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आईएएस बनकर मजलूमों की मदद करना चाहते हैं उमाम उद्दीन
Updated Sun, 27 May 2018 02:12 AM IST
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अमरोहा। 12वीं की परीक्षा में अपनी मेधा का परचम लहराने वाले एलएसए अमरोहा के छात्र सैयद उमाम उद्दीन की ख्वाहिश आईएएस बनने की है। आईएएस बनने का मकसद गरीबों मजलूमों की मदद करना हैं। उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। साथ ही सरकारी योजनाओं को दीमक की तरह खा रहे भ्रष्ट तंत्र को खत्म करना है।
शहर के मोहल्ला काला कुंआ के रहने वाले सैयद उमाम उद्दीन के पिता सैयद निजामुद्दीन एडीएम रह चुके हैं। मौजूदा समय में वह ग्रेडर नोएडा में कार्यरत हैं। जबकि उमाम उद्दीन की मां जोया ब्लाक के मसूदपुर नवाजा सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापक हैं। उमाम उद्दीन का कहना है कि वह आईएएस बनना चाहते हैं। इसके लिए वह दिल्ली से पहले बीएससी करेंगे। साथ ही आईएएस की तैयारी करेंगे। वह रूटीन में रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई करते हैं। जबकि परीक्षा के समय पंद्रह से सोलह घंटे पढ़ते हैं। आईएएस बनकर वह गरीबों मजलूमों की मदद करना चाहते हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना चाहते हैं।
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शहर के मोहल्ला काला कुंआ के रहने वाले सैयद उमाम उद्दीन के पिता सैयद निजामुद्दीन एडीएम रह चुके हैं। मौजूदा समय में वह ग्रेडर नोएडा में कार्यरत हैं। जबकि उमाम उद्दीन की मां जोया ब्लाक के मसूदपुर नवाजा सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापक हैं। उमाम उद्दीन का कहना है कि वह आईएएस बनना चाहते हैं। इसके लिए वह दिल्ली से पहले बीएससी करेंगे। साथ ही आईएएस की तैयारी करेंगे। वह रूटीन में रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई करते हैं। जबकि परीक्षा के समय पंद्रह से सोलह घंटे पढ़ते हैं। आईएएस बनकर वह गरीबों मजलूमों की मदद करना चाहते हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना चाहते हैं।
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