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25 दिन में 245 चैकिंग, फिर भी न तो बिजली चोरी के केस पकड़ृ में आए और न ही कोई अनियमितता
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25 दिन में 245 चेकिंग, फिर भी न नहीं पकड़ी गई चोरी
सतीश शर्मा
धामपुर। क्षेत्र में विद्युत निगम के अधिकारियों की लापरवाही मानी जाय या फिर चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति कही जाए। 25 दिन में विद्युत निगम की टीम ने 245 लोगों की चेकिंग की, लेकिन कहीं चोरी पकड़ में आना तो दूर, जरा भी अनियमितता नहीं पाई गई। जबकि क्षेत्र में लगभग 30 प्रतिशत तक लाइनलॉस आ रहा है। बिजली चोरी नहीं हो रही तो लगभग 30 प्रतिशत खपत कहां जा रही है।
धामपुर सर्किल में चार डिवीजन धामपुर प्रथम, धामपुर द्वितीय, नगीना और नजीबाबाद है। एक अप्रैल से चले चेकिंग अभियान में 25 अप्रैल तक सबसे ज्यादा 106 चेकिंग नगीना डिवीजन में हुई। पर यहां पर भी कोई बिजली चोरी का मामला हाथ नहीं लगा। नजीबाबाद में 54 चेकिंग, धामपुर द्वितीय में 46 और धामपुर प्रथम सबसे कम 39 चेकिंग हुई। लेकिन अधिकारियों को कहीं कोई अनियमितता नहीं मिली। जबकि क्षेत्र में लगभग 30 प्रतिशत लाइनलॉस आ रहा है। ऐसे में जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच मात्र खानापूर्ति तक ही सीमित रह गई है। विद्युत कर्मियों में कोई घर का भेदी होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता, जो चेकिंग से पहले ही सूचना देकर सचेत करता हो।
जहां गड़बडी मिली, वहां से जुर्माना वसूला: एसई
एसई राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि क्षेत्र में 29.09 प्रतिशत लाइनलॉस आ रहा है। विद्युत निगम की टीम लगातार चेकिंग कर रही है। कोई छोटी खामी पकड़ में आती है तो जुर्माना लगा दिया जाता है। विजिलेंस की टीमें भी जांच करतीं हैं और जुर्माना वसूलने के अलावा कनेक्शन भी काटतीं हैं।
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सतीश शर्मा
धामपुर। क्षेत्र में विद्युत निगम के अधिकारियों की लापरवाही मानी जाय या फिर चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति कही जाए। 25 दिन में विद्युत निगम की टीम ने 245 लोगों की चेकिंग की, लेकिन कहीं चोरी पकड़ में आना तो दूर, जरा भी अनियमितता नहीं पाई गई। जबकि क्षेत्र में लगभग 30 प्रतिशत तक लाइनलॉस आ रहा है। बिजली चोरी नहीं हो रही तो लगभग 30 प्रतिशत खपत कहां जा रही है।
धामपुर सर्किल में चार डिवीजन धामपुर प्रथम, धामपुर द्वितीय, नगीना और नजीबाबाद है। एक अप्रैल से चले चेकिंग अभियान में 25 अप्रैल तक सबसे ज्यादा 106 चेकिंग नगीना डिवीजन में हुई। पर यहां पर भी कोई बिजली चोरी का मामला हाथ नहीं लगा। नजीबाबाद में 54 चेकिंग, धामपुर द्वितीय में 46 और धामपुर प्रथम सबसे कम 39 चेकिंग हुई। लेकिन अधिकारियों को कहीं कोई अनियमितता नहीं मिली। जबकि क्षेत्र में लगभग 30 प्रतिशत लाइनलॉस आ रहा है। ऐसे में जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच मात्र खानापूर्ति तक ही सीमित रह गई है। विद्युत कर्मियों में कोई घर का भेदी होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता, जो चेकिंग से पहले ही सूचना देकर सचेत करता हो।
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जहां गड़बडी मिली, वहां से जुर्माना वसूला: एसई
एसई राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि क्षेत्र में 29.09 प्रतिशत लाइनलॉस आ रहा है। विद्युत निगम की टीम लगातार चेकिंग कर रही है। कोई छोटी खामी पकड़ में आती है तो जुर्माना लगा दिया जाता है। विजिलेंस की टीमें भी जांच करतीं हैं और जुर्माना वसूलने के अलावा कनेक्शन भी काटतीं हैं।
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