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स्वच्छ भारत मिशन में प्रदेश का सिरमौर बना बिजनौर
Updated Wed, 09 Aug 2017 01:05 AM IST
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इज्जतघर बनाने में बिजनौर जिला यूपी में अव्वल
बिजनौर। स्वच्छ भारत मिशन में बिजनौर जिला पूरे प्रदेश में सिरमौर बन गया है। जिले के गांवों में अब तक एक लाख 95 हजार इज्जतघर/शौचालय बन चुके हैं। इतने शौचालय प्रदेश के किसी भी दूसरे जिले में नहीं बने हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिला गोरखपुर भी इस सूची में पांचवें नंबर पर है।
खुले में शौच सभ्य समाज के मुंह पर कलंक की तरह है। इस कलंक को धोने के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन योजना चलाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस योजना का क्रियान्वयन देखते हैं। क्रिकेट के महानतम खिलाड़ी रहे सचिन तेंदुलकर को इस अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। गांवों में ओडीएफ (ओपन डेफेकेशन फ्री) यानि खुले में शौच से मुक्त अभियान के अंतर्गत शौचालय बनाए गए। प्रशासन ने भी इस अभियान में पूरा दमखम लगा दिया। कभी स्वच्छता राखी तो कभी जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए गांव वालों को शौचालय बनवाने और इसका प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। प्रशासन ने गांव में बुल्लवा टोली बनवाकर, अधिकारियों को गांव गोद दिलाकर इस अभियान को जन आंदोलन बना दिया। गांव वालों ने भी इस अभियान में बढ़ चढ़कर भाग लिया। इसका परिणाम यह है कि अब बिजनौर खुले में शौच से मुक्त जिला बनने की दहलीज पर पहुंच चुका है।
मुबारकपुर कला जैसे गांव बने मिसाल
गांवों में शौचालय के लिए सरकारी बजट था। मगर, मुबारकपुर कला जैसे कई ऐसे भी गांव सामने आए, जहां गांव वालों ने सरकारी बजट लौटाकर खुद के खर्च से शौचालय बनवाए। गांव के जरूरतमंदों के शौचालय गांव वालों ने खुद चंदा एकत्र कर बनवाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात में गांव मुबारकपुर कला के गांव वालों की प्रशंसा की थी।
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आंकड़ों के आइने में
जिला शौचालय
बिजनौर 1,95,137
इलाहाबाद 1,30,137
मिर्जापुर 1,22,145
गाजीपुर 1,21,920
गोरखपुर 1,16,665
नोट: आंकड़े विकास कार्यालय के हैं।
जिले के गांव वाले पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन गए हैं। अधिकारियों ने अपना काम किया, लेकिन जनता ने खुद ओडीएफ अभियान में शामिल होकर इसे जनांदोलन बनाया। जिले के गांव वालों की जितनी तारीफ की जाए, वो कम होगी। - डा. इंद्रमणि त्रिपाठी, सीडीओ।
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बिजनौर। स्वच्छ भारत मिशन में बिजनौर जिला पूरे प्रदेश में सिरमौर बन गया है। जिले के गांवों में अब तक एक लाख 95 हजार इज्जतघर/शौचालय बन चुके हैं। इतने शौचालय प्रदेश के किसी भी दूसरे जिले में नहीं बने हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिला गोरखपुर भी इस सूची में पांचवें नंबर पर है।
खुले में शौच सभ्य समाज के मुंह पर कलंक की तरह है। इस कलंक को धोने के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन योजना चलाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस योजना का क्रियान्वयन देखते हैं। क्रिकेट के महानतम खिलाड़ी रहे सचिन तेंदुलकर को इस अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। गांवों में ओडीएफ (ओपन डेफेकेशन फ्री) यानि खुले में शौच से मुक्त अभियान के अंतर्गत शौचालय बनाए गए। प्रशासन ने भी इस अभियान में पूरा दमखम लगा दिया। कभी स्वच्छता राखी तो कभी जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए गांव वालों को शौचालय बनवाने और इसका प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। प्रशासन ने गांव में बुल्लवा टोली बनवाकर, अधिकारियों को गांव गोद दिलाकर इस अभियान को जन आंदोलन बना दिया। गांव वालों ने भी इस अभियान में बढ़ चढ़कर भाग लिया। इसका परिणाम यह है कि अब बिजनौर खुले में शौच से मुक्त जिला बनने की दहलीज पर पहुंच चुका है।
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मुबारकपुर कला जैसे गांव बने मिसाल
गांवों में शौचालय के लिए सरकारी बजट था। मगर, मुबारकपुर कला जैसे कई ऐसे भी गांव सामने आए, जहां गांव वालों ने सरकारी बजट लौटाकर खुद के खर्च से शौचालय बनवाए। गांव के जरूरतमंदों के शौचालय गांव वालों ने खुद चंदा एकत्र कर बनवाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात में गांव मुबारकपुर कला के गांव वालों की प्रशंसा की थी।
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जिला शौचालय
बिजनौर 1,95,137
इलाहाबाद 1,30,137
मिर्जापुर 1,22,145
गाजीपुर 1,21,920
गोरखपुर 1,16,665
नोट: आंकड़े विकास कार्यालय के हैं।
जिले के गांव वाले पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन गए हैं। अधिकारियों ने अपना काम किया, लेकिन जनता ने खुद ओडीएफ अभियान में शामिल होकर इसे जनांदोलन बनाया। जिले के गांव वालों की जितनी तारीफ की जाए, वो कम होगी। - डा. इंद्रमणि त्रिपाठी, सीडीओ।