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देवोत्थान एकादशी पर जिले में खूब बजीं शहनाई, डीजे-बैंड पर थिरके लोग
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बिजनौर। देवोत्थान एकादशी पर जिले में बुधवार को करीब 500 शादी-विवाह हुए। इनमें खूब शहनाई बजीं और डीजे व बैंड पर लोग थिरकते रहे। हालांकि कोरोना के डर से शादी में ज्यादा ताम-झाम नहीं देखने को मिला। जिले में कोई भी बैंक्वेट हॉल व धर्मशाला खाली नहीं रही। गांव, देहात में लोगों ने टैंट लगाकर शादी समारोह आयोजित किया।
कोरोना गाइडलाइन का असर शादी ब्याह पर भी दिखाई दिया। शादी में 100 लोगों से ज्यादा के शामिल होने की अनुमति नहीं थी। नजीबाबाद रोड पर स्वयंवर बैंक्वेट हॉल, किरन उत्सव मंडप, कोतवाली के सामने राजमिलन बैंक्वेट हॉल, बैराज रोड पर कान्हा फार्म, चक्कर रोड पर कई फार्म हाउस हैं। कोरोना काल से पहले वहां शादी समारोह के दौरान जबरदस्त भीड़ रहती थी। बैंक्वेट हॉल के बाहर पार्किंग की जगह कम पड़ जाती थी और वाहन सड़क किनारे दूर तक खड़े किए जाते थे। एक दिन में कई शादी होने पर जाम के हालात बने रहते थे। बुधवार को अलग नजारा मिला। इस बार न तो कहीं जाम दिखाई नहीं दिया और बैंक्वेट हॉल के बाहर भी बड़ी तादाद में वाहन नजर नहीं आए।
दिन में जो शादी हुईं उनमे भी इस बात का ध्यान रखा गया कि हॉल या टैंट में एक साथ बहुत से लोग एकत्र न हों। मेहमानों को किश्तों में खाना खाने के लिए भेजा गया। बिजनौर के एक बड़े बैंक्वेट हॉल में भीड़ बढ़ी तो बैंक्वेट हॉल स्वामी दूल्हा-दुल्हन के परिवार वालों से भिड़ गया और भीड़ को निकालने की बात कही।
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नहीं लगाया मास्क
लोगों में कोरोना का डर तो दिखाई दिया। शादी, ब्याह में कम लोग बुलाए। पर कहीं पर भी सोशल डिस्टेंसिंग दिखाई नहीं दी। लोग मास्क लगाए भी नहीं रहे। कुछ लोग बैंक्वेट हॉल में मास्क लगाए थे। बाकी लोग बिना मास्क के ही घूम रहे थे। चढ़त के दौरान भी ये लोग आपस में दूूरी बनाना भूल गए और खूब डांस किया।
पुलिस रही सक्रिय
जाम न लग पाए इसके लिए नजीबाबाद, चक्कर रोड व बैराज रोड पर पुलिस तैनात रही। दिन में पुलिस ने शास्त्री चौक पर चेकिंग अभियान भी चलाया। जिन लोगों ने मास्क नहीं लगाया था व हेलमेट नहीं पहना था उनका चालान किया गया। जिले में इसके अलावा भी कई जगह चेकिंग अभियान चलाया गया।
नहीं आया पूरा परिवार
शादी ब्याह में परिवार के लोगों ने भी पूरा ध्यान रखा। एक शादी में पूरा परिवार एक साथ नहीं आया। परिवार में एक या दो सदस्य ही आए। दिन में होने वाली शादियों में लोगों ने खाना खाया और घर चले गए। यही हाल रात को भी रहा। लोग भीड़ से बचते रहे।
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कोरोना गाइडलाइन का असर शादी ब्याह पर भी दिखाई दिया। शादी में 100 लोगों से ज्यादा के शामिल होने की अनुमति नहीं थी। नजीबाबाद रोड पर स्वयंवर बैंक्वेट हॉल, किरन उत्सव मंडप, कोतवाली के सामने राजमिलन बैंक्वेट हॉल, बैराज रोड पर कान्हा फार्म, चक्कर रोड पर कई फार्म हाउस हैं। कोरोना काल से पहले वहां शादी समारोह के दौरान जबरदस्त भीड़ रहती थी। बैंक्वेट हॉल के बाहर पार्किंग की जगह कम पड़ जाती थी और वाहन सड़क किनारे दूर तक खड़े किए जाते थे। एक दिन में कई शादी होने पर जाम के हालात बने रहते थे। बुधवार को अलग नजारा मिला। इस बार न तो कहीं जाम दिखाई नहीं दिया और बैंक्वेट हॉल के बाहर भी बड़ी तादाद में वाहन नजर नहीं आए।
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दिन में जो शादी हुईं उनमे भी इस बात का ध्यान रखा गया कि हॉल या टैंट में एक साथ बहुत से लोग एकत्र न हों। मेहमानों को किश्तों में खाना खाने के लिए भेजा गया। बिजनौर के एक बड़े बैंक्वेट हॉल में भीड़ बढ़ी तो बैंक्वेट हॉल स्वामी दूल्हा-दुल्हन के परिवार वालों से भिड़ गया और भीड़ को निकालने की बात कही।
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नहीं लगाया मास्क
लोगों में कोरोना का डर तो दिखाई दिया। शादी, ब्याह में कम लोग बुलाए। पर कहीं पर भी सोशल डिस्टेंसिंग दिखाई नहीं दी। लोग मास्क लगाए भी नहीं रहे। कुछ लोग बैंक्वेट हॉल में मास्क लगाए थे। बाकी लोग बिना मास्क के ही घूम रहे थे। चढ़त के दौरान भी ये लोग आपस में दूूरी बनाना भूल गए और खूब डांस किया।
पुलिस रही सक्रिय
जाम न लग पाए इसके लिए नजीबाबाद, चक्कर रोड व बैराज रोड पर पुलिस तैनात रही। दिन में पुलिस ने शास्त्री चौक पर चेकिंग अभियान भी चलाया। जिन लोगों ने मास्क नहीं लगाया था व हेलमेट नहीं पहना था उनका चालान किया गया। जिले में इसके अलावा भी कई जगह चेकिंग अभियान चलाया गया।
नहीं आया पूरा परिवार
शादी ब्याह में परिवार के लोगों ने भी पूरा ध्यान रखा। एक शादी में पूरा परिवार एक साथ नहीं आया। परिवार में एक या दो सदस्य ही आए। दिन में होने वाली शादियों में लोगों ने खाना खाया और घर चले गए। यही हाल रात को भी रहा। लोग भीड़ से बचते रहे।