{"_id":"5b6b36bd4f1c1bb15c8b7246","slug":"21533753021-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फीका नदी पुल पर तीसरे दिन भी आवाजाही ठप रही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फीका नदी पुल पर तीसरे दिन भी आवाजाही ठप रही
Updated Thu, 09 Aug 2018 12:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अफजलगढ़। फीका नदी के पुल पर तीसरे दिन भी आवाजाही ठप रही। मार्ग पर यातायात सुचारु न होने की वजह से दर्जनों गांव को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अफजलगढ़ ब्लॉक के दर्जनों गांव का मंडल मुख्यालय से पूरी तरह से संपर्क टूट चुका है।
फीका नदी में आए उफान से टूटे पुल पर निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। विभागीय सुस्ती का यह आलम है कि मार्ग पर तीसरे दिन भी दुपहिया वाहन नहीं निकाले जा सके। लेबर कम होने की वजह से पत्थर की पेचिंग का काम भी पूरा नहीं हो सका। मशीनों से हाइवे में हुआ गड्ढ़ा तो भर दिया गया। मगर, बाकी के दरके पुल को बचाने की कवायद बेहद धीमी गति से चल रही है। गांव वासियों रवि, हेतराम सिंह, सत्यप्रकाश, चंदन सिंह का कहना है कि यदि विभागीय अधिकारी चाहते तो लेबर बढ़ाकर इस काम को एक दिन में भी निपटाया जा सकता था। उन्होंने डीएम से जल्द ही पुल की मरम्मत कराकर आवागमन सुचारु करने की मांग की है। उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता लक्ष्मी नारायण का कहना है कि पुल की अवटमेंट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। स्टीमेट बनाकर अनुमोदन के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है। धनराशि अवमुक्त होते ही पुल की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
फीका नदी में आए उफान से टूटे पुल पर निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। विभागीय सुस्ती का यह आलम है कि मार्ग पर तीसरे दिन भी दुपहिया वाहन नहीं निकाले जा सके। लेबर कम होने की वजह से पत्थर की पेचिंग का काम भी पूरा नहीं हो सका। मशीनों से हाइवे में हुआ गड्ढ़ा तो भर दिया गया। मगर, बाकी के दरके पुल को बचाने की कवायद बेहद धीमी गति से चल रही है। गांव वासियों रवि, हेतराम सिंह, सत्यप्रकाश, चंदन सिंह का कहना है कि यदि विभागीय अधिकारी चाहते तो लेबर बढ़ाकर इस काम को एक दिन में भी निपटाया जा सकता था। उन्होंने डीएम से जल्द ही पुल की मरम्मत कराकर आवागमन सुचारु करने की मांग की है। उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता लक्ष्मी नारायण का कहना है कि पुल की अवटमेंट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। स्टीमेट बनाकर अनुमोदन के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है। धनराशि अवमुक्त होते ही पुल की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन