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अब मेले नहीं गुरुमति समागम होंगे
Bijnor
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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नजीबाबाद। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सिख समाज भी लामबंद हुआ है। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटियों और प्रबुद्ध लोगों की विशाल बैठक में विशेष मौकों पर मेलों का आयोजन न कर गुरुमति समागम करने सहित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
गुुरुद्वारा श्री गुरु तेगबहादुर साहिब घासीवाला में क्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्थित गुरुद्वारों की प्रबंध कमेटियों और सिख समाज के प्रबुद्ध लोगों की खुली बैठक आयोजित हुई, जिसमें सामाजिक कुरीति उन्मूलन पर विचार-विमर्श किया गया। क्षेत्र के गुरुद्वारों पर विशेष दिवस पर आयोजित होने वाले मेलों पर प्रतिबंध लगा दिया गया और तय हुआ कि मेलों के स्थान पर विशेष गुुरुमति समागम आयोजित किए जाएं। ताकि सिख पीढ़ियां गुरु इतिहास को जानने के साथ गुरुघर की मर्यादाओं और आदर्शों को अपना सकें। किसी भी सिख परिवार में दु:ख के समय बड़े पैमाने पर सामूहिक भोज और लेन-देन की परंपरा पर विराम लगाने पर सहमति बनी। इसके अलावा मदिरापान, नशीले पदार्थों के इस्तेमाल से परहेज करने का आह्वान किया गया।
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा बड़िया के प्रधान सरदूल सिंह की उपस्थिति एवं कश्मीर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित मीटिंग में लालावाला गुरुद्वारे के प्रधान बलदेव सिंह, बलवीर सिंह (बीरूवाला), जसपाल सिंह (भुड्डी), जीत सिंह (कंडरावाली), बलिहार सिंह (गुलालवाली), अमरीक सिंह (जट्टीवाला), शमशेर सिंह (रूद्रपुर) के अलावा गुरजीत सिंह काका, डॉ. नरेंद्रपाल सिंह, गुरचरण सिंह, गुरमीत सिंह, जसवंत सिंह सहित ताहरपुर, बड़िया, बिजौरी, लालवाला, गुलालवाली आदि गांवों से बड़ी संख्या में सिखों ने भाग लिया। संचालन भूपिंदर सिंह ने किया।
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गुुरुद्वारा श्री गुरु तेगबहादुर साहिब घासीवाला में क्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्थित गुरुद्वारों की प्रबंध कमेटियों और सिख समाज के प्रबुद्ध लोगों की खुली बैठक आयोजित हुई, जिसमें सामाजिक कुरीति उन्मूलन पर विचार-विमर्श किया गया। क्षेत्र के गुरुद्वारों पर विशेष दिवस पर आयोजित होने वाले मेलों पर प्रतिबंध लगा दिया गया और तय हुआ कि मेलों के स्थान पर विशेष गुुरुमति समागम आयोजित किए जाएं। ताकि सिख पीढ़ियां गुरु इतिहास को जानने के साथ गुरुघर की मर्यादाओं और आदर्शों को अपना सकें। किसी भी सिख परिवार में दु:ख के समय बड़े पैमाने पर सामूहिक भोज और लेन-देन की परंपरा पर विराम लगाने पर सहमति बनी। इसके अलावा मदिरापान, नशीले पदार्थों के इस्तेमाल से परहेज करने का आह्वान किया गया।
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गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा बड़िया के प्रधान सरदूल सिंह की उपस्थिति एवं कश्मीर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित मीटिंग में लालावाला गुरुद्वारे के प्रधान बलदेव सिंह, बलवीर सिंह (बीरूवाला), जसपाल सिंह (भुड्डी), जीत सिंह (कंडरावाली), बलिहार सिंह (गुलालवाली), अमरीक सिंह (जट्टीवाला), शमशेर सिंह (रूद्रपुर) के अलावा गुरजीत सिंह काका, डॉ. नरेंद्रपाल सिंह, गुरचरण सिंह, गुरमीत सिंह, जसवंत सिंह सहित ताहरपुर, बड़िया, बिजौरी, लालवाला, गुलालवाली आदि गांवों से बड़ी संख्या में सिखों ने भाग लिया। संचालन भूपिंदर सिंह ने किया।
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