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डेंगू ने ली सेवानिवृत वरिष्ठ लिपिक की जान
Updated Sun, 29 Oct 2017 12:22 AM IST
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क्षेत्र में लगातार बढ़ता ही जा रहा डेंगू का डंक , कई लोग हैं बुखार की चपेट में
बिजनौर। जिले में डेंगू का कहर रुकने का नाम नही ले रहा है। डेंगू से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। डेंगू से सेवानिवृत्त एक लिपिक की मौत हो गई है, जबकि कई और भी इसकी चपेट में हैं।
सर्दी शुरू होने के बाद भी डेंगू के मरीज कम नहीं हो रहे हैं। बिजनौर में झालू रोड स्थित पाल क्षत्रिय नगर निवासी प्रेमपाल सिंह (62) को करीब एक सप्ताह पहले बुखार आया था। सोमवार को गंभीर हालत में उनको हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में भर्ती कराया गया था। जहां उनको जांच के बाद डेंगू की पुष्टि हुई थी। उपचार के दौरान उनकी हालत सहीं हो गई थी, लेकिन दोबारा से उनकी हालत बिगड़ गई थी। प्लेटलेट्स कम होने पर उनको प्लेटलेट्स भी चढ़ाई गई थी। इसी दौरान उनके सिर में रक्त के थक्के जम गए और उनकी शुक्रवार की शाम जौलीग्रांट में ही मौत हो गई। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया। वह करीब डेढ़ साल पहले आर्य समाज कन्या इंटर कॉलेज से वरिष्ठ लिपिक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी दो बेटे व दो पुत्रियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी हैं। साहित्य विहार निवासी शिक्षिका विभूति गोयल को करीब एक सप्ताह पहले बुखार आया था। उनको निजी अस्पताल में ही डेंगू की पुष्टि की गई थी। अब उनकी हालत सही है। इसके अलावा शिक्षक अनुराग नाथ को भी प्राइवेट चिकित्सक ने डेंगू की पुष्टि की थी। उपचार के बाद उनकी हालत सही हो गई है। शुगर मिल कॉलोनी निवासी राजीव को बुखार आया था। उसके बाद उन्होंने निजी अस्पताल में उपचार कराया। अब उनकी हालत सही है।
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बिजनौर। जिले में डेंगू का कहर रुकने का नाम नही ले रहा है। डेंगू से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। डेंगू से सेवानिवृत्त एक लिपिक की मौत हो गई है, जबकि कई और भी इसकी चपेट में हैं।
सर्दी शुरू होने के बाद भी डेंगू के मरीज कम नहीं हो रहे हैं। बिजनौर में झालू रोड स्थित पाल क्षत्रिय नगर निवासी प्रेमपाल सिंह (62) को करीब एक सप्ताह पहले बुखार आया था। सोमवार को गंभीर हालत में उनको हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में भर्ती कराया गया था। जहां उनको जांच के बाद डेंगू की पुष्टि हुई थी। उपचार के दौरान उनकी हालत सहीं हो गई थी, लेकिन दोबारा से उनकी हालत बिगड़ गई थी। प्लेटलेट्स कम होने पर उनको प्लेटलेट्स भी चढ़ाई गई थी। इसी दौरान उनके सिर में रक्त के थक्के जम गए और उनकी शुक्रवार की शाम जौलीग्रांट में ही मौत हो गई। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया। वह करीब डेढ़ साल पहले आर्य समाज कन्या इंटर कॉलेज से वरिष्ठ लिपिक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी दो बेटे व दो पुत्रियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी हैं। साहित्य विहार निवासी शिक्षिका विभूति गोयल को करीब एक सप्ताह पहले बुखार आया था। उनको निजी अस्पताल में ही डेंगू की पुष्टि की गई थी। अब उनकी हालत सही है। इसके अलावा शिक्षक अनुराग नाथ को भी प्राइवेट चिकित्सक ने डेंगू की पुष्टि की थी। उपचार के बाद उनकी हालत सही हो गई है। शुगर मिल कॉलोनी निवासी राजीव को बुखार आया था। उसके बाद उन्होंने निजी अस्पताल में उपचार कराया। अब उनकी हालत सही है।
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