{"_id":"5a4149c74f1c1ba12d8bab7c","slug":"161514228167-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक साल में इंदिरा पार्क की बदली सूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक साल में इंदिरा पार्क की बदली सूरत
Updated Tue, 26 Dec 2017 01:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक साल में इंदिरा पार्क की बदली सूरत
- बंजर इंदिरा पार्क नजर आने लगा है हरा भरा
- दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित करने की उठने लगी है मांग
फोटो समाचार
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
एक साल में इंदिरा पार्क की सूरत बदल गई है। बंजर पड़ा इंदिरा पार्क अब हरा भरा नजर आने लगा है। रात का घना अंधेरा जगमगाती रोशनी में बदल गया है। रोजाना सफाई हो रही है। लोगों का इंदिरा पार्क को लेकर नजरिया बदला है। इंदिरा पार्क को दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
इंदिरा पार्क बिजनौर शहर की पहचान के रूप में जाना जाता है। निचले हिस्से में बच्चों के खेलने के लिए झूले लगे थे। मैदान में घास लगी भी। पार्क में भ्रमण पथ बना था। लोग परिवार के साथ पार्क में सुबह शाम घूमने के लिए आते थे। आवास विकास कॉलोनी का पानी की निकासी के लिए बने नाले की दीवार तेज वर्षा के कारण टूट जाने आए गंदे पानी ने पार्क को तबाह करके रख दिया। पिछले साल तेज बारिश हुई। पानी निकासी के लिए बने नाले की दीवार पार्क के पास से टूट गई।
नतीजतन गंदा पानी इंदिरा पार्क के निचले हिस्से में भर गया। गंदे पानी ने इंदिरा पार्क की रौनक को तहस नहस कर दिया। कई माह तक इंदिरा पार्क में गंदगी का आलम ऐसा रहा कि आसपास की कालोनी के बाशिंदों का रहना व लोगों का पार्क के पास से गुजरना दूभर हो गया। पार्क में गंदगी के ढेर लग गए। लोगों का इंदिरा पार्क में आना बंद हो गया। पार्क में वीरानगी छा गई। इंदिरा पार्क की बदनुमा हालत को देखकर कुछ समाजसेवी आगे आए। मामला डीएम के समक्ष रखा गया। पार्क के जीर्णोद्धार की मांग अलग अलग संगठनों द्वारा उठाई गई। प्रशासन ने इंदिरा पार्क की दशा सुधारने की पहल की। पार्क के ऊपरी हिस्से के रास्तों की पक्का किया गया। ऊपरी व निचले हिस्सों में सोलर लाइट लगवाई। पार्क की सफाई की भी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं थी।
विज्ञापन
प्रशासन ने सामूहिक श्रमदान अभियान कई बार चलाकर इंदिरा पार्क को चमका दिया। यही नहीं पार्क की सफाई के लिए सफाइकर्मियों की भी स्थायी व्यवस्था कर दी गई। पौधरोपण अभियान चलाकर पार्क में फलदार व फूलदार पौधे रोपे गए। अब इंदिरा पार्क का माहौल खुशनुमा हो गया है। लोग फिर से इंदिरा पार्क में परिवार के साथ घूमने के लिए आना पसंद करने लगे हैं। इंदिरा पार्क में चल रहे योग शिविर में नई जान आ गई है। प्रशासन की इंदिरा पार्क को करीब एक करोड़ की लागत से सुंदरीकरण करने की योजना प्रस्तावित है। शहरवासी इंदिरा पार्क की एक साल में बदली सूरत से खुश है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इंदिरा पार्क की नई तस्वीर देखने को मिलेगी।
विज्ञापन
- बंजर इंदिरा पार्क नजर आने लगा है हरा भरा
- दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित करने की उठने लगी है मांग
फोटो समाचार
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
एक साल में इंदिरा पार्क की सूरत बदल गई है। बंजर पड़ा इंदिरा पार्क अब हरा भरा नजर आने लगा है। रात का घना अंधेरा जगमगाती रोशनी में बदल गया है। रोजाना सफाई हो रही है। लोगों का इंदिरा पार्क को लेकर नजरिया बदला है। इंदिरा पार्क को दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
इंदिरा पार्क बिजनौर शहर की पहचान के रूप में जाना जाता है। निचले हिस्से में बच्चों के खेलने के लिए झूले लगे थे। मैदान में घास लगी भी। पार्क में भ्रमण पथ बना था। लोग परिवार के साथ पार्क में सुबह शाम घूमने के लिए आते थे। आवास विकास कॉलोनी का पानी की निकासी के लिए बने नाले की दीवार तेज वर्षा के कारण टूट जाने आए गंदे पानी ने पार्क को तबाह करके रख दिया। पिछले साल तेज बारिश हुई। पानी निकासी के लिए बने नाले की दीवार पार्क के पास से टूट गई।
विज्ञापन
नतीजतन गंदा पानी इंदिरा पार्क के निचले हिस्से में भर गया। गंदे पानी ने इंदिरा पार्क की रौनक को तहस नहस कर दिया। कई माह तक इंदिरा पार्क में गंदगी का आलम ऐसा रहा कि आसपास की कालोनी के बाशिंदों का रहना व लोगों का पार्क के पास से गुजरना दूभर हो गया। पार्क में गंदगी के ढेर लग गए। लोगों का इंदिरा पार्क में आना बंद हो गया। पार्क में वीरानगी छा गई। इंदिरा पार्क की बदनुमा हालत को देखकर कुछ समाजसेवी आगे आए। मामला डीएम के समक्ष रखा गया। पार्क के जीर्णोद्धार की मांग अलग अलग संगठनों द्वारा उठाई गई। प्रशासन ने इंदिरा पार्क की दशा सुधारने की पहल की। पार्क के ऊपरी हिस्से के रास्तों की पक्का किया गया। ऊपरी व निचले हिस्सों में सोलर लाइट लगवाई। पार्क की सफाई की भी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं थी।
विज्ञापन
प्रशासन ने सामूहिक श्रमदान अभियान कई बार चलाकर इंदिरा पार्क को चमका दिया। यही नहीं पार्क की सफाई के लिए सफाइकर्मियों की भी स्थायी व्यवस्था कर दी गई। पौधरोपण अभियान चलाकर पार्क में फलदार व फूलदार पौधे रोपे गए। अब इंदिरा पार्क का माहौल खुशनुमा हो गया है। लोग फिर से इंदिरा पार्क में परिवार के साथ घूमने के लिए आना पसंद करने लगे हैं। इंदिरा पार्क में चल रहे योग शिविर में नई जान आ गई है। प्रशासन की इंदिरा पार्क को करीब एक करोड़ की लागत से सुंदरीकरण करने की योजना प्रस्तावित है। शहरवासी इंदिरा पार्क की एक साल में बदली सूरत से खुश है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इंदिरा पार्क की नई तस्वीर देखने को मिलेगी।