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30 मिनट में तय हो रहा तीन किमी. का सफर
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स्योहारा/बिजनौर। अंग्रेजी शासनकाल में बनी दो पटरी सड़क देश आजाद होने के दशकों बाद तक जस की तस बनी रही। 15 साल पहले इस दो पटरी सड़क का चौड़ीकरण करते हुए नई सड़क बना दी गई, लेकिन यह कुछ सालों में बिखर गई। दो पटरी कहलाए जाने वाली सड़क में गड्ढों की भरमार है। दर्जनभर से अधिक गांव को जोड़ रही इस सड़क में तीन किलोमीटर का हिस्सा ऐसा है, जिसे तय करने में ही 30 मिनट लग जाते हैं।
स्योहारा से मलकपुर बुड़ेरन गांव तक जाने वाली सड़क कई सालों से क्षतिग्रस्त पड़ी है। लोगों ने अनेक बार इस मार्ग की मरम्मत के लिए जनप्रतिनिधियों से भी मांग की मगर सिर्फ आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। स्योहारा नगर पालिका के सामने से गुजरने वाली स्योहारा-मलकपुर बुड़ेरन मार्ग की हालत बद से बदतर हो रही है। इस मार्ग पर प्रतिदिन स्योहारा आने जाने वाले सैकड़ों की संख्या में राहगीर गुजरते हैं। सड़क की स्थिति इतनी अधिक खराब है कि मात्र तीन किमी का सफर तय करने में 30 मिनट लगते हैं।
पुराने समय में ये सड़क अंग्रेजी हुकूमत की बनी हुई थी जो दो पटरी वाली सड़क के नाम से जानी जाती थी। उसके बाद ये सड़क तारकोल की बनी लेकिन तब से अब तक इस सड़क की कोई सुध लेने वाला ही नहीं मिला। जबकि स्योहारा मलकपुर बुड़ेरन मार्ग चकनपुरी, टांडा, मिर्जालीपुर, बेरखा, मुकरपुरी, ज्योतिमहा, नवादा खुर्द, हसनपुर पालकी आदि ग्रामों को जोड़ता है।
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सड़क में गड्ढों की है भरमार
ग्रामीण अंकित गौड़ का कहना है कि सड़क में गड्डे हैं या गड्डों में सड़क है ये तय करना भी मुश्किल हैं। सड़क में हजारों की संख्या में गड्ढ़े हैं। जिसकी वजह से समय बहुत खर्च होता है। ग्रामीण महिपाल सिंह त्यागी का कहना है कि जब से सड़क बनी है उसके कुछ वर्ष बाद ही सड़क उखड़ गई। अनेक बार जन प्रतिनिधियों से भी ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग उठाई मगर मना किसी ने किया नहीं और सड़क बनी भी नहीं। ग्रामीण तिर्मल सिंह चौहान का कहना है कि सड़क के अत्यधिक टूटने की बजह से एक दर्जन से अधिक गाँव के ग्रामीण प्रभावित हो रहें हैं। बरसात के मौसम में तो स्तिथि अत्यंत गंभीर बन जाती है। सड़क में पानी भरे होने के कारण सड़क में गड्ढों का पता नहीं चल पाता जिस कारण दुर्घटनाएं बहुत होती है। ग्रामीण निजामुद्दीन का कहना है कि प्रतिदिन स्योहारा से अपने गांव बेरखा ग्राम मलकपुर बुड़ेरन से होकर गुजरते हैं। सड़क की हालत खराब होने के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ती है। अब बरसात का मौसम शुरू होने वाला है उसके बाद तो सड़क की स्थिति और भी दयनीय हो जाएगी।
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स्योहारा से मलकपुर बुड़ेरन गांव तक जाने वाली सड़क कई सालों से क्षतिग्रस्त पड़ी है। लोगों ने अनेक बार इस मार्ग की मरम्मत के लिए जनप्रतिनिधियों से भी मांग की मगर सिर्फ आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। स्योहारा नगर पालिका के सामने से गुजरने वाली स्योहारा-मलकपुर बुड़ेरन मार्ग की हालत बद से बदतर हो रही है। इस मार्ग पर प्रतिदिन स्योहारा आने जाने वाले सैकड़ों की संख्या में राहगीर गुजरते हैं। सड़क की स्थिति इतनी अधिक खराब है कि मात्र तीन किमी का सफर तय करने में 30 मिनट लगते हैं।
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पुराने समय में ये सड़क अंग्रेजी हुकूमत की बनी हुई थी जो दो पटरी वाली सड़क के नाम से जानी जाती थी। उसके बाद ये सड़क तारकोल की बनी लेकिन तब से अब तक इस सड़क की कोई सुध लेने वाला ही नहीं मिला। जबकि स्योहारा मलकपुर बुड़ेरन मार्ग चकनपुरी, टांडा, मिर्जालीपुर, बेरखा, मुकरपुरी, ज्योतिमहा, नवादा खुर्द, हसनपुर पालकी आदि ग्रामों को जोड़ता है।
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सड़क में गड्ढों की है भरमार
ग्रामीण अंकित गौड़ का कहना है कि सड़क में गड्डे हैं या गड्डों में सड़क है ये तय करना भी मुश्किल हैं। सड़क में हजारों की संख्या में गड्ढ़े हैं। जिसकी वजह से समय बहुत खर्च होता है। ग्रामीण महिपाल सिंह त्यागी का कहना है कि जब से सड़क बनी है उसके कुछ वर्ष बाद ही सड़क उखड़ गई। अनेक बार जन प्रतिनिधियों से भी ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग उठाई मगर मना किसी ने किया नहीं और सड़क बनी भी नहीं। ग्रामीण तिर्मल सिंह चौहान का कहना है कि सड़क के अत्यधिक टूटने की बजह से एक दर्जन से अधिक गाँव के ग्रामीण प्रभावित हो रहें हैं। बरसात के मौसम में तो स्तिथि अत्यंत गंभीर बन जाती है। सड़क में पानी भरे होने के कारण सड़क में गड्ढों का पता नहीं चल पाता जिस कारण दुर्घटनाएं बहुत होती है। ग्रामीण निजामुद्दीन का कहना है कि प्रतिदिन स्योहारा से अपने गांव बेरखा ग्राम मलकपुर बुड़ेरन से होकर गुजरते हैं। सड़क की हालत खराब होने के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ती है। अब बरसात का मौसम शुरू होने वाला है उसके बाद तो सड़क की स्थिति और भी दयनीय हो जाएगी।