{"_id":"6390db6cfed6cb2cc85bd648","slug":"71-roads-of-sugarcane-department-will-be-investigated-bijnor-news-mrt616816124","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: गन्ना विभाग की 71 सड़कों की जांच होगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: गन्ना विभाग की 71 सड़कों की जांच होगी
विज्ञापन
गन्ना विभाग की 71 सड़कों की जांच होगी
बिजनौर। जिले में एक हजार किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का दावा हुआ है, ऐसे में इस अभियान की जमीनी हकीकत को भी परखा जा रहा है। इसी क्रम में सीडीओ ने गन्ना विभाग की उन 71 सड़कों की सूची मांगी है, जो तीन साल के भीतर बनाई गई।
दरअसल, सड़क निर्माण के तीन साल तक उसके रखरखाव की जिम्मेदारी उसी ठेकेदार की होती है, जिसने सड़क का निर्माण किया है। जिले में 738 सड़क गन्ना विभाग के पास हैं, जिनकी लंबाई 874 किलोमीटर है। फिलहाल शासन से गन्ना विभाग को सड़कों के लिए बजट नहीं मिल रहा है, लेकिन 71 सड़कें ऐसी हैं, जिनका निर्माण गन्ना विभाग ने कराया है। अब इन सड़कों की हालत कैसी है, टूटी तो नहीं है या फिर गड्ढें तो नहीं बन गए है। गड्ढों को भरा गया है या नहीं इसकी जायजा लिया जाएगा।
लोकनिर्माण विभाग को दी जा चुकी हैं 295 सड़कें
गन्ना विभाग ने बदहाल हो चुकी 295 सड़कों की सूची लोक निर्माण विभाग को सौंपी थी। 330 किमी लंबी ये सड़कें कभी गन्ना विभाग की हुआ करती थी, लेकिन अभी हस्तांतरित किए जाने की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। इसकी वजह कभी इनका भौतिक सत्यापन नहीं कराया गया है। अब लोक निर्माण विभाग इन सड़कों के भौतिक सत्यापन को अनुरोध कर रहा है। जिससे हस्तांतरण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा सके।
विज्ञापन
दो विभागों में उलझी है दो किमी लंबी सड़क
झालू से गंगौड़ा की ओर जाने वाली सड़क में दो किलोमीटर लंबे टुकड़े को लोक निर्माण विभाग ने बना दिया था। पहले यह सड़क जिला पंचायत की हुआ करती थी, अब जिला पंचायत सड़क की मरम्मत से हाथ खड़े कर रही है। जिला पंचायत का दावा है कि लोक निर्माण विभाग से एनओसी दिलाओ, जबकि लोक निर्माण विभाग कहता है कि यह सड़क उसकी है ही नहीं, तो निर्माण क्यों कराए?
वर्जन::
सड़कों की सूची मांगी गई है। सूची से मिलान कर सड़कों की जांच की जाएगी। देखा जाएगा कि जो सड़के गड्ढा मुक्त करने का दावा किया है उनका मौके पर क्या हाल है। यदि कहीं गड़बड़ी मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
पूर्ण बोरा, सीडीओ
विज्ञापन
बिजनौर। जिले में एक हजार किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का दावा हुआ है, ऐसे में इस अभियान की जमीनी हकीकत को भी परखा जा रहा है। इसी क्रम में सीडीओ ने गन्ना विभाग की उन 71 सड़कों की सूची मांगी है, जो तीन साल के भीतर बनाई गई।
दरअसल, सड़क निर्माण के तीन साल तक उसके रखरखाव की जिम्मेदारी उसी ठेकेदार की होती है, जिसने सड़क का निर्माण किया है। जिले में 738 सड़क गन्ना विभाग के पास हैं, जिनकी लंबाई 874 किलोमीटर है। फिलहाल शासन से गन्ना विभाग को सड़कों के लिए बजट नहीं मिल रहा है, लेकिन 71 सड़कें ऐसी हैं, जिनका निर्माण गन्ना विभाग ने कराया है। अब इन सड़कों की हालत कैसी है, टूटी तो नहीं है या फिर गड्ढें तो नहीं बन गए है। गड्ढों को भरा गया है या नहीं इसकी जायजा लिया जाएगा।
विज्ञापन
लोकनिर्माण विभाग को दी जा चुकी हैं 295 सड़कें
गन्ना विभाग ने बदहाल हो चुकी 295 सड़कों की सूची लोक निर्माण विभाग को सौंपी थी। 330 किमी लंबी ये सड़कें कभी गन्ना विभाग की हुआ करती थी, लेकिन अभी हस्तांतरित किए जाने की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। इसकी वजह कभी इनका भौतिक सत्यापन नहीं कराया गया है। अब लोक निर्माण विभाग इन सड़कों के भौतिक सत्यापन को अनुरोध कर रहा है। जिससे हस्तांतरण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा सके।
विज्ञापन
दो विभागों में उलझी है दो किमी लंबी सड़क
झालू से गंगौड़ा की ओर जाने वाली सड़क में दो किलोमीटर लंबे टुकड़े को लोक निर्माण विभाग ने बना दिया था। पहले यह सड़क जिला पंचायत की हुआ करती थी, अब जिला पंचायत सड़क की मरम्मत से हाथ खड़े कर रही है। जिला पंचायत का दावा है कि लोक निर्माण विभाग से एनओसी दिलाओ, जबकि लोक निर्माण विभाग कहता है कि यह सड़क उसकी है ही नहीं, तो निर्माण क्यों कराए?
वर्जन::
सड़कों की सूची मांगी गई है। सूची से मिलान कर सड़कों की जांच की जाएगी। देखा जाएगा कि जो सड़के गड्ढा मुक्त करने का दावा किया है उनका मौके पर क्या हाल है। यदि कहीं गड़बड़ी मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
पूर्ण बोरा, सीडीओ