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कोरोना से मौत होने पर हेल्थ वर्करों को मिलेगा 50 लाख का मुआवजा
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कोरोना से मौत होने पर मिलेगा 50 लाख का मुआवजा
बिजनौर। कोविड संक्रमितों की देखरेख व उपचार में जुटे हेल्थ एवं फंट लाइन वर्कर्स की मौत होने के बाद आश्रितों को 50 लाख रुपये क्षतिपूर्ति मिलेगी। कवायद सफल हो सके इसके लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत केंद्र सरकार ने सभी को बीमित करते हुए प्रीमियम का भुगतान कर दिया है। प्रीमियम का भुगतान करने के बाद मिशन निदेशक ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर ड्यूटी के दौरान संक्रमण से हुई मौत के बाद आश्रितों को बीमा राशि का भुगतान कराने का निर्देश दिया है।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में बढ़ रहे सामुदायिक संक्रमण व मौत के आंकड़ों के बीच संक्रमितों के उपचार एवं देखरेख के साथ अन्य व्यवस्था में लगे कर्मियों की मौत होने के बाद आश्रितों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। बीमा कंपनी को प्रीमियम का भुगतान करने के बाद मिशन निदेशक ने जिला प्रशासन को पत्र भेजा है। पत्र में कोविड संक्रमित रोगियों के उपचार में कार्यरत चिकित्सक, पैरा मेडिकल स्टाफ अथवा नॉन मेडिकल स्टॉफ कर्मी (नियमित, संविदा, दैनिक भोगी, सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी एवं एजेंसी के माध्यम से लगे निजी व्यक्ति) जिन्हें सीधे संपर्क और देखभाल में रहने के कारण कोविड-19 संक्रमण हुआ हो और संक्रमण के 90 दिन के अंदर उनकी मौत हो जाती है।
सीएमओ डा. विजय कुमार गोयल ने बताया कि ऐसे कार्मिकों के आश्रितों को नामित बीमा कंपनी से दावा कर 50 लाख रुपये की आश्रित सहायता दिलाने को कहा गया है। निदेशक ने कोविड संक्रमितों की निगरानी, उपचार एवं अन्य व्यवस्थाओं में लगे कर्मियों की मौत के बाद आश्रितों को बीमा राशि का भुगतान कराने में लापरवाही या आश्रितों को बीमा राशि प्राप्त करने में परेशानी का सामना करने की दशा में कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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बिजनौर। कोविड संक्रमितों की देखरेख व उपचार में जुटे हेल्थ एवं फंट लाइन वर्कर्स की मौत होने के बाद आश्रितों को 50 लाख रुपये क्षतिपूर्ति मिलेगी। कवायद सफल हो सके इसके लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत केंद्र सरकार ने सभी को बीमित करते हुए प्रीमियम का भुगतान कर दिया है। प्रीमियम का भुगतान करने के बाद मिशन निदेशक ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर ड्यूटी के दौरान संक्रमण से हुई मौत के बाद आश्रितों को बीमा राशि का भुगतान कराने का निर्देश दिया है।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में बढ़ रहे सामुदायिक संक्रमण व मौत के आंकड़ों के बीच संक्रमितों के उपचार एवं देखरेख के साथ अन्य व्यवस्था में लगे कर्मियों की मौत होने के बाद आश्रितों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। बीमा कंपनी को प्रीमियम का भुगतान करने के बाद मिशन निदेशक ने जिला प्रशासन को पत्र भेजा है। पत्र में कोविड संक्रमित रोगियों के उपचार में कार्यरत चिकित्सक, पैरा मेडिकल स्टाफ अथवा नॉन मेडिकल स्टॉफ कर्मी (नियमित, संविदा, दैनिक भोगी, सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी एवं एजेंसी के माध्यम से लगे निजी व्यक्ति) जिन्हें सीधे संपर्क और देखभाल में रहने के कारण कोविड-19 संक्रमण हुआ हो और संक्रमण के 90 दिन के अंदर उनकी मौत हो जाती है।
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सीएमओ डा. विजय कुमार गोयल ने बताया कि ऐसे कार्मिकों के आश्रितों को नामित बीमा कंपनी से दावा कर 50 लाख रुपये की आश्रित सहायता दिलाने को कहा गया है। निदेशक ने कोविड संक्रमितों की निगरानी, उपचार एवं अन्य व्यवस्थाओं में लगे कर्मियों की मौत के बाद आश्रितों को बीमा राशि का भुगतान कराने में लापरवाही या आश्रितों को बीमा राशि प्राप्त करने में परेशानी का सामना करने की दशा में कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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