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मानसून गन्ना बुवाई के लिए जागरूकता रैली का आगाज
Updated Mon, 11 Sep 2017 11:48 PM IST
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धामपुर(बिजनौर)। धामपुर शुगर मिल की ओर से मानसून गन्ना बुवाई के लिए जागरूकता बाइक रैली निकाली गई। किसानों को ट्रैंच विधि से गन्ना बुवाई के लिए प्रेरित किया ।
सोमवार को बाइक रैली का शुभारंभ जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह, महाप्रबंधक प्रशासन विजय गुप्ता, निशांक गुप्ता, गन्ना महाप्रबंधक आजाद सिंह ने मिल के मुख्य द्वार से हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर जिला गन्नर अधिकारी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि ट्रैंच विधि मानसून गन्ना बुवाई अधिक उत्पादन लेने के लिए किसान हित में है। किसानों को मानसून गन्ना बुवाई एक अगस्त से 30 सितंबर तक करनी चाहिए। इससे 750 क्विंटल प्रति एकड़ गन्ने की पैदावार मिलती है। इस विधि में गन्ना बुवाई के लिए लाइन से लाइन की दूरी चार फुट और आंख से आंख की दूरी एक फुट होनी चाहिए। इसके साथ सहफसली उड़द, सरसों, मटर, मूली, शलजम, लहसुन की पैदावार भी ली जा सकती है। नाली में खाद और पानी देने से दोनों की बचत होती है। रैली गांव नौरंगाबाद, हबीबवाला, पीपलसाना, मनकावाला, पुरैनी, सैदपुरी, महीचंद, नहटौर, पैजनिया, नूरपुर, फीना, चांदपुर सहित दर्जनों गांव के लिए रवाना की गई। इस अवसर पर गन्ना प्रबंधक ओपी वर्मा, ओमवीर सिंह, मनोज चौहान, मदनपाल सिंह, सुभाष तोमर, आलम जैदी, ओमप्रकाश, पदम सिंह रहे।
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सोमवार को बाइक रैली का शुभारंभ जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह, महाप्रबंधक प्रशासन विजय गुप्ता, निशांक गुप्ता, गन्ना महाप्रबंधक आजाद सिंह ने मिल के मुख्य द्वार से हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर जिला गन्नर अधिकारी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि ट्रैंच विधि मानसून गन्ना बुवाई अधिक उत्पादन लेने के लिए किसान हित में है। किसानों को मानसून गन्ना बुवाई एक अगस्त से 30 सितंबर तक करनी चाहिए। इससे 750 क्विंटल प्रति एकड़ गन्ने की पैदावार मिलती है। इस विधि में गन्ना बुवाई के लिए लाइन से लाइन की दूरी चार फुट और आंख से आंख की दूरी एक फुट होनी चाहिए। इसके साथ सहफसली उड़द, सरसों, मटर, मूली, शलजम, लहसुन की पैदावार भी ली जा सकती है। नाली में खाद और पानी देने से दोनों की बचत होती है। रैली गांव नौरंगाबाद, हबीबवाला, पीपलसाना, मनकावाला, पुरैनी, सैदपुरी, महीचंद, नहटौर, पैजनिया, नूरपुर, फीना, चांदपुर सहित दर्जनों गांव के लिए रवाना की गई। इस अवसर पर गन्ना प्रबंधक ओपी वर्मा, ओमवीर सिंह, मनोज चौहान, मदनपाल सिंह, सुभाष तोमर, आलम जैदी, ओमप्रकाश, पदम सिंह रहे।
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