार के बीच चलने वाली गढ़वाल एक्सप्रेस ट्रेन नजीबाबाद से ही संचालित हो रही है। रेलवे ने ध्वस्त पिलर का मलबा हटाने के बाद नया पिलर बनाने का फैसला लिया था। हालांकि कुछ ही समय बाद रेलवे पुल का दूसरा पिलर भी सूकरो नदी के तेज बहाव की भेंट चढ़ गया था।
दिल्ली से आए रेलवे के जीएम एवं तकनीकी अधिकारियों और मंडलीय अधिकारियों ने नजीबाबाद-कोटद्वार ब्रांच लाइन की सूूकरो नदी पर पुल से जुड़े पिलर की खस्ता हालत को देखते हुए नए सिरे से पुल निर्माण कराने का निर्णय अक्तूबर में लिया था। रेलवे ने छह पिलर के स्थान पर पुल के मध्य में एक पिलर के साथ पुल निर्माण की योजना को अंतिम रूप दिया था। डीआरएम ने दिसंबर के अंत तक पुल निर्माण पूरा होने तथा ट्रेनों का संचालन की संभावना व्यक्त की थी।
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नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें पूर्णत: बंद हैं, जबकि दिल्ली-कोटद्वार के बीच चलने वाली गढ़वाल एक्सप्रेस ट्रेन नजीबाबाद से ही संचालित हो रही है। रेलवे ने ध्वस्त पिलर का मलबा हटाने के बाद नया पिलर बनाने का फैसला लिया था। हालांकि कुछ ही समय बाद रेलवे पुल का दूसरा पिलर भी सूकरो नदी के तेज बहाव की भेंट चढ़ गया था।
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दिल्ली से आए रेलवे के जीएम एवं तकनीकी अधिकारियों और मंडलीय अधिकारियों ने नजीबाबाद-कोटद्वार ब्रांच लाइन की सूूकरो नदी पर पुल से जुड़े पिलर की खस्ता हालत को देखते हुए नए सिरे से पुल निर्माण कराने का निर्णय अक्तूबर में लिया था। रेलवे ने छह पिलर के स्थान पर पुल के मध्य में एक पिलर के साथ पुल निर्माण की योजना को अंतिम रूप दिया था। डीआरएम ने दिसंबर के अंत तक पुल निर्माण पूरा होने तथा ट्रेनों का संचालन की संभावना व्यक्त की थी।
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