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अफजलगढ़ ब्लाक में आज भी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है कि प्रदेश के सीएम का नाम अखिलेश यादव है
Updated Sun, 08 Jul 2018 12:20 AM IST
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अफजलगढ़। यूपी में भाजपा की सरकार को सत्ता में आए करीब डेढ़ साल हो गए, पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को यह नहीं मालूम कि वर्तमान में देश का राष्ट्रपति व यूपी की सीएम कौन हैं। अफजलगढ़ ब्लाक के गांव सुआवाला के उच्च प्राथमिक विद्यालय की दीवार पर आज भी प्रदेश के सीम का नाम अखिलेश यादव बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी, राष्ट्रपति का नाम प्रणव मुखर्जी व मुख्य न्यायाधीश का नाम टीएस ठाकुर अंकित कर रखा है, जबकि वर्तमान में सब बदल चुके हैं।
प्रदेश की योगी और केंद्र की मोदी सरकार में शिक्षा को गुणवत्ता परक बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है, पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी सरकार की मंशा के अनुरूप सुधार करने की दिशा में रुचि लेते नजर नहीं आ रहे हैं। अफजलगढ़ ब्लाक का सुआवाला गांव ब्लाक की न्याय पंचायत है। इस गांव में स्थित प्राइमरी स्कूल परिसर में न्याय पंचायत समन्वयक का कार्यालय भी संचालित हो रहा है। सप्ताह में एक बार यहां पर न्याय पंचायत क्षेत्र के सभी प्राथमिक विद्यालयों के हैडमास्टरों की बैठक का भी आयोजन होता है। इस बैठक में शिक्षकों को विकास खंड मुख्यालय पर तैनात खंड शिक्षा अधिकारी निर्देशित करते हैं। इतना सब कुछ होने के बाद भी इतनी बड़ी गलती में सुधार न होना विभाग के अधिकारियों की घोर लापरवाही को उजागर करता है। वर्तमान प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व मुख्य न्यायाधीश का नाम दीपक शर्मा है।
वेतन के पैसे यह काम नहीं करा सकता: संकुल प्रभारी
उच्च प्राथमिक विद्यालय सुआवाला के मुख्य अध्यापक/ संकुल प्रभारी किशोरी सिंह का कहना है कि सरकार की ओर से इस कार्य के लिए उन्हें कोई अलग से बजट नहीं मिलता है। वेतन के पैसे से वह इस काम को नहीं करा सकते। बोर्ड पर लिखे नामों के लेखन के बारे में वे चुप्पी साध गए।
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आप भी तो उतने ही दोषी है बीईओ साहब
खंड शिक्षा अधिकारी सुनील डबराल का कहना है कि ऐसा कुछ उनके संज्ञान में नहीं है। जांच कर संबंधित स्कूल के मुख्याध्यापक/ संकुल प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। जब बीईओ से यह पूछा गया कि इस लापरवाही वह भी इतने ही दोषी है, जितना संकुल प्रभारी व अन्य शिक्षक। तब आपके खिलाफ किसको कार्रवाई करनी चाहिए, तो बीईओ प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाए।
जो भी दोषी होगा, उसी पर होगी कार्रवाई: एसडीएम
एसडीएम आलोक यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि वे इसकी जांच कराएंगे। इसके लिए जिम्मेदार जो भी होगा। उसी के खिलाफ कार्रवाई को डीएम को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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प्रदेश की योगी और केंद्र की मोदी सरकार में शिक्षा को गुणवत्ता परक बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है, पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी सरकार की मंशा के अनुरूप सुधार करने की दिशा में रुचि लेते नजर नहीं आ रहे हैं। अफजलगढ़ ब्लाक का सुआवाला गांव ब्लाक की न्याय पंचायत है। इस गांव में स्थित प्राइमरी स्कूल परिसर में न्याय पंचायत समन्वयक का कार्यालय भी संचालित हो रहा है। सप्ताह में एक बार यहां पर न्याय पंचायत क्षेत्र के सभी प्राथमिक विद्यालयों के हैडमास्टरों की बैठक का भी आयोजन होता है। इस बैठक में शिक्षकों को विकास खंड मुख्यालय पर तैनात खंड शिक्षा अधिकारी निर्देशित करते हैं। इतना सब कुछ होने के बाद भी इतनी बड़ी गलती में सुधार न होना विभाग के अधिकारियों की घोर लापरवाही को उजागर करता है। वर्तमान प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व मुख्य न्यायाधीश का नाम दीपक शर्मा है।
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वेतन के पैसे यह काम नहीं करा सकता: संकुल प्रभारी
उच्च प्राथमिक विद्यालय सुआवाला के मुख्य अध्यापक/ संकुल प्रभारी किशोरी सिंह का कहना है कि सरकार की ओर से इस कार्य के लिए उन्हें कोई अलग से बजट नहीं मिलता है। वेतन के पैसे से वह इस काम को नहीं करा सकते। बोर्ड पर लिखे नामों के लेखन के बारे में वे चुप्पी साध गए।
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आप भी तो उतने ही दोषी है बीईओ साहब
खंड शिक्षा अधिकारी सुनील डबराल का कहना है कि ऐसा कुछ उनके संज्ञान में नहीं है। जांच कर संबंधित स्कूल के मुख्याध्यापक/ संकुल प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। जब बीईओ से यह पूछा गया कि इस लापरवाही वह भी इतने ही दोषी है, जितना संकुल प्रभारी व अन्य शिक्षक। तब आपके खिलाफ किसको कार्रवाई करनी चाहिए, तो बीईओ प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाए।
जो भी दोषी होगा, उसी पर होगी कार्रवाई: एसडीएम
एसडीएम आलोक यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि वे इसकी जांच कराएंगे। इसके लिए जिम्मेदार जो भी होगा। उसी के खिलाफ कार्रवाई को डीएम को रिपोर्ट भेजी जाएगी।