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चौकपुरी में प्रधान पद के मतों का पुन: होगा निरीक्षण व गणना
Updated Tue, 07 Nov 2017 12:38 AM IST
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बिजनौर। ग्राम चौकपुरी में हुए प्रधान पद के चुनाव के विरुद्ध याचिका दाखिल की गई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए एसडीएम बिजनौर सत्येंद्र सिंह ने चुनाव के मतपत्रों के निरीक्षण, गणना के लिए समस्त अभिलेख एवं मतपत्रों सहित टेबिलेशन सीट को कोर्ट के समक्ष तलब किया है। इस मामले में मतगणना के लिए आठ नवंबर की तिथि निश्चित की गई है।
ब्लाक हल्दौर के ग्राम चौकपुरी के प्रधान पद के पराजित प्रत्याशी जितेंद्र सिंह की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि चौकपुरी में नौ दिसंबर 2015 को हुए मतदान एवं उसके बाद हुए मतगणना में भारी धांधली हुई है। उसका कहना था कि उसे चुनाव में 601 मत और उदयवीर को 622 मत मिले थे। चुनाव के बाद मतगणना में गड़बड़ी की गई। मतदाता सूची में पांच मृत व्यक्तियों के नाम थे, 24 डबल मतदाता थे और 40 ऐसे मतदाता थे, इनकी आयु 18 वर्ष से कम थी। पांच छह ऐसे व्यक्ति हैं जो गांव से अपनी संपत्ति बेचकर सात-आठ वर्ष पूर्व गांव चौकपुरी की सीमा से बाहर चले गए।
चुनाव से पूर्व उसने एसडीएम को इन अनियमितताओं की जांच के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। उसे 21 मतों से गलत तौर पर पराजित किया गया। सुनवाई के दौरान विजेता प्रधान उदयवीर सिंह की ओर से कहा गया कि चुनाव सही तरीके से हुआ है कोई धांधली नहीं हुई। इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि चुनाव याचिका के सही निस्तारण के लिए मतपत्रों का निरीक्षण एवं गणना आवश्यक है। क्योंकि प्रथम दृष्टया जितेंद्र यह साबित करने में सफल रहा है कि मतगणना में धांधली हुई है और इससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ है।
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ब्लाक हल्दौर के ग्राम चौकपुरी के प्रधान पद के पराजित प्रत्याशी जितेंद्र सिंह की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि चौकपुरी में नौ दिसंबर 2015 को हुए मतदान एवं उसके बाद हुए मतगणना में भारी धांधली हुई है। उसका कहना था कि उसे चुनाव में 601 मत और उदयवीर को 622 मत मिले थे। चुनाव के बाद मतगणना में गड़बड़ी की गई। मतदाता सूची में पांच मृत व्यक्तियों के नाम थे, 24 डबल मतदाता थे और 40 ऐसे मतदाता थे, इनकी आयु 18 वर्ष से कम थी। पांच छह ऐसे व्यक्ति हैं जो गांव से अपनी संपत्ति बेचकर सात-आठ वर्ष पूर्व गांव चौकपुरी की सीमा से बाहर चले गए।
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चुनाव से पूर्व उसने एसडीएम को इन अनियमितताओं की जांच के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। उसे 21 मतों से गलत तौर पर पराजित किया गया। सुनवाई के दौरान विजेता प्रधान उदयवीर सिंह की ओर से कहा गया कि चुनाव सही तरीके से हुआ है कोई धांधली नहीं हुई। इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि चुनाव याचिका के सही निस्तारण के लिए मतपत्रों का निरीक्षण एवं गणना आवश्यक है। क्योंकि प्रथम दृष्टया जितेंद्र यह साबित करने में सफल रहा है कि मतगणना में धांधली हुई है और इससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ है।
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