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दो महिला ग्राम प्रधानों का रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार के लिए हुआ चयन
Updated Sun, 25 Feb 2018 12:16 AM IST
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बिजनौर। महिला जनप्रतिनिधियों को सम्मान देना एवं जनसेवा के लिए प्रोत्साहन देना सीएम की प्राथमिकता में है। जिले की दो महिला ग्राम प्रधानों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार के लिए चुना गया है। दोनों ने ग्राम पंचायतों को साक्षर बनाने में प्रदेश में रिकार्ड बनाया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों महिला ग्राम प्रधान को आठ मार्च को लखनऊ मेें आयोजित समारोह में सम्मानित करेंगे।
जिला पंचायतराज अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार प्रदेश में 59,000 ग्राम पंचायत हैं। शासन ने वर्ष 2016 में गुणवत्ता पूर्ण अधिकतम विकास कार्य कराने के लिए महिला ग्राम प्रधानों को सम्मानित करने का निर्णय लिया था। शासन ने इसके लिए आनलाइन प्रत्यावेदन मांगे थे। इसके लिए एक सौ प्वाइंट तय किए गए थे। इसके अलग-अलग अंक निर्धारित थे। प्रदेश में मात्र 100 ग्राम पंचायत निर्धारित मानकों पर खरी उतरी। इनमें जिले की मौहम्मदपुर देवमल ब्लॉक की ग्राम पंचायत तैमूरपुर दीपा व नूरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत हसुपुरा है। जिले की 1,128 ग्राम पंचायत हैं। दोनों ग्राम पंचायत की प्रधानों को रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से नवाजा जाएगा। पुरस्कार में ग्राम पंचायत को नगद धनराशि व प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।
ऊषा देवी 70 प्रतिशत अंक लेकर रही जिले में टॉप
बिजनौर। शासन ने रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार के लिए 100 अंक निर्धारित किए थे। प्रत्येक प्वाइंट के लिए एक से पांच अंक तय थे। पुरस्कार के लिए चयनित ब्लॉक नूरपुर की ग्राम पंचायत हसुपुरा की प्रधान ऊषा देवी ने जिले में सर्वाधिक 70 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। ब्लॉक मौहम्म्दपुर देवमल की ग्राम पंचायत तैमूरपुर दीपा की प्रधान संजू रानी ने दूसरे नंबर पर 65 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। जिले की 1,128 ग्राम पंचायतों में से अन्य कोई महिला ग्राम प्रधान तय मानकों पर खरी नही उतर पाई है।
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ये थे पुरस्कार के लिए मानक
बिजनौर। शासन ने रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार के लिए ग्राम पंचायत को खुले में शौच मुक्त करना,साक्षरता, स्वच्छता अभियान, शौचालयों का निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण, सीसीरोड निर्माण, हैंडपंप लगाना, प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों का निर्माण, महिला पुरुषों को साक्षर बनाने में सहयोग, पेंशन, ग्राम पंचायत का सुंदरीकरण करना आदि 100 प्वाइंट तय थे।
महिला प्रधानों में साक्षरता में बनाया प्रदेश में रिकार्ड
बिजनौर। तैमूरपुर दीपा व हसुपुरा ग्राम पंचायतों की प्रधानों ने महिला पुरुषों को साक्षर बनाने में प्रदेश में रिकार्ड बनाया है। तैमुरदीपा की ग्राम प्रधान संजूरानी ने 85 प्रतिशत पुरुष व 80 प्रतिशत महिलाओं को साक्षर बनाने में सहयोग दिया है, जबकि हसुपुरा की ग्राम प्रधान ऊषा रानी ने 85 प्रतिशत पुरुष व 72 प्रतिशत महिलाओं को साक्षर बनाने में सहयोग किया है।
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जिला पंचायतराज अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार प्रदेश में 59,000 ग्राम पंचायत हैं। शासन ने वर्ष 2016 में गुणवत्ता पूर्ण अधिकतम विकास कार्य कराने के लिए महिला ग्राम प्रधानों को सम्मानित करने का निर्णय लिया था। शासन ने इसके लिए आनलाइन प्रत्यावेदन मांगे थे। इसके लिए एक सौ प्वाइंट तय किए गए थे। इसके अलग-अलग अंक निर्धारित थे। प्रदेश में मात्र 100 ग्राम पंचायत निर्धारित मानकों पर खरी उतरी। इनमें जिले की मौहम्मदपुर देवमल ब्लॉक की ग्राम पंचायत तैमूरपुर दीपा व नूरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत हसुपुरा है। जिले की 1,128 ग्राम पंचायत हैं। दोनों ग्राम पंचायत की प्रधानों को रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से नवाजा जाएगा। पुरस्कार में ग्राम पंचायत को नगद धनराशि व प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।
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ऊषा देवी 70 प्रतिशत अंक लेकर रही जिले में टॉप
बिजनौर। शासन ने रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार के लिए 100 अंक निर्धारित किए थे। प्रत्येक प्वाइंट के लिए एक से पांच अंक तय थे। पुरस्कार के लिए चयनित ब्लॉक नूरपुर की ग्राम पंचायत हसुपुरा की प्रधान ऊषा देवी ने जिले में सर्वाधिक 70 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। ब्लॉक मौहम्म्दपुर देवमल की ग्राम पंचायत तैमूरपुर दीपा की प्रधान संजू रानी ने दूसरे नंबर पर 65 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। जिले की 1,128 ग्राम पंचायतों में से अन्य कोई महिला ग्राम प्रधान तय मानकों पर खरी नही उतर पाई है।
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ये थे पुरस्कार के लिए मानक
बिजनौर। शासन ने रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार के लिए ग्राम पंचायत को खुले में शौच मुक्त करना,साक्षरता, स्वच्छता अभियान, शौचालयों का निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण, सीसीरोड निर्माण, हैंडपंप लगाना, प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों का निर्माण, महिला पुरुषों को साक्षर बनाने में सहयोग, पेंशन, ग्राम पंचायत का सुंदरीकरण करना आदि 100 प्वाइंट तय थे।
महिला प्रधानों में साक्षरता में बनाया प्रदेश में रिकार्ड
बिजनौर। तैमूरपुर दीपा व हसुपुरा ग्राम पंचायतों की प्रधानों ने महिला पुरुषों को साक्षर बनाने में प्रदेश में रिकार्ड बनाया है। तैमुरदीपा की ग्राम प्रधान संजूरानी ने 85 प्रतिशत पुरुष व 80 प्रतिशत महिलाओं को साक्षर बनाने में सहयोग दिया है, जबकि हसुपुरा की ग्राम प्रधान ऊषा रानी ने 85 प्रतिशत पुरुष व 72 प्रतिशत महिलाओं को साक्षर बनाने में सहयोग किया है।