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जिला अस्पताल में डेंगू को मात देने को नहीं पर्याप्त इंतजाम
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:42 AM IST
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डेंगू के लिए नहीं पर्याप्त इंतजाम
बिजनौर। डेंगू को मात देने के लिए जिला अस्पताल में पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसर डेंगू के लार्वा को समूल नष्ट करने की बात करते हैं। लेकिन एक युवक को जिला अस्पताल से डेंगू की पुष्टि होने के बाद एलायजा टेस्ट के लिए मेरठ रेफर किया गया।
आमतौर पर सितंबर और अक्तूबर के महीने में डेंगू के अधिक फैलने की संभावना रहती है। जिले में डेंगू ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। मंडावर क्षेत्र के गांव किसनवास निवासी हलीम के पुत्र साकिब (21 वर्ष) को पिछले चार-पांच दिन से बुखार था। परिजनों के मुताबिक उन्होंने क्षेत्र के चिकित्सकों से उसका उपचार कराया। हालांकि उसे आराम नहीं मिला। डाक्टरों की सलाह पर युवक का ब्लड टेस्ट कराया गया। जांच में उसका हीमोग्लोबिन डाउन निकला और डेंगू पॉजिटिव होने का पता चला। परिजनों उसे तीन दिन पूर्व जिला अस्पताल में भर्ती कराया। आराम नहीं मिलने पर उसका एलायजा टेस्ट के लिए मेरठ रेफर कर दिया गया। जिला मलेरिया अधिकारी ब्रजभूषण सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वे टीम भेजकर इसका पता कराएंगे। रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। डेंगू को बिना एलायजा टेस्ट के अधिकारिक तौर पर पुष्ट नहीं की जा सकती।
डेंगू के लक्षण
अचानक तेज सिर दर्द व बुखार होना।
मांसपेशियां एवं जोड़ों में दर्द होना।
आंखों के पीछे दर्द होना, जो कि आंखों को घुमाने से बढ़ता है।
जी मिचलाना एवं उल्टी आना, रक्त संचरण का बिगड़ना।
नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना अथवा त्वचा पर चकत्ते उभरना।
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बिजनौर। डेंगू को मात देने के लिए जिला अस्पताल में पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसर डेंगू के लार्वा को समूल नष्ट करने की बात करते हैं। लेकिन एक युवक को जिला अस्पताल से डेंगू की पुष्टि होने के बाद एलायजा टेस्ट के लिए मेरठ रेफर किया गया।
आमतौर पर सितंबर और अक्तूबर के महीने में डेंगू के अधिक फैलने की संभावना रहती है। जिले में डेंगू ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। मंडावर क्षेत्र के गांव किसनवास निवासी हलीम के पुत्र साकिब (21 वर्ष) को पिछले चार-पांच दिन से बुखार था। परिजनों के मुताबिक उन्होंने क्षेत्र के चिकित्सकों से उसका उपचार कराया। हालांकि उसे आराम नहीं मिला। डाक्टरों की सलाह पर युवक का ब्लड टेस्ट कराया गया। जांच में उसका हीमोग्लोबिन डाउन निकला और डेंगू पॉजिटिव होने का पता चला। परिजनों उसे तीन दिन पूर्व जिला अस्पताल में भर्ती कराया। आराम नहीं मिलने पर उसका एलायजा टेस्ट के लिए मेरठ रेफर कर दिया गया। जिला मलेरिया अधिकारी ब्रजभूषण सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वे टीम भेजकर इसका पता कराएंगे। रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। डेंगू को बिना एलायजा टेस्ट के अधिकारिक तौर पर पुष्ट नहीं की जा सकती।
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डेंगू के लक्षण
अचानक तेज सिर दर्द व बुखार होना।
मांसपेशियां एवं जोड़ों में दर्द होना।
आंखों के पीछे दर्द होना, जो कि आंखों को घुमाने से बढ़ता है।
जी मिचलाना एवं उल्टी आना, रक्त संचरण का बिगड़ना।
नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना अथवा त्वचा पर चकत्ते उभरना।