फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   मतदान के दिन पिस्टल लेकर बेखौफ घूमा था आतंकी अमजद

मतदान के दिन पिस्टल लेकर बेखौफ घूमा था आतंकी अमजद

Sun, 05 Oct 2014 05:32 AM IST
Bijnor
Bijnor Updated Sun, 05 Oct 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
बिजनौर। बिजनौर में विस्फोट होने के बाद भी आतंकियों को पुलिस का जरा भी डर नहीं था। मतदान के दिन पुलिस की नाकेबंदी केदौरान भी आतंकी अमजद उर्फ उमर अपनी अंटी में पिस्टल लगाए बाइक से बेखौफ होकर घूमकर साथियाें को छिपाने के लिए ठिकाना ढूंढता रहा। फुरकान को झालू से बाइक पर बैठाकर अमजद बिजनौर तक लाया था। फिर उसे झालू भी लेकर गया।
विज्ञापन

विस्फोट होने के बाद अमजद ने झुलसे साथी महबूब को दूसरे साथी के साथ भाटान के मकान पर छोड़ आया। रात भर सभी कमरे पर रहे । अगले दिन मतदान था। हर चौराहे पर पुलिस व अर्द्घसैनिक बल तैनात था। बेखौफ असलम अकेला बाइक उठाकर झालू पहुंच गया। झालू में असलम फुरकान के घर गया तथा फुरकान को अपन ेसाथ बाइक पर बैठा लाया। फु रकान के मुताबिक आतंकी अमजद के साथ जब वह बिजनौर आया तो जगह -जगह पुलिस लगी थी। पर अमजद को जरा भी डर नहीं था। उसने अमजद से पुलिस के बारे में बताया तो अमजद ने फुरकान से कहा कि डरना मत पुलिस को वह अकेला देख लेगा। अमजद ने अंटी में लगा पिस्टल भी फुरकान को दिखाया। अमजद बिजनौर में जानी का चैराहे से सरे आम शहर में बाइक निकाल कर जेल के रास्ते सें निकलकर भाटान में पहुंच गया। उसे जेल की दीवार के पास खड़ा करके पीछे की ओर ने देखने की हिदायत देकर चला था। दस मिनट बाद वह हुस्ना के भाई नदीम के साथ लौटा। नदीम को वही छोड़कर बाइक से फुरकान के साथ फिर झालू पहुंच गया। झालू में कमरा तलाश किया पर नहीं मिला। सब जगह घूमकर मदरसे पर गए । जब सब ने ठिकाना देने को हाथ खड़े कर दिए तो अमजद ने फुरकान के मोबाइल से हुस्ना से बात की । हुस्ना नदीम के साथ झालू पहुंची। अमजद व हुस्ना के बीच तय हुआ कि उमरी के जंगल में आतंकियों को छिपा दिया जाए। तब सब इसके लिए राजी हुए। फुरकान ने स्वीकारा ने अमजद ने उसकेमोबाइल से कई बार तो हुस्ना व कई बार अपने साथियों से भी बात की थी। उसे नहीं मालूम था कि अमजद कहां बात कर रहा है। बाद में हुस्ना व नदीम को बाइक पर बैठाकर अमजद चला गया। अमजद को वह भी उमर नाम से जानता था। हुस्ना का भाई कारी अतीकुर्रहमान झालू की एक मस्जिद में इमाम था तब से फुरकान उसे जानता था। फुरकान ने पुलिस के दिए बयान में कहा है कि अमजद ने पहले उसे बताया कि कुकर फटने से एक साथी झुलसा है। उसका इलाज कराना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed