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डूडा कालोनी के निवासियों का प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:45 AM IST
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डूडा कालोनी के निवासियों का प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन
अफजलगढ़। नगर की डूडा कॉलोनी में असुविधाओं का बोलबाला है। कॉलोनी के कई मकानों में दरार आ गई है। कॉलोनी में न पीने को पानी है, न ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त है। कॉलोनी के पीछे से गुजर रही नचना नदी में उफान आने से बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है। कॉलोनीवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कॉलोनी के लोगों ने बुधवार को इस मामले को लेकर प्रदर्शन किया।
सरकार की ओर से नगर में बनी डूडा कॉलोनी में कुल 184 कमरे है। इस कॉलोनी में लगभग 800 की जनसंख्या में लोग निवास करते हैं। कॉलोनी करीब एक दशक पहले बनी है। मगर अभी तक कॉलोनी को नगर पालिका के सुपुर्द नहीं किया गया है। कॉलोनीवासी मोहम्मद जानेआलम, मोहम्मद नईम, नसीम अहमद, खुर्शीद सैफी, प्रीतम, मेघनाद, मोहम्मद काजिम, जाकिर, यूसुफ, गिरीशचंद, माया देवी, पुष्पा देवी, फरीदा, सुजीत कौर, मुन्नी, रोशन जहां, रिजवाना, भूरी, नसीमा का कहना है कि कॉलोनी में बने कमरे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मकानों में जगह-जगह दरारें आ गई हैं। प्लास्तर टूट कर जमीन पर गिर रहा है। आलम है कि कॉलोनी में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। टंकी तो है उस पर मोटर नहीं है। एक मात्र सरकारी हैंडपंप के सहारे काम चलाना पड़ रहा है। नल भी कॉलोनी से काफी दूरी पर स्थित है, जहां सरकार स्वच्छता कार्यक्रम चला रही है। एसडीएम आलोक यादव का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, मामले की जांच कराने के बाद कार्रवाई करेंगे।
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अफजलगढ़। नगर की डूडा कॉलोनी में असुविधाओं का बोलबाला है। कॉलोनी के कई मकानों में दरार आ गई है। कॉलोनी में न पीने को पानी है, न ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त है। कॉलोनी के पीछे से गुजर रही नचना नदी में उफान आने से बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है। कॉलोनीवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कॉलोनी के लोगों ने बुधवार को इस मामले को लेकर प्रदर्शन किया।
सरकार की ओर से नगर में बनी डूडा कॉलोनी में कुल 184 कमरे है। इस कॉलोनी में लगभग 800 की जनसंख्या में लोग निवास करते हैं। कॉलोनी करीब एक दशक पहले बनी है। मगर अभी तक कॉलोनी को नगर पालिका के सुपुर्द नहीं किया गया है। कॉलोनीवासी मोहम्मद जानेआलम, मोहम्मद नईम, नसीम अहमद, खुर्शीद सैफी, प्रीतम, मेघनाद, मोहम्मद काजिम, जाकिर, यूसुफ, गिरीशचंद, माया देवी, पुष्पा देवी, फरीदा, सुजीत कौर, मुन्नी, रोशन जहां, रिजवाना, भूरी, नसीमा का कहना है कि कॉलोनी में बने कमरे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मकानों में जगह-जगह दरारें आ गई हैं। प्लास्तर टूट कर जमीन पर गिर रहा है। आलम है कि कॉलोनी में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। टंकी तो है उस पर मोटर नहीं है। एक मात्र सरकारी हैंडपंप के सहारे काम चलाना पड़ रहा है। नल भी कॉलोनी से काफी दूरी पर स्थित है, जहां सरकार स्वच्छता कार्यक्रम चला रही है। एसडीएम आलोक यादव का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, मामले की जांच कराने के बाद कार्रवाई करेंगे।
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