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Bijnor News: आचार संहिता के उल्लंघन में पूर्व सांसद सहित 29 आरोपी बरी
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कोविड महामारी के दौरान 19 जनवरी 2022 को बैंक्वेटहॉल में चुनावी सभा करने का मामला
मजिस्ट्रेट दीपक कुमार ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट, 400 लोगों की भीड़ थी, नहीं ली थी अनुमति
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर सिविल जज एसडी/ एसीजेएम एमपीएमएलए कोर्ट शांतनु त्यागी ने नहटौर के एक मंडप में कोविड के वक्त बिना अनुमति के चुनावी सभा के आयोजन के मामले में पूर्व सांसद मुंशीराम पाल सहित 29 लोगों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। आचार संहिता के उल्लंघन में मजिस्ट्रेट दीपक कुमार ने यह रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मजिस्ट्रेट दीपक कुमार ने बताया था कि वह 19 जनवरी 2022 को अपने साथ पुलिस फोर्स को लेकर आदर्श अचार संहिता के अनुपालन करने के लिए गश्त पर थे। उन्हें सूचना मिली की विधानसभा नहटौर के सपा-लोक दल के संयुक्त प्रत्याशी मुंशीराम पाल कस्बा नहटौर के एक बैंक्वेटहॉल में चुनावी सभा कर रहे हैं। वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि हाॅल में भी काफी भीड़ है। लोग बिना मास्क लगाए एक दूसरे से सटे बैठे हैं। करीब 400 लोगों की भीड़ थी।
मुंशीराम से चुनावी सभा का अनुमति पत्र मांगा गया तो वे नहीं दिखा पाए। इस दौरान मुंशीराम पाल के अलावा सपा जिला अध्यक्ष राशिद हुसैन, राजा अंसारी, हाजी हाजी कादिर, कमलेश भुईयार, सुलेमान प्रधान, वहाब कुरैशी, आफाक अहमद, फारूक फौजी, याद हुसैन, महफूज उर्फ गुड्डा, बैंक्वेटहॉल के स्वामी नितिन चौधरी, इब्राहिम, हाजी यामीन, शमशीद, फारूकी, हाजी मकसूद अंसारी, दिलशाद, डॉ परवेज, डॉक्टर अजमल अहमद आदि मौजूद थे। इसकी वीडियोग्राफी कराई गई।
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चुनावी सभा को स्थगित करने को कहा गया तो मना कर दिया गया। अनाधिकार संचालन करते रहे। रिपोर्ट में कहा गया था कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन कर मानव जीवन को संकट में डालकर महामारी फैलाने का कार्य किया गया था। इस मामले में नहटौर पुलिस ने 29 आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले में कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से पर्याप्त साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किए गए। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अदालत ने मुंशीराम पाल सहित 29 आरोपियों को दोष सिद्ध नहीं होने पर बरी कर दिया।
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मजिस्ट्रेट दीपक कुमार ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट, 400 लोगों की भीड़ थी, नहीं ली थी अनुमति
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर सिविल जज एसडी/ एसीजेएम एमपीएमएलए कोर्ट शांतनु त्यागी ने नहटौर के एक मंडप में कोविड के वक्त बिना अनुमति के चुनावी सभा के आयोजन के मामले में पूर्व सांसद मुंशीराम पाल सहित 29 लोगों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। आचार संहिता के उल्लंघन में मजिस्ट्रेट दीपक कुमार ने यह रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मजिस्ट्रेट दीपक कुमार ने बताया था कि वह 19 जनवरी 2022 को अपने साथ पुलिस फोर्स को लेकर आदर्श अचार संहिता के अनुपालन करने के लिए गश्त पर थे। उन्हें सूचना मिली की विधानसभा नहटौर के सपा-लोक दल के संयुक्त प्रत्याशी मुंशीराम पाल कस्बा नहटौर के एक बैंक्वेटहॉल में चुनावी सभा कर रहे हैं। वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि हाॅल में भी काफी भीड़ है। लोग बिना मास्क लगाए एक दूसरे से सटे बैठे हैं। करीब 400 लोगों की भीड़ थी।
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मुंशीराम से चुनावी सभा का अनुमति पत्र मांगा गया तो वे नहीं दिखा पाए। इस दौरान मुंशीराम पाल के अलावा सपा जिला अध्यक्ष राशिद हुसैन, राजा अंसारी, हाजी हाजी कादिर, कमलेश भुईयार, सुलेमान प्रधान, वहाब कुरैशी, आफाक अहमद, फारूक फौजी, याद हुसैन, महफूज उर्फ गुड्डा, बैंक्वेटहॉल के स्वामी नितिन चौधरी, इब्राहिम, हाजी यामीन, शमशीद, फारूकी, हाजी मकसूद अंसारी, दिलशाद, डॉ परवेज, डॉक्टर अजमल अहमद आदि मौजूद थे। इसकी वीडियोग्राफी कराई गई।
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चुनावी सभा को स्थगित करने को कहा गया तो मना कर दिया गया। अनाधिकार संचालन करते रहे। रिपोर्ट में कहा गया था कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन कर मानव जीवन को संकट में डालकर महामारी फैलाने का कार्य किया गया था। इस मामले में नहटौर पुलिस ने 29 आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले में कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से पर्याप्त साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किए गए। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अदालत ने मुंशीराम पाल सहित 29 आरोपियों को दोष सिद्ध नहीं होने पर बरी कर दिया।