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एमएलसी निरीक्षण के बाद भी नहीं सुधरी धामपुर रोडवेज डिपों की स्थिति
Updated Sun, 16 Dec 2018 12:18 AM IST
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एमएलसी के आश्वासन के बाद भी डिपो बदहाल
धामपुर। एमएलसी अशोक कटारिया के निरीक्षण किए जाने के बाद भी धामपुर रोडवेज डिपो की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि निरीक्षण किए जाने के बाद उन्हें भी लगा था कि अब यहां का जीर्णोद्धार जल्द शुरू हो जाएगा। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है।
गौरतलब है कि एमएलसी अशोक कटारिया ने पांच दिसंबर को पालिका का निरीक्षण करने के बाद धामपुर रोडवेज बस डिपो का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान एआरएम एलके त्रिवेदी को डिपो की बदहाली के लिए जमकर फटकार लगाई थी। एमएलसी ने एआरएम से कहा था कि यहां पर क्या बेहतर हो सकता है, किस चीज की कमी है, विस्तार से बताया जाए। एआरएम ने अशोक कटारिया से डिपो की बदहाली दूर कराने का आग्रह किया था। एआरएम ने बताया कि धामपुर डिपो से 57 अनुबंधित बसों का संचालन होता है, इन बसों के संचालन के लिए 108 परिचालकों की जरूरत है। लेकिन यहां 78 परिचालक ही कार्यरत हैं। परिचालकों का टोटा होने से अधिकांश बसों को डिपो में ही खड़ा करना पड़ता है। सरकार की ओर से डिपो परिसर में डीजल के लिए पंप स्वीकृत कर रखा है। लगभग सभी विभागों की ओर से पंप को परिसर में स्थापित कराने की एनओपी दे दी गई है। लेकिन पुलिस की ओर से एनओसी नहीं दी जा रही है। एमएलसी ने जल्द ही समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन दो सप्ताह बीतने के बाद भी समस्याएं जस की तस हैं। एमएलसी अशोक कटारिया का कहना है कि इसके लिए वह परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने वार्ता करेंगे।
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धामपुर। एमएलसी अशोक कटारिया के निरीक्षण किए जाने के बाद भी धामपुर रोडवेज डिपो की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि निरीक्षण किए जाने के बाद उन्हें भी लगा था कि अब यहां का जीर्णोद्धार जल्द शुरू हो जाएगा। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है।
गौरतलब है कि एमएलसी अशोक कटारिया ने पांच दिसंबर को पालिका का निरीक्षण करने के बाद धामपुर रोडवेज बस डिपो का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान एआरएम एलके त्रिवेदी को डिपो की बदहाली के लिए जमकर फटकार लगाई थी। एमएलसी ने एआरएम से कहा था कि यहां पर क्या बेहतर हो सकता है, किस चीज की कमी है, विस्तार से बताया जाए। एआरएम ने अशोक कटारिया से डिपो की बदहाली दूर कराने का आग्रह किया था। एआरएम ने बताया कि धामपुर डिपो से 57 अनुबंधित बसों का संचालन होता है, इन बसों के संचालन के लिए 108 परिचालकों की जरूरत है। लेकिन यहां 78 परिचालक ही कार्यरत हैं। परिचालकों का टोटा होने से अधिकांश बसों को डिपो में ही खड़ा करना पड़ता है। सरकार की ओर से डिपो परिसर में डीजल के लिए पंप स्वीकृत कर रखा है। लगभग सभी विभागों की ओर से पंप को परिसर में स्थापित कराने की एनओपी दे दी गई है। लेकिन पुलिस की ओर से एनओसी नहीं दी जा रही है। एमएलसी ने जल्द ही समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन दो सप्ताह बीतने के बाद भी समस्याएं जस की तस हैं। एमएलसी अशोक कटारिया का कहना है कि इसके लिए वह परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने वार्ता करेंगे।
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