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फैसला सही, लेकिन 8-10 मिनट की अनुमति मिले तो बेहतर
Updated Tue, 09 Jan 2018 12:21 AM IST
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10 मिनट के लिए मिले लाउडस्पीकर की अनुमति
नींदडू़।
उलमाओं ने धर्मस्थलों पर बजने बाजे लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाए जाने का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने 10 मिनट के लिए लाउडस्पीकर बजाए जाने की अनुमति मांग की है।
मस्जिद जीनतुल इस्लाम के इमाम मुफ्ती मोहम्मद अशरफ मजाहिरी ने कहा कि जहां तक मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल का सवाल है, तो अजान में केवल डेढ़ दो मिनट का समय लगता है। 24 घंटे की पांच अजानों में 8-10 मिनट में ध्वनि प्रदूषण न के बराबर होगा।
शहर इमाम काजी नूर अहमद फारूकी का कहना है कि नींदडू़ की जामा मस्जिद और मस्जिद शेखान में करीब 50 वर्षों से लाउडस्पीकर से अजान दी जा रही है, लेकिन तब अनुमति जैसी अड़चन नहीं थी। धर्मस्थलों में लगे लाउडस्पीकर का इस्तेमाल सरकारी आदेशों को प्रसारित करने के लिए भी किया जाता रहा है। डेसीबल के निर्धारित मापदंड के अनुरूप अजान देने की अनुमति देना जनहित में मुनासिब रहेगा। उन्होंने शादी-विवाह या अन्य समारोह में लाउडस्पीकर प्रतिबंधित करने का स्वागत किया है। जामा मस्जिद के इमाम मोलवी अबरार अहमद कासमी ने कहा कि जरूरत के हिसाब से लाउडस्पीकर की अनुमति मिलनी चाहिए। बिना लाउडस्पीकर के भी अजान हो सकती है।
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मोलवी शमशीर अहमद मजाहिरी का मानना है कि पांच वक्त की अजान में 8-10 मिनट लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने से ध्वनि प्रदूषण नहीं होगा। इसके अधिक प्रयोग पर पाबंदी लगाना जरूरी है। प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहन, जनरेटर, हूटर लगे सभी वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाना चाहिए।
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नींदडू़।
उलमाओं ने धर्मस्थलों पर बजने बाजे लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाए जाने का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने 10 मिनट के लिए लाउडस्पीकर बजाए जाने की अनुमति मांग की है।
मस्जिद जीनतुल इस्लाम के इमाम मुफ्ती मोहम्मद अशरफ मजाहिरी ने कहा कि जहां तक मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल का सवाल है, तो अजान में केवल डेढ़ दो मिनट का समय लगता है। 24 घंटे की पांच अजानों में 8-10 मिनट में ध्वनि प्रदूषण न के बराबर होगा।
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शहर इमाम काजी नूर अहमद फारूकी का कहना है कि नींदडू़ की जामा मस्जिद और मस्जिद शेखान में करीब 50 वर्षों से लाउडस्पीकर से अजान दी जा रही है, लेकिन तब अनुमति जैसी अड़चन नहीं थी। धर्मस्थलों में लगे लाउडस्पीकर का इस्तेमाल सरकारी आदेशों को प्रसारित करने के लिए भी किया जाता रहा है। डेसीबल के निर्धारित मापदंड के अनुरूप अजान देने की अनुमति देना जनहित में मुनासिब रहेगा। उन्होंने शादी-विवाह या अन्य समारोह में लाउडस्पीकर प्रतिबंधित करने का स्वागत किया है। जामा मस्जिद के इमाम मोलवी अबरार अहमद कासमी ने कहा कि जरूरत के हिसाब से लाउडस्पीकर की अनुमति मिलनी चाहिए। बिना लाउडस्पीकर के भी अजान हो सकती है।
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मोलवी शमशीर अहमद मजाहिरी का मानना है कि पांच वक्त की अजान में 8-10 मिनट लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने से ध्वनि प्रदूषण नहीं होगा। इसके अधिक प्रयोग पर पाबंदी लगाना जरूरी है। प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहन, जनरेटर, हूटर लगे सभी वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाना चाहिए।